Foods to Avoid in Heatwave: गर्मियों का पारा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है. जब बाहर तापमान 40°C से 45°C को छू रहा हो और गर्म हवाएं बदन को झुलसा रही हों, तो सिर्फ बाहर का मौसम ही नहीं, बल्कि हमारे शरीर का अंदरूनी सिस्टम भी उबलने लगता है. इस चिलचिलाती धूप में ऐसा लगता है मानो शरीर की पूरी एनर्जी ही निचोड़ ली गई हो.
ऐसे में सबसे ज्यादा मार हमारे पेट पर पड़ती है . आपने भी महसूस किया होगा कि इन दिनों कुछ भी भारी खाने का मन नहीं करता और जरा सी लापरवाही होते ही एसिडिटी, गैस और खट्टी डकारें परेशान करने लगती हैं.
गर्मी में पेट क्यों हो जाता है आउट ऑफ कंट्रोल?
आयुर्वेद के अनुसार, इस मौसम में सूरज की तपिश हमारे शरीर में पित्त दोष को बढ़ा देती है. जब बाहर का तापमान बढ़ता है, तो हमारे शरीर का डाइजेशन धीमा हो जाता है. यही वजह है कि गर्मियों में हमारा डाइजेस्टिव सिस्टम थोड़ा सुस्त पड़ जाता है और पेट में जलन या अपच जैसी दिक्कतें आम हो जाती हैं.
ऐसे में हम अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में थोड़ा सा बदलाव कर लें, तो इस तपती गर्मी में भी अपने पेट को कूल-कूल रख सकते हैं. आज हम आपको ऐसी ही 5 चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिनका सेवन गर्मियों में भूलकर भी ज्यादा नहीं करना चाहिए.
अत्यधिक मसालेदार और तला-भुना खाना
आजकल लोग ज्यादा मसालेदार और बाहर का जंक फूड खाते हैं, जो हमारी हेल्थ के लिए बिल्कुल फायदेमंद नहीं होते हैं. खासकर गर्मियों में समोसे, पकौड़े, चाट, ज्यादा लाल मिर्च और गरम मसाले वाले खाने से दूरी बना लेनी चाहिए. मसालों की तासीर गर्म होती है, जो पेट में जाते ही एसिड के लेवल को बढ़ा देती है. इससे पेट में जलन और मरोड़ की समस्या शुरू हो जाती है.
चाय और कॉफी (कैफीन)
भारतीय लोगों की सुबह की शुरुआत भले ही चाय या कॉफी से होती हो, लेकिन गर्मियों में इसका अधिक सेवन पेट के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. कैफीन शरीर को डिहाइड्रेट करता है और पेट में एसिडिटी को ट्रिगर करता है, जिससे पेट की गर्मी अचानक बढ़ जाती है. इसलिए इस मौसम में आप चाय या कॉफी की जगह छाछ या लस्सी पी सकते हैं.
ड्राई फ्रूट्स (सूखे मेवे)
बादाम, अखरोट, काजू और किशमिश सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं, लेकिन इनकी तासीर काफी गर्म होती है. इसलिए इनको सर्दियों में खाने की सलाह एक्सपर्ट भी देते हैं. गर्मियों में इन्हें बिना भिगोए या बहुत ज्यादा मात्रा में खाने से पेट में गर्मी, दाने और डाइजेशन से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं. अगर खाना ही है, तो रातभर पानी में भिगोकर बेहद सीमित मात्रा में ही खाएं.
रेड मीट और हैवी प्रोटीन
मटन, चिकन या ज्यादा ऑयली फिश को डाइजेस्ट करने के लिए हमारे शरीर को बहुत ज्यादा एनर्जी और मेटाबॉलिक हीट पैदा करनी पड़ती है. इसलिए गर्मी के मौसम में भारी नॉन-वेज खाने से हमारा डाइजेस्टिव सिस्टम स्लो हो जाता है, जिससे पेट भारी रहता है और शरीर का तापमान भी बढ़ जाता है.
ज्यादा आम का सेवन
आम को फलों का राजा कहा जाता है और गर्मी में इसे लोग खूब खाते हैं. मगर लोग इस बात से अनजान हैं कि पके हुए आम की तासीर गर्म होती है, इसलिए गर्मियों में हद से ज्यादा आम खाने या चीनी से भरपूर मैंगो शेक पीने से पेट में गर्मी बढ़ सकती है. इसके कारण चेहरे पर पिंपल्स या शरीर पर घमौरियां भी निकल जाती हैं, इसलिए जितना हो गर्मी में पके हुए आम सीमित मात्रा में ही खाने चाहिए.
पेट को ठंडा रखने के लिए अपनी डाइट में छाछ, नारियल पानी, खीरा, तरबूज, पुदीना और सौंफ के पानी को शामिल करें. हल्का और जल्दी पचने वाली चीजें ही गर्मियों में स्वस्थ रहने की असली कुंजी है.
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य जानकारी और एक्सपर्ट्स की राय पर आधारित है. इसे किसी भी तरह की मेडिकल सलाह या इलाज का विकल्प न समझें.)