ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के हवाले से एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसके मुताबिक बोरिस ने भारत के पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू और वर्तमान पीएम नरेंद्र मोदी की तुलना करते हुए मोदी को शॉर्टकट तलाशने वाला व्यक्ति बताया.
एक पोस्टकार्ड पर लिखा हुआ ये पूरा बयान है- “नेहरू में साहस था, मोदी शॉर्टकट तलाशते हैं. नेहरू दूरदर्शी थे, मोदी के सामने समर्पण दिखता है. बोरिस जॉनसन के मुताबिक, 1952 में नेहरू ने कहा था कि भारत हमेशा रूस के साथ रहेगा. आज रूस-वेनजुएला व्यापार, UPI, ईरान और युद्धविराम तक में अमेरिकी दबाव! मोदी भारत के लिए आपदा हैं.- बोरिस जॉनसन, पूर्व इंग्लैंड प्रधानमंत्री.”
दरअसल, बोरिस जॉनसन 21 और 22 अगस्त को दिल्ली में आयोजित 'द इकोनॉमिक टाइम्स' के कार्यक्रम 'वर्ल्ड लीडर्स फोरम' में शामिल हुए थे. यहां उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध, होर्मुज संकट, और भारत-ब्रिटेन संबंधों सहित कई मुद्दों पर बात की थी. इसी संदर्भ में ये पोस्टकार्ड शेयर किया जा रहा है.
एक एक्स यूजर ने इसे शेयर करते हुए लिखा, "अंधभक्तों! ई का कह रहा है जनसनवा? विषगुरू का डंकवा क्यों फाड़ दिया."

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि बोरिस जॉनसन ने न तो जवाहरलाल नेहरू और नरेंद्र मोदी की तुलना की है और न ही मोदी की आलोचना की है. अपने हालिया भारत दौरे के दौरान उन्होंने नेहरू से जुड़े एक वाकये का जिक्र जरूर किया था.
कैसे पता चली सच्चाई?
अगर बोरिस जॉनसन ने सचमुच पीएम मोदी के बारे में ऐसी कोई टिप्पणी की होती, तो इसके बारे में हर जगह खबरें छपी होतीं, लेकिन हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली.
'द इकोनॉमिक टाइम्स डिजिटल' के यूट्यूब चैनल पर 22 अगस्त को 'वर्ल्ड लीडर्स फोरम' का वो वीडियो अपलोड किया गया था, जिसमें बोरिस जॉनसन से बातचीत की गई है. इसमें तकरीबन 30 मिनट 30 सेकेंड पर रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े एक सवाल के जवाब में वो कहते हैं, "मैं इस बात का सम्मान करता हूं कि रूस को लेकर भारत का एक विशेष रुख है. इस विषय पर मेरी, आपके महान प्रधानमंत्री से कई बार बात हो चुकी है. एक बार मेरी इंग्लैंड की स्वर्गीय महारानी से बात हो रही थी. मैंने उनसे पूछा कि भारत को रूस के खिलाफ रुख अपनाने के लिए आश्वस्त करना कितना मुश्किल है. जवाब में उन्होंने कहा कि मुझे 1952 में जवाहरलाल नेहरू से हुई वो बातचीत याद है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत हमेशा ही रूस की तरफ रहेगा. कुछ चीजें कभी नहीं बदलतीं. हमें ऐतिहासिक हकीकत को स्वीकार करना ही होगा. पर मुझे नहीं लगता कि ये युद्ध रूस पर दबाव डाले बिना खत्म होगा. मैं चाहता हूं कि भारत का यूके और यूएस के साथ सैन्य सहयोग बढ़े."
इस पूरे इंटरव्यू के दौरान बोरिस जॉनसन ने कहीं भी नरेंद्र मोदी की आलोचना या जवाहरलाल नेहरू से उनकी तुलना नहीं की है.
अपनी किताब में मोदी की तारीफ कर चुके हैं बोरिस
साल 2024 में बोरिस जॉनसन की किताब 'अनलीश्ड' प्रकाशित हुई थी जिसमें उन्होंने पीएम मोदी को चेंजमेकर नेता बताया है. खबरों के मुताबिक इस किताब में उन्होंने लिखा है कि जब वो मोदी से पहली बार मिले तो उन्हें एक अद्भुत ऊर्जा का एहसास हुआ.
साफ है, बोरिस जॉनसन के नाम पर वायरल हो रहे बयान का अधिकांश हिस्सा फर्जी और मनगढ़ंत है.