मध्य प्रदेश सरकार के अफसरों और कर्मचारियों पर कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में हर अधिकारी-कर्मचारी खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक (RSS) का बताने की कोशिश करता है.
भोपाल में कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ''हम सरकार में हैं और जो भी अधिकारी आता है, वो कहता है- 'सर, मैं शाजापुर में था तो माखन सिंह जी जो शाखा लगाते थे, मैं उसमे जाता था.' हमारी सरकार में जो भी अधिकारी आता है, कहता है, 'मैंने भी पट्टी बांधी है, मैंने भी बेल्ट बांधी है, चड्डी पहनी है.' हर अधिकारी, हर कर्मचारी ऐसा सोचता है. सरकार आने के बाद सब संघ के हो गए. हर अधिकारी संघ का हो गया.
एक अधिकारी ने मुझसे कहा कि मेरे पिताजी शाखा में जाते थे. दूसरे अधिकारी ने कहा कि मेरे पिताजी शाखा के अध्यक्ष थे. अध्यक्ष तो होते नहीं हैं, खैर... अब अपने-अपने तरीके से बहुत भीड़ हो गई है. इस भीड़ में अच्छे इंसानों की कमी होती जा रही है. संगठन बढ़ रहा है, कहने के लिए विचारधारा भी बढ़ रही है. लेकिन अगर अच्छे इंसान नहीं होंगे, तो इस विचारधारा का महत्व क्या है? इस पर चिंतन और मनन करना चाहिए.'' देखें VIDEO:-
यह भी पढ़ें: 'मुस्लिम भाई हमें काफिर बोलते हैं, तो हमारी बनाई सड़क पर मत चलो', कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर मचा बवाल
इससे पहले विजयवर्गीय तब चर्चा में आए थे, जब उन्होंने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि अगर कुछ मुसलमान दूसरे धर्मों के जन-प्रतिनिधियों को 'काफिर' कहते हैं, तो उन्हें उनके बनाए रास्तों पर नहीं चलना चाहिए और 'लाड़ली बहना योजना' जैसी योजनाओं का फायदा नहीं उठाना चाहिए.
इंदौर में अपने चुनाव क्षेत्र में कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए कैलाश ने कहा था, "अगर हम काफिर हैं और लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजनाओं का पैसा आपके घर आ रहा है, तो उसे मत लीजिए." मंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने कभी किसी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं किया है.