ज्योतिष शास्त्र में शनि को कर्मफल दाता कहा गया है. व्यक्ति जो भी कर्म करता है, उसके आधार पर ही शनि देव परिणाम देते हैं. अच्छे कर्मों का फल हो या गलतियों की सजा दोनों का निर्धारण शनि ही करते हैं. इसी कारण कुछ लोगों के मन में शनि को लेकर भय भी बना रहता है. ऐसे में शनि की कृपा प्राप्त करने के लिए जप, तप और दान का विशेष महत्व गया है. कहते हैं कि इससे शनि की पीड़ा का प्रभाव कम हो सकता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि शनि का दान किसी भी व्यक्ति के हाथों में देना फलदायी नहीं होता है. ज्योतिषाचार्य शैलेंद्र पांडेय के अनुसार, चार तरह के लोगों को कभी शनि का दान नहीं देना चाहिए.
किन्हें करना चाहिए शनि का दान?
शनि से जुड़ा दान समाज के कमजोर, निर्धन और वंचित वर्ग को देना सबसे उत्तम माना गया है. इसके अलावा, सामाजिक या आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति को भी दान दिया जा सकता है. प्रकाश का दान अंधकार से ग्रस्त व्यक्ति को करना चाहिए. जबकि छाया दान किसी महिला को देना अधिक शुभ फल देता है.
इन 4 लोगों को कभी न दें शनि का दान
जिन लोगों की कुंडली में शनि शुभ फल देने वाला हो, उन्हें कभी दान नहीं देना चाहिए. जिन लोगों का जीवन और कार्यक्षेत्र शनि से जुड़ा हो- जैसे कि लोहे, कोयला, पेट्रोल या काले रंग से संबंधित व्यवसाय करने वालों को भी शनि का दान नहीं देना चाहिए. इसके अलावा वृष, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि दान निषेध माना गया है. किसी के दबाव में या मन से न चाहकर किया गया शनि दान भी फलदायी नहीं होता है.
शनि की कृपा पाने के लिए कौन सा दान करें?
यदि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं तो छाया दान करना लाभकारी माना गया है. आर्थिक तंगी या धन संबंधी परेशानियों से राहत के लिए शनिवार को काले वस्त्रों का दान करना शुभ होता है. दुर्घटनाओं से सुरक्षा के लिए शनिवार को काले चने या काली उड़द की दाल का दान करना उत्तम होता है. बदनामी या अपयश से बचने के लिए प्रकाश का दान करें. रोजगार और कामकाज से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए लोहे की वस्तुओं का दान करना शुभ होता है.