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Palak Dal Dhokli Recipe: लंच में बनाएं गुजरात की पालक दाल ढोकली, 2 चम्मच बेसन बढ़ाएगा स्वाद, नोट करें आसान रेसिपी

दाल, चावल, रोटी और सब्जी खाने का कभी मन नहीं करता है और ना ही बनाने का इच्छा होती है. ऐसे में आप गुजराती पालक की दाल ढोकली बना सकते हैं, जिसका स्वाद कमाल होता है और इसे बनाने में भी कुछ ही समय लगता है. जानें आसान रेसिपी.

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पालक से बॉडी को पोषण मिलता है. (PHOTO:AI)
पालक से बॉडी को पोषण मिलता है. (PHOTO:AI)

Gujarati Palak Dal Dhokli Recipe: रोटी-सब्जी रोज-रोज खाकर मन उब जाता है और कभी-कभी मन करता है कि कुछ ऐसा मिल जाए, जिसे बनाने में ज्यादा समय ना लगे. अगर आप भी टेस्टी के साथ झटपट बनने वाली रेसिपी की तलाश में हैं तो आप एक बार घर पर गुजरात की मोस्ट पॉपुलर डिश दाल ढोकली बना सकते हैं. सिंपल दाल नहीं इसे आप कई तरीके से बना सकते हैं और आज हम आपको पालक की दाल ढोकली की रेसिपी बताने वाले हैं. 

पालक हमारी सेहत के लिए भी अच्छा होता है, लेकिन हरी सब्जी का नाम सुनते ही बच्चों का मुंह भी बनने लगता है. ऐसे में आप पालक की दाल ढोकली बनाकर उनको खिला सकते हैं, जिसका स्वाद हटकर होता है और बच्चे भी इसे खुशी-खुशी खा लेते हैं.

गुजराती दाल में आने वाली हल्की मिठास और खटास इसे बाकी दालों से बिल्कुल अलग स्वाद देती है. खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत या अलग-अलग सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. आइए हम आपको पालक की दाल ढोकली बनाने का आसान तरीका बताते हैं.

पालक दाल ढोकली बनाने के लिए सामग्री

दाल के लिए

  • 1 कप तुअर दाल (अरहर दाल), उबली हुई
  • 1 से 1.5 कप बारीक कटा पालक
  • 1 बारीक कटा टमाटर
  • 2 बड़े चम्मच मूंगफली
  • 1 छोटा चम्मच गुड़
  • 1 छोटा चम्मच इमली का पल्प
  • 1/2 छोटा चम्मच हल्दी
  • 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
  • 1 छोटा चम्मच धनिया-जीरा पाउडर
  • नमक स्वादानुसार

तड़के के लिए

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  • 1 से 2 छोटे चम्मच घी या तेल
  • 1/2 छोटा चम्मच राई
  • 1/2 छोटा चम्मच जीरा
  • चुटकीभर हींग
  • 6-7 करी पत्ते
  • 1 सूखी लाल मिर्च
  • 1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट

ढोकली के लिए

  • 1 कप गेहूं का आटा
  • 2 बड़े चम्मच बेसन
  • 1/2 छोटा चम्मच अजवाइन
  • चुटकीभर हल्दी
  • चुटकीभर लाल मिर्च
  • चुटकीभर हींग
  • नमक स्वादानुसार
  • 1 छोटा चम्मच तेल या घी

पालक दाल ढोकली बनाने का तरीका

सबसे पहले तैयार करें ढोकली का आटा: एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा, बेसन, अजवाइन, हल्दी, लाल मिर्च, हींग और नमक डालें. इसमें एक छोटा चम्मच तेल या घी डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें. अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए हल्का टाइट आटा गूंथें. आटा बहुत नरम न रखें. इसे 10 से 15 मिनट के लिए ढककर रख दें.

ढोकली को दें शेप: आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें पतली रोटी की तरह बेल लें. अब चाकू से रोटी को छोटे चौकोर या डायमंड शेप के टुकड़ों में काट लें. शेप को आप अपने बच्चों के हिसाब से भी रख सकते हैं, ताकि वो खुशी से पालक दाल ढोकली खा ले. इसी तरह सारी ढोकली तैयार करके एक प्लेट में रख लें.

तैयार करें पालक वाली दाल: उबली हुई तुअर यानी अरहर की दाल को अच्छी तरह फेंट लें ताकि उसमें गांठें न रहें. अब इसमें बारीक कटा पालक, हल्दी और नमक डालकर एक उबाल आने तक पकाएं. 

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गुजराती स्वाद वाला तड़का लगाएं: अब एक कड़ाही में घी या तेल गर्म करें. इसमें राई और जीरा डालें. इनके चटकने के बाद हींग, करी पत्ता, सूखी लाल मिर्च और अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर कुछ सेकंड भूनें. इसके बाद कटे हुए टमाटर डालें. हल्दी, लाल मिर्च और धनिया-जीरा पाउडर डालकर टमाटर के नरम होने तक पकाएं.

अब दाल में डालें ढोकली: तैयार तड़के में पालक वाली दाल डालें और इस टाइम ही जरूरत के मुताबिक थोड़ा गर्म पानी मिलाए दें. दाल में उबाल आने दें. अब इसमें गुड़, कोकम या इमली का पल्प और उबली हुई मूंगफली डालें. इससे दाल में गुजराती स्टाइल का हल्का मीठा-खट्टा स्वाद आएगा. अब उबलती हुई दाल में ढोकली के टुकड़े एक-एक करके डालें. सभी ढोकली डालने के बाद फ्लेम स्लो कर दें.

स्लो फ्लेम पर पकाएं: बर्तन को ढककर करीब 10 से 12 मिनट तक पकाएं. बीच-बीच में इसे हल्के हाथ से चलाते रहें ताकि ढोकली बर्तन के तले में चिपके नहीं. जब ढोकली गल जाए और दाल गाढ़ी हो जाए तो गैस बंद कर दें. 

ऐसे करें सर्व

गुजराती स्टाइल पालक दाल में आखिर में ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालें और एक चम्मच गर्म घी भी डालकर गार्निश कर दें. पालक दाल ढोकली के साथ आप पापड़, चटनी और अचार खा सकते हैं, क्योंकि वन पॉट डिश होती है, इसलिए इसे खाने से ही पेट भर जाता है और पोषण भी मिलता है. 

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प्रो टिप: ढोकली डालने से पहले दाल को थोड़ा पतला रखें, क्योंकि पकते समय ढोकली दाल को सोखती है और दाल की कंसिस्टेंसी गाढ़ी हो जाती है. इसलिए पानी की मात्रा थोड़ी ज्यादा रखनी चाहिए, क्योंकि ढोकली के लगने के बाद पानी थोड़ा कम हो जाता है और ग्रेवी गाढ़ी  हो जाती है. 

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