उत्तराखंड में कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है. कांग्रेस के सचिवालय कूच के बाद बीजेपी ने राहुल गांधी पर पलटवार किया है. बीजेपी ने देहरादून में राहुल गांधी की तस्वीर के साथ ‘बुद्धि शुद्धि’ का हवन किया.
बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अनुसूचित जाति का अपमान कर रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस पर भी दलित समाज को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया.
बीजेपी के इस कार्यक्रम में राहुल गांधी की तस्वीर रखी गई थी. हवन के दौरान उनके लिए ‘बुद्धि शुद्धि’ की बात कही गई. बीजेपी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी को सच्चाई समझनी चाहिए. उनका आरोप है कि कांग्रेस नेता हल्द्वानी के शुद्धिकरण कार्यक्रम को लेकर गलत बयान दे रहे हैं.
यह भी पढ़ें: 'खड़गे जी की जाति किसी को नहीं पता, धर्म विशेष के नारों की वजह से...', शुद्धिकरण विवाद पर CM धामी की सफाई
हल्द्वानी के शुद्धिकरण कार्यक्रम पर बढ़ा विवाद
दरअसल, हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद एक मैदान में कथित शुद्धीकरण कार्यक्रम हुआ था. इसी कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं. राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर बीजेपी और आरएसएस पर सवाल उठाए थे. उन्होंने इसे दलितों के साथ होने वाले छुआछूत से जोड़कर गंभीर आरोप लगाए थे.
इसके बाद हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई. शिकायत करने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि वह वाल्मीकि समाज से है. उसका कहना है कि मैदान में किया गया सफाई अभियान और धार्मिक कार्यक्रम किसी जाति या व्यक्ति के खिलाफ नहीं था. इसी आधार पर बीजेपी ने राहुल गांधी के बयानों पर सवाल उठाए हैं.
राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष और दर्जा राज्य मंत्री भगवत मकवाना ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं. उन्हें मंत्री का दर्जा मिला हुआ है. लेकिन अगर कोई मंत्री या नेता गलत काम करता है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए.
मकवाना ने कहा कि बीजेपी के किसी पदाधिकारी ने हल्द्वानी में हवन नहीं कराया था. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि वहां किसी नेता की तस्वीर लगाकर शुद्धिकरण नहीं किया गया था. इसके जवाब में बीजेपी ने देहरादून में राहुल गांधी की तस्वीर के साथ बुद्धि शुद्धि का हवन किया है.
कांग्रेस ने भी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
कांग्रेस ने बीजेपी के इस कदम का विरोध किया है. पार्टी ने 7 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकालने का ऐलान किया है. कांग्रेस की मांग है कि हल्द्वानी के मैदान में शुद्धिकरण कार्यक्रम करने वालों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हो. साथ ही राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर का विरोध किया जाएगा.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी इस मुद्दे पर विरोध जताया है. उन्होंने दिल्ली के रविदास मंदिर में मौन व्रत रखा. वहीं हल्द्वानी में कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया.
यह भी पढ़ें: राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में FIR, 'शुद्धिकरण यज्ञ' को दलित विरोधी बताने के मामले में कार्रवाई
बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस इस पूरे मामले को जाति से जोड़कर राजनीतिक मुद्दा बना रही है. पार्टी नेताओं ने राहुल गांधी के बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट की जांच की मांग भी की है. वहीं कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है.
हल्द्वानी के शुद्धिकरण कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बीजेपी और कांग्रेस के बीच बड़े राजनीतिक टकराव में बदल गया है. एफआईआर, विरोध प्रदर्शन और अब बुद्धि शुद्धि के हवन के बाद दोनों दलों के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है.