गणेश चतुर्थी का पावन पर्व गणपति बप्पा के स्वागत और उनकी प्रिय मिठाइयों के बिना अधूरा माना जाता है. बप्पा के सबसे पसंदीदा भोगों में से एक है पारंपरिक उकडिचे मोदक (भाप से पके हुए मोदक). चावल के उबले हुए नर्म आटे की परत में ताजे कद्दूकस किए नारियल और ऑर्गेनिक गुड़ का मीठा मिश्रण भरकर यह पारंपरिक पकवान तैयार किया जाता है. अगर आप भी इस गणेशोत्सव बप्पा को प्रसन्न करने के लिए घर पर ही शुद्ध और स्वादिष्ट मोदक बनाना चाहते हैं तो यह आसान रेसिपी आपके काम आ सकती है.
सामग्री:
चावल का आटा - 1 कप
पानी - 1 कप
ताजा कसा हुआ नारियल - 1.5 कप
गुड़ (कद्दूकस किया हुआ) - 1 कप
हरी इलायची पाउडर - 1/2 छोटा चम्मच
खसखस - 1 छोटा चम्मच
जायफल पाउडर - एक चुटकी
घी - 2 छोटे चम्मच
चुटकी भर नमक
बनाने की विधि:
स्टफिंग तैयार करें: एक पैन में 1 चम्मच घी गरम करें. इसमें खसखस, कसा हुआ नारियल और गुड़ डालें. मध्यम आंच पर गुड़ पिघलने तक 4-5 मिनट पकाएं. फिर इलायची और जायफल पाउडर मिलाकर गैस बंद कर दें और मिश्रण ठंडा होने दें.
आटा तैयार करें: एक दूसरे बर्तन में 1 कप पानी, 1 चम्मच घी और चुटकी भर नमक डालकर उबालें. उबाल आने पर आंच धीमी करें और चावल का आटा डालकर अच्छी तरह मिलाएं. बर्तन को ढककर 3-4 मिनट तक भाप में पकने दें.
आटा गूंथना: गैस बंद करके आटे को थोड़ा गुनगुना होने दें. अब हाथों में थोड़ा सा पानी या घी लगाकर आटे को मसल-मसलकर एकदम चिकना और सॉफ्ट आटा गूंथ लें.
मोदक का आकार देना: आटे की छोटी लोई लें और उंगलियों की मदद से कटोरी जैसा फैलाएं. इसके किनारों पर चुन्नट (कली) बनाएं. बीच में नारियल-गुड़ की स्टफिंग भरें और कलियों को ऊपर लाकर आपस में जोड़कर बंद कर दें.
स्टीम करना: मोदक स्टीमर की छलनी पर गीला सूती कपड़ा या केले का पत्ता बिछाएं. उस पर मोदक रखें और 10 से 12 मिनट के लिए भाप में पकाएं. ऊपर से थोड़ा सा केसर वाला दूध या देसी घी डालकर बप्पा को भोग लगाएं.