सीबीएसई पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है. अब नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) भी छात्रों के समर्थन में आ गई है. एनएसयूआई ने शुक्रवार को छात्रों के साथ दिल्ली में उद्योग भवन के बाहर प्रदर्शन किया.
: Students protest outside CBSE office in , say, 'Students are suffering due to CBSE's mistakes.'
— ANI (@ANI)
प्रदर्शनकारी छात्र केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के घर तक मार्च निकाल रहे हैं. के प्रदर्शन को देखते हुए एचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर के घर के पास धारा 144 लगाकर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

प्रदर्शनकारियों ने सीबीएसई पेपर लीक को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. वहीं गुरुवार को क्राइम ब्रांच की टीम ने चार घंटे तक परीक्षा नियंत्रक से मामले की पूछताछ की. बोर्ड के पेपर लीक हुए तीन दिन हो चुके हैं लेकिन अभी तक ये पता नहीं चल पाया कि इस लीक कांड का मास्टर माइंड कौन है. दिल्ली पुलिस अब तक 60 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है, लेकिन लाखों छात्रों के गुनहगार के चेहरे से नकाब नहीं हटा पाई है.
सूत्रों के मुताबिक पेपर लीक होने के कई दिन पहले सीबीएसई को एक फैक्स और एक गुमनाम लिफाफा आया था. इन दोनों में राजिंदर नगर के एक स्कूल में पढ़ाने वाले ट्यूटर के बारे में लिखा था. हालांकि, इन दोनों ही बातों पर सीबीएसई ने गौर नहीं किया. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गूगल से उस मेल की तमाम जानकारी मांगी है, जिससे सीबीएसई को पेपर लीक की शिकायत मिली थी. कहां से वो मेल जनरेट हुआ था और कहां से वो मेल किया गया था.
: Crime Branch has sought reply from Google about the email that was sent to CBSE chairperson. A mail was sent to the chairperson from a Gmail ID with images of handwritten questions papers
— ANI (@ANI)
पेपर लीक कांड का असल मास्टरमाइंड आज नहीं तो कल पकड़ा ही जाएगा लेकिन गड़बड़झाले में ज्यादा गंभीर सवाल CBSE के तौर तरीकों पर उठ रहे हैं. दरअसल बोर्ड को पहले ही पता चल चुका था कि पेपर लीक हो गया है. लीक करने वालों ने पर्चे का हल CBSE को भेजकर खुली चुनौती भी दे दी थी लेकिन बोर्ड हाथ पर हात धरे बैठा रहा.