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बारिश और भूस्खलन से बहा मारकंडा नदी पर बना पुल, मदमहेश्वर मंदिर के पास फंसे 50 तीर्थयात्री

उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण गुरुवार को मारकंडा नदी पर बना एक अस्थायी लकड़ी का पुल बह गया. जिससे मदमहेश्वर मंदिर की यात्रा बाधित हो गई. साथ ही पुल के बह जाने से इलाके में रहने वाले स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों समेत 50 लोग फंस गए.

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बारिश और भूस्खलन से बहा मारकंडा नदी पर बना पुल,
बारिश और भूस्खलन से बहा मारकंडा नदी पर बना पुल,

उत्तराखंड में बीते दिनों से बारिश और भूस्खलन के कारण मदमहेश्वर मंदिर जाने वाली यात्रा को बंद कर दिया. गुरुवार के इलाके में भारी बारिश और भूस्खलन के चलते मदमहेश्वर मंदिर के पास कम से कम 50 तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोग फंसे हुए हैं.

एक अधिकारियों के अनुसार, इलाके में लगातार बारिश के बीच मारकंडा नदी पर बना एक अस्थायी लकड़ी का पुल बह गया. जिससे मंदिर की यात्रा बाधित हो गई.

एडवाइजरी के बाद स्कूलों की छुट्टी का आदेश

इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को देहरादून और बागेश्वर के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया, जिसमें क्षेत्र में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया था.

एडवायजरी के बाद स्थानीय प्रशासन ने शहर के सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों को शुक्रवार (26 जुलाई) के लिए बंद करने का फैसला किया.

देहरादून डीएम के एक आदेश में कहा गया है कि जिले में आंधी और बिजली गिरने के साथ भारी बारिश के लिए एनडीएमए के राष्ट्रीय आपदा चेतावनी पोर्टल द्वारा जारी 'ऑरेंज' अलर्ट के मद्देनजर देहरादून में कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र शुक्रवार को बंद रहेंगे."

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यह निर्णय किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए किया गया था, क्योंकि "बारिश से जिले के कई क्षेत्रों में भूस्खलन की संभावना बढ़ जाती है."

पिछले साल भी हुआ था हादसा

वहीं, पिछले साल भी मदमहेश्वर मंदिर के ट्रैकिंग मार्ग पर रुद्रप्रयाग जिले में एक पुल ढह गया था. उस वक्त बचावकर्मियों ने मार्ग पर फंसे लगभग 300 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला था. मदमहेश्वर मंदिर उत्तराखंड में पंच केदार मंदिरों के ग्रुप का हिस्सा है जो 11 हजार 473 फीट की ऊंचाई पर स्थित है.

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