आम, नींबू, मिर्च और गाजर का अचार तो आपने कई बार खाया होगा, लेकिन क्या कभी आपने कमल ककड़ी का अचार ट्राई किया है. कमल ककड़ी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होती है और इसका क्रंची स्वाद अचार में बहुत ही लाजवाब लगता है.
अगर आप पारंपरिक स्वाद के शौकीन हैं और दाल-चावल या पराठों के साथ कुछ हटकर और चटपटा खाना चाहते हैं तो कमल ककड़ी का यह मसालेदार अचार सबसे बेहतरीन विकल्प है. सही मसालों का मेल और इसे धूप दिखाने या स्टोर करने की सही मास्टर ट्रिक अपनाकर आप इसे महीनों तक सुरक्षित रख सकते हैं. आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान विधि.
सामग्री:
500 ग्राम कमल ककड़ी
4 बड़े चम्मच पीली या काली राई (दरदरे पिसी हुई)
2 बड़े चम्मच सौंफ (दरदरी पिसी हुई)
1 छोटा चम्मच मेथी दाना पाउडर
1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
2 बड़े चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर (सुंदर रंग के लिए)
1 छोटा चम्मच कलौंजी
1/2 छोटा चम्मच हींग
स्वादानुसार काला नमक और सादा नमक
2 बड़े चम्मच सिरका (प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव के रूप में)
1.5 कप शुद्ध सरसों का तेल
बनाने की शॉर्ट विधि:
कमल ककड़ी उबालने और काटने की ट्रिक (मास्टर हैक): कमल ककड़ी को अच्छे से धोकर छील लें और गोल-गोल टुकड़ों में काट लें. इन्हें एक बर्तन में पानी और थोड़ा सा सिरका या नमक डालकर 5-7 मिनट तक उबाल लें (ध्यान रखें ज्यादा सॉफ्ट न हो, हल्का क्रंच रहना चाहिए). उबालने के बाद इन्हें सूती कपड़े पर फैलाकर 2 घंटे धूप में या पंखे के नीचे पूरी तरह सुखा लें ताकि नमी बिल्कुल न रहे.
सरसों का तेल गर्म करें: एक कड़ाही में सरसों के तेल को तब तक गर्म करें जब तक उससे धुआं न निकलने लगे. फिर गैस बंद करके तेल को हल्का गुनगुना (कमरे के तापमान पर) होने दें.
मसाले मिलाएं: एक बड़े बर्तन में सूखी हुई कमल ककड़ी डालें. इसमें राई, सौंफ, मेथी पाउडर, कलौंजी, हल्दी, लाल मिर्च, हींग, दोनों तरह के नमक और सिरका मिलाएं.
तेल और जार में भरना: अब इसमें गुनगुना सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं ताकि सारे मसाले कमल ककड़ी पर अच्छी तरह लिपट जाएं.
स्टोर करने का तरीका: अचार को पूरी तरह ठंडा होने के बाद एक साफ और सूखे कांच के एयर-टाइट जार में भर दें. ऊपर से थोड़ा सा सरसों का तेल और डाल दें. 2-3 दिन धूप दिखाने के बाद यह अचार खाने के लिए बिल्कुल तैयार हो जाएगा!