बिहार के दरभंगा में 29 जुलाई की रात दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में राहगीरों पर फायरिंग कर उन्हें घायल करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने मुख्य आरोपी के साथ उसके साथी को भी दबोचा है. दोनों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल पिस्टल और बाइक बरामद की गई है. दरभंगा सदर के एसडीपीओ-2 एस.के. सुमन ने पूरे मामले का खुलासा किया है.
एसडीपीओ-2 के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋषिकेश महतो और मनीष कुमार महतो के रूप में हुई है. दोनों दरभंगा जिले के रहने वाले हैं और उनके खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी ऋषिकेश महतो पहले हत्या के एक मामले में जेल भी जा चुका है.
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29 जुलाई की रात करीब साढ़े 10 से 11 बजे के बीच पुलिस को सूचना मिली थी कि बाइक पर सवार दो बदमाशों ने दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में राहगीरों पर गोली चला दी है. पहली घटना सिमरी थाना क्षेत्र में हुई, जबकि दूसरी वारदात मब्बी थाना इलाके में सामने आई. दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद उनकी जान बच गई.
CCTV और टेक्निकल सर्विलांस से मिली सफलता
दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक ही रात हुई फायरिंग की घटनाएं पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई थीं. इसके बाद पुलिस ने विशेष जांच शुरू की. घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और टेक्निकल सेल की भी मदद ली गई.
जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले ऋषिकेश महतो को गिरफ्तार किया. पूछताछ में मिली जानकारी के बाद उसके साथी मनीष कुमार महतो को भी दबोच लिया गया. मनीष की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल पिस्टल बरामद कर ली गई. पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त बाइक भी जब्त कर ली है.
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है. दोनों ने बताया कि घटना के समय उन्होंने नशीले पदार्थ का सेवन किया हुआ था. नशे की हालत में उन्होंने राहगीरों पर केवल इस वजह से फायरिंग कर दी क्योंकि लोगों ने उनकी बाइक को साइड देने में देर कर दी थी.
दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड
एसडीपीओ-2 एस.के. सुमन ने बताया कि दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है. मुख्य आरोपी ऋषिकेश महतो पहले भी हत्या के मामले में जेल जा चुका है, जबकि उसके साथी मनीष कुमार महतो के खिलाफ भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं.
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ 29 जुलाई की दोनों फायरिंग की घटनाओं का सफलतापूर्वक खुलासा हो गया है. मामले में बरामद हथियार और बाइक को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
दरभंगा पुलिस का कहना है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा. आम लोगों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.