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PG छोड़ कॉलेज में जमीन पर डाल ल‍िया गद्दा... जान‍िए सत्य न‍िकेतन हादसे से डरे छात्रों की आपबीती

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने के दो दिन बाद भी छात्रों में डर देखा जा रहा है और यही वजह है कि बच्चे इलाके को खाली कर रहे हैं और कहीं और शिफ्ट हो रहे हैं. कुछ छात्र तो कॉलेज के क्लासेस में भी रात बिताने को मजबूर हैं. 

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खाली कर रहे पीजी, सुरक्षित जगह की तलाश.
खाली कर रहे पीजी, सुरक्षित जगह की तलाश.

सत्य निकेतन में हुए सादसे ने हर किसी को अंदर से झकझोर दिया है. छात्र और उनके माता-पिता में अब भी डरे हुए हैं. हादसे के अगल-बगल रहने वाले छात्र भी अपने-अपने पीजी खाली कर रहे हैं और सुरक्षित जगहों की तलाश में हैं. कुछ छात्र अपने परिवार के पास जा रहे हैं , तो कुछ कॉलेज में अपनी रातें गुजार रहे हैं. डर के बीच भी वह अपनी आवाज उठाने से पीछे नहीं हट रहे हैं, वह कॉलेज प्रशासन से हॉस्टल को लेकर सवाल भी कर रहे हैं लेकिन इस हादसे ने कॉलेज की एक पुरानी परेशानी को एक बार फिर सामने ला दिया है. चलिए जानते हैं छात्रों का संघर्ष. 

जान बचाने के लिए संघर्ष 

हादसे के बाद आरपास के पीजी में रहने वाले छात्रों की चिंता बढ़ गई है जिसकी वजह से छात्र अब पीजी छोड़ रहे हैं और सुरक्षित जगहों का रुख कर रहे हैं. बातचीत में वहां के पीजी में रहने वाले छात्रों ने अपने दुख को बयां करते हुए कहा कि यहां पर रहने में सुरक्षित महसूस नहीं हो रहा है  इसलिए हम इस जगह को छोड़ रहे हैं. 

करोड़ों का बजट फिर भी पीजी माफियो के भरोसे छात्र. (Photo Credit: Sanjay Kumar)

कॉलेजों में रात बिताने को मजबूर छात्र 

वहीं, सत्य निकेतन में रहने वाले अन्य छात्रों के सामने रहने की परेशानी खड़ी हो गई है. कई छात्र रात बिताने के लिए अपने कॉलेज का रुख कर रहे हैं. वह जमीन पर गद्दा बिछा कर सो रहे हैं. 

दूसरी बिल्डिंग को भी कराया जा रहा खाली 

इसके साथ ही इलाके में अन्य पीजी या किराए के मकान को खाली कराने का काम किया जा रहा है. कुछ तो डर की वजह से खाली हो रही और कुछ की स्थिति रहने लायक नहीं है. वहां पर मौजूद कई इमारतों को असुरक्षित बताया जा रहा है, जिसकेी वजह से लोग अपनी जान बचाने के लिए वहां से जा रहे हैं. 

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(Photo Credit: Sanjay Kumar)

क्या कह रहे हैं छात्र? 

हादसे के बाद इमारतों को लेकर छात्र तरह-तरह के खुलासे कर रहे हैं. उनका कहना है कि कमरों का किराया बहुत होता है लेकिन कमरों में वेंटिलेशन की सुविधा भी नहीं होती है. पूरे-पूरे दिन लाइट नहीं आती है. पानी की समस्या होती ही रहती है.

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