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'राज' नाम की ID से चैटिंग, सुनसान बिल्डिंग में मुलाकात... Gay Dating App से 15 दिनों में 3 युवकों को बनाया शिकार

Surat Crime News: सूरत के वराछा में Gay Dating App से फंसाकर लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस ने 21 साल के दो युवकों और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया है. पढ़ें पूरी खबर...

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गे डेटिंग ऐप के जरिए चल रहा था खौफनाक खेल.(Photo: Representational)
गे डेटिंग ऐप के जरिए चल रहा था खौफनाक खेल.(Photo: Representational)

गुजरात के सूरत शहर में सोशल मीडिया और ऑनलाइन डेटिंग ऐप्स का दुरुपयोग कर भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाने और लूटपाट करने वाले एक शातिर गिरोह का वराछा पुलिस ने पर्दाफाश किया है. यह गिरोह POLO GAY DATING & CHAT ऐप के जरिए युवकों से संपर्क करता था और मिलने के बहाने सुनसान जगहों पर बुलाकर उनसे लूटपाट और मारपीट करता था.

वराछा पुलिस ने  महज कुछ ही घंटों के भीतर इस गिरोह के दो मुख्य आरोपियों 21 वर्षीय आकाश वर्मा उर्फ सुशांत और 21 वर्षीय सोमराज गामेती के साथ-साथ एक नाबालिग को हिरासत में ले लिया है.

'राज' बनकर फंसाते थे जाल में 
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य ऐप पर 'राज' नाम की फर्जी आईडी बनाकर अनजान लोगों से बातचीत शुरू करते थे. हाल ही में सूरत के लिंबायत इलाके में रहने वाले और फलों का रेहड़ी लगाने वाले एक युवक ने यह ऐप डाउनलोड किया था.

'राज' नाम की आईडी से दोस्ती बढ़ने के बाद आरोपी ने 28 जून को पीड़ित को वराछा स्थित 'ऑरेंज पार्क' की एक अंडर-कंस्ट्रक्शन  इमारत में दोपहर के समय मिलने बुलाया. पीड़ित जैसे ही वहां पहुंचा, पहले से घात लगाकर बैठे दो अन्य आरोपियों ने उसे घेर लिया.

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नकद-मोबाइल छीना और ट्रांसफर कराए पैसे
अंडर-कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग में पहुंचते ही आरोपियों ने पीड़ित युवक पर हमला कर दिया और उसकी जेब से नकद रुपये व मोबाइल फोन छीन लिया. इसके बाद आरोपियों ने चाकू या डर दिखाकर पीड़ित से गूगल पे के जरिए 1000 रुपये ऑनलाइन भी ट्रांसफर करवा लिए. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक को धमकी देकर मौके से फरार हो गए.

शुरुआत में बदनामी और डर के कारण पीड़ित ने पुलिस में शिकायत नहीं की, लेकिन परिवार वालों की हिम्मत मिलने के बाद उसने वराछा थाने में मामला दर्ज कराया.

पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
शिकायत मिलते ही वराछा पुलिस हरकत में आई. टेक्निकल सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और कुछ ही घंटों में आरोपियों को दबोच लिया.
 
15 दिनों में 3 शिकार 
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने पिछले 15 दिनों के भीतर दो अन्य लोगों को भी इसी तरह 'ऑरेंज पार्क' की निर्माणाधीन इमारत में बुलाकर उनसे मोबाइल और नकद राशि छीनी थी. पुलिस फिलहाल इस बात की गहन जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है.

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