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रात में कुछ नहीं था, सुबह-सुबह ऊपर ट्रैक... नीचे सब-वे बनकर तैयार... लोग हैरान!

सुबह होने से पहले ऊपर रेलवे ट्रैक और नीचे सब-वे बनकर तैयार हो गया. जब सुबह-सुबह वस्त्रापुर इलाके के लोग वहां पहुंचे तो वो हैरान रह गए. सब-वे को देखकर स्थानीय लोग रेलवे की जमकर तारीफ कर रहे हैं. 

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केवल 7 घंटे में ही रेलवे ने बदल दी तस्वीर. (Photo: Indian Railways)
केवल 7 घंटे में ही रेलवे ने बदल दी तस्वीर. (Photo: Indian Railways)

सुबह-सुबह जब लोग पहुंचे तो, अचानक सब-वे देखकर हैरान हो गए. क्योंकि देर रात वहां कुछ नहीं था. दरअसल, चंद घंटों में रेलवे ने कमाल करके दिखाया है. अहमदाबाद के वस्त्रापुर इलाके में रेलवे ने रातो-रात सब-वे बना दिया. 25 और 26 अगस्त की मध्यरात्रि को एक खास ऑपरेशन के दौरान रेलवे की इंजीनियरिंग टीम ने न केवल एक मुश्किल पैदल सब-वे (Pedestrian Subway) के निर्माण कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया, बल्कि इसे निर्धारित समय से काफी पहले पूरा करके एक नया कीर्तिमान स्थापित किया. 

पश्चिम रेलवे की ओर से इस सब-वे को बनाने के लिए 8 घंटे के ट्रैफिक ब्लॉक की अनुमति दी गई थी. इतनी कम अवधि में खुदाई से लेकर तैयार ढांचे को स्थापित करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था. हालांकि, रेलवे इंजीनियरों और श्रमिकों की सटीक योजना और बेहतरीन तालमेल की बदौलत यह पूरी प्रक्रिया मात्र 7 घंटे 15 मिनट में पूरी कर ली गई. टीम ने समय की बचत करते हुए निर्धारित समय से 45 मिनट पहले ही सब-वे को जनता के हवाले कर दिया गया. रेलवे के लिए ये एक बड़ी उपलब्धि है.

समय सीमा से 45 मिनट पहले पूरा हुआ काम

इस परियोजना में हाईटेक टेक्नोलॉजी और फैक्ट्री-निर्मित कंक्रीट स्ट्रक्चर का उपयोग किया गया. सब-वे बनाने का बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया. ब्लॉक शुरू होते ही भारी मशीनरियों की मदद से निर्धारित पर फटाफट खुदाई की गई. सब-वे के ढांचे को टिकाने के लिए जमीन को समतल कर तुरंत मजबूत आधार तैयार किया गया.

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फैक्ट्री से बनकर आए विशाल प्रीकास्ट कंक्रीट ब्लॉकों को क्रेन की मदद से एक-एक करके सटीक स्थिति में स्थापित किया गया. उसके बाद सब-वे का ढांचा फिट होते ही मिट्टी की भराई की गई. फिर ट्रैक को सावधानी से दोबारा बिछा दिया गया, और सब काम नियम के तहत और सावधानी से किया गया. 

यह ऐतिहासिक उपलब्धि अहमदाबाद मंडल रेल प्रबंधक (DRM) वेद प्रकाश एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी प्रदीप गुप्ता के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन और निगरानी में हासिल हुई. अधिकारियों की मौजूदगी और निरंतर निगरानी ने पूरी टीम का हौसला बढ़ाया और इतने बड़े ऑपरेशन को बिना किसी सुरक्षा चूक के समय से पहले पूरा करना संभव बनाया. 

गौरतलब इस काम को पूरा करने के लिए 8 घंटे का वक्त निर्धारित किया गया था. लेकिन 7.15 घंटे में काम पूरा कर लिया गया. यानी सुबह होने से पहले ऊपर रेलवे ट्रैक और नीचे सब-वे बनकर तैयार हो गया. जब सुबह-सुबह वस्त्रापुर इलाके के लोग वहां पहुंचे तो वो हैरान रह गए. सब-वे को देखकर स्थानीय लोग रेलवे की जमकर तारीफ कर रहे हैं. 

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