तीज, त्योहार या कोई भी शुभ अवसर हो, पारंपरिक मिठाइयों के बिना हर जश्न अधूरा सा लगता है और कल तो रक्षाबंधन है. रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाइयों, मायके और रिश्तेदारों के घर तरह-तरह की मिठाई लेकर जाती हैं लेकिन अगर आप इस बार बाजार के मिलावटी लड्डू और पेड़ों को छोड़कर घर पर ही कुछ बेहद शुद्ध, शाही और सोंधे स्वाद वाला मीठा बनाना चाहते हैं तो गेहूं के आटे और सूखे मेवों से बना शाही चूरमा सबसे बेहतरीन विकल्प है. राजस्थान का यह पारंपरिक व्यंजन देसी घी में तले हुए आटे की मुठिया, गुड़ या बूरा की मिठास और भुने हुए ड्राई फ्रूट्स के मेल से तैयार होता है.
अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि घर पर बना चूरमा चिपकने लगता है या बहुत ज्यादा सूखा हो जाता है लेकिन सही मोयन और मिक्सी/छलनी की ट्रिक से यह एकदम मोतियों की तरह खिला-खिला और दानेदार बनता है. आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान विधि.
सामग्री (Ingredients)
गेहूं का आटा (हल्का दरदरा) - 2 कप
सूजी (रवा) - 1/2 कप (खिला-खिला बनाने के लिए)
देसी घी - 1/2 कप (आटे में मोयन के लिए) + 4 बड़े चम्मच (ऊपर से मिलाने के लिए)
तलने के लिए - देसी घी या तेल
पिसी हुई चीनी या बूरा / गुड़ का पाउडर - 1.5 कप (स्वादानुसार)
काजू, बादाम और पिस्ता (बारीक कटे हुए) - 1/2 कप
किशमिश - 2 बड़े चम्मच
हरी इलायची पाउडर - 1/2 छोटा चम्मच
जायफल पाउडर - 1/4 छोटा चम्मच (शाही खुशबू के लिए)
केसर के धागे - 8-10 (1 चम्मच गर्म दूध में भीगे हुए)
दूध या गुनगुना पानी - आटा गूंथने के लिए
बनाने का तरीका
एक परात में गेहूं का आटा, सूजी और 1/2 कप पिघला हुआ देसी घी डालें. दोनों हाथों से आटे और घी को अच्छे से मसलें ताकि मोयन मुट्ठी में बांधने लायक हो जाए. अब थोड़ा-थोड़ा गुनगुना दूध या पानी डालते हुए बेहद सख्त आटा गूंथ लें.
गूंथे हुए आटे से नींबू के आकार की लोइयां लें और अपनी उंगलियों से दबाते हुए लंबे आकार की मुठिया तैयार कर लें. उंगलियों के निशान बनने से मुठिया अंदर तक अच्छे से सिकती है.
कड़ाही में देसी घी गरम करें. मुठिया को धीमी से मध्यम आंच पर 10-12 मिनट तक हल्का सुनहरा और क्रिस्पी होने तक तलें ताकि अंदर से कच्चापन न रहे. फिर इन्हें निकालकर ठंडा होने दें.
जब मुठिया ठंडी हो जाएं, तो इन्हें हाथों से छोटे टुकड़ों में तोड़ लें. अब इन्हें मिक्सी के जार में डालकर पल्स मोड पर (रुक-रुक कर) 1-2 बार दरदरा पीस लें. पिसे हुए मिश्रण को मोटे छेदों वाली छलनी से छान लें ताकि एक समान दानेदार टेक्सचर मिले.
एक छोटी कड़ाही में 1 चम्मच घी गरम करें. इसमें कटे हुए काजू, बादाम, पिस्ता और किशमिश डालकर हल्का सा सुनहरा भून लें.
दरदरे पिसे हुए चूरमे के मिश्रण में पिसी चीनी/बूरा, भुने हुए मेवे, इलायची पाउडर, जायफल पाउडर, केसर वाला दूध और 3-4 चम्मच गुनगुना देसी घी डालें.
सभी सामग्रियों को हाथों से अच्छे से मिलाएं. तैयार है आपका खुशबूदार, दानेदार और स्वादिष्ट शाही चूरमा. इसे भगवान के भोग में लगाएं और गरमा-गरम या ठंडा परोसें.