महाराष्ट्र के नांदेड़ में पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता सुखबीर सिंह बादल पर हमले से पंजाब समेत देश भर के लोग चकित हैं. बुधवार को दो बजे के करीब उनपर हमला हुआ है. उन्हें यशोसाईं हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार निहंगों ने उनपर कृपाण से हमला किया है.
सुखबीर सिंह बादल पर ये पहली बार हमला नहीं हुआ है. एक बार तो उन पर गोली चलाई गई थी तब वो बाल बाल बच गए थे.
4 दिसंबर 2024 को 64 वर्षीय सुखबीर सिंह बादल अमृतसर में हरमंदिर साहिब के मुख्य प्रवेश द्वार घंटाघर गेट पर बैठे सेवा कर रहे थे. पैरों में फ्रैक्चर के कारण वे व्हीलचेयर पर थे. वे नीली सेवादार वर्दी में, हाथ में भाला लिए और गले में तख्ती लगाए थे.
सुबह लगभग 9:05 बजे सुखबीर बादल अपनी जगह पर बैठ गए. उनके आसपास 20-25 लोग थे. जिनमें सेवादार, समर्थक और सुरक्षाकर्मी शामिल थे. लगभग 9:20 बजे हमलावर नारायण सिंह चौड़ा परिसर में दाखिल हुआ.
वह पास में पैर धोने के बहाने रुका.
यह भी पढ़ें: अकाली नेता और पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर बादल पर हमला, निहंग ने कृपाण से किया अटैक, VIDEO आया सामने
वह धीरे-धीरे सुखबीर बादल की ओर बढ़ा और लगभग 8 फीट की दूरी पर पहुंच गया. उसने अपनी जेब से 9 मिमी पिस्तौल निकाली और फायर करने की कोशिश की.
उसी पल सादे कपड़ों में तैनात पंजाब पुलिस के एएसआई जसबीर सिंह ने उनकी मंशा भांप ली. उन्होंने चौड़े का हाथ पकड़कर ऊपर की ओर धकेल दिए. लेकिन गोली चल गई, पर निशाना चूक गया और सुखबीर बादल के सिर से करीब 7-8 फीट ऊपर दीवार से टकराई.
मौके पर मौजूद एसजीपीसी के सेवादार और आसपास के लोग तुरंत हमलावर पर टूट पड़े. हमलावर को धर दबोचा गया और हथियार छीन लिया गया. इस दौरान कुछ लोगों ने उन्हें पीटा भी.
तन्खैया की सजा काट रहे थे बादल
सुखबीर बादल को श्री अकाल तख्त साहिब ने सुखबीर बादल को सजा सुनाई थी. और उन्हें गुरुद्वारे में सेवादारी करने, बर्तन धोने और पहरेदारी भी निर्देश दिया था. इसके अलावा उन्हें श्री दरबार साहिब में बने सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई भी करने को कहा गया था.
जत्थेदार श्री अकाल तख्त ने बादल और उनकी पार्टी के नेताओं पर 2007 से लेकर 2017 तक अकाली दल की सरकार के समय धार्मिक गलतियों पर सजा सुनाई थी.
सुखबीर बादल उस दिन यही सजा पूरी कर रहे थे.
इसके बाद सुखबीर बादल पर 13 अगस्त 2026 को भी हमला हुआ है.
कौन था हमलावर?
रिपोर्ट के अनुसार हमलावर की पहचान बब्बर खालसा इंटरनेशनल के पूर्व सदस्य के तौर पर की गई थी. उसके सीमा पार से भी संपर्क बताए गए थे. बताया जा रहा है कि वह 1984 में पाकिस्तान गया था और पंजाब में हथियारों और विस्फोटकों की स्मलिंग करता था. हमलावर ने कथित तौर पर गुरिल्ला युद्ध पर पर किताब भी लिखी है. वह बुड़ैल जेलब्रेक मामले में भी आरोपी था और पंजाब की जेल में सजा भी काट चुका है.