सुखबीर सिंह बादल (Sukhbir Singh Badal) पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री हैं और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष हैं (Sukhbir Singh Badal President of Shiromani Akali Dal).
13 अगस्त 2026 को निहंग ने सुखबीर सिंह बादल पर कृपाण से हमला किया. इस हमले उनके हाथ में चोट आई थी.
4 दिसंबर 2024 को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के बाहर भी उनपर एक जानलेवा हमला हुआ था. इस दौरान भी वह बाल-बाल बचे थे.
वह फिरोजपुर से संसद सदस्य भी रहे हैं. उन्होंने 2009 से 2017 तक पंजाब के उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया है. वह प्रकाश सिंह बादल के बेटे हैं, जो कई बार पंजाब के मुख्यमंत्री रह चुके हैं.
2 दिसंबर 2024 को पंजाब के सुखबीर सिंह बादल ने स्वीकार किया कि अकाली सरकार के दौरान डेरा प्रमुख राम रहीम को माफी दिलाने में उन्होंने भूमिका निभाई थी. सुखबीर बादल के मामले को लेकर अकाल तख्त में पांच सिंह साहिबानों की बैठक हुई, जिसमें उन्हें और शिरोमणि अकाली दल सरकार के दौरान अन्य कैबिनेट सदस्यों को धार्मिक दुराचार के आरोपों के लिए सजा सुनाई गई. इस मामले में सुखबीर बादल को अकाल तख्त ने सुनाई सजा, गोल्डन टेंपल में वॉशरूम-जूठे बर्तन साफ करने का आदेश दिया.
अक्टूबर 2024 में भी सुखबीर सिंह बादल को अकाल तख्त ने 'तनखैया' (धार्मिक दुराचार का दोषी) घोषित किया था.
सुखबीर बादल का जन्म 9 जुलाई 1962 को फरीदकोट में हुआ था (Sukhbir Singh Badal Age). उनकी मां का नाम सुरिंदर कौर है. उन्होंने द लॉरेंस स्कूल, सनावर से स्कूली शिक्षा प्राप्त की. इसके बाद, उन्होंने 1980 से 1984 तक पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से अर्थशास्त्र में एमए ऑनर्स किया और कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी, लॉस एंजिल्स से एमबीए पूरा किया (Sukhbir Singh Badal Education). उन्होंने 21 नवंबर 1991 को हरसिमरत कौर बादल से शादी की है (Married to Harsimrat Kaur Badal). वह 2009 से बठिंडा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से संसद सदस्य हैं.
सुखबीर सिंह बादल फरीदकोट का प्रतिनिधित्व करते हुए 11वीं और 12वीं लोकसभा के सदस्य थे. वह 1998 से 1999 के दौरान प्रधानमंत्री वाजपेयी के मंत्रिमंडल में उद्योग राज्य मंत्री थे. वे 2001 से 2004 के दौरान राज्यसभा के सदस्य भी थे. 2004 में, उन्हें 14वीं लोकसभा के लिए फरीदकोट से फिर से चुना गया. वह जनवरी 2008 में अकाली दल के अध्यक्ष बने. एक साल बाद जनवरी 2009 में, उन्होंने पंजाब के उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. 2012 के पंजाब चुनावों में अकाली दल-भाजपा ने संयुक्त रूप से जीत हासिल की और सुखबीर उपमुख्यमंत्री बने रहे. बादल 2019 में फिरोजपुर लोकसभा क्षेत्र के सदस्य संसद के रूप में चुने गए (Sukhbir Singh Badal Political Career).
अप्रैल 2015 में, मोगा जिले के गिल गांव के पास एक किशोर लड़की और उसकी मां को चलती बस से फेंक दिया गया जिसमें लड़की की मौत हो गई और उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई. बस का संचालन ऑर्बिट एविएशन कंपनी द्वारा किया जाता था, जिसमें बादल का भी शेयर था, लिहाजा वे बड़े विवाद में फंस गए. बाद में, खबर आई कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने लड़कियों के पिता को मुआवजे के रूप में ₹30 लाख दिए (Sukhbir Singh Badal Controversies).
उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @officeofssbadal है. उनके फेसबुक पेज का नाम Sukhbir Singh Badal है. वे इंस्टाग्राम पर sukhbir_singh_badal यूजरनेम से एक्टिव हैं.
2024 के लोकसभा चुनाव में बढ़े वोट शेयर के दम पर बीजेपी अब पंजाब में अकाली दल के सामने 'छोटे भाई' की भूमिका से बाहर निकलकर 55 सीटों की मांग कर रही है. दोनों दलों के बीच सीट-शेयरिंग और सीएम चेहरे को लेकर फंसा यह पेच ही 2027 के चुनाव से पहले गठबंधन की राह में सबसे बड़ी रुकावट बना हुआ है.
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के बीच पुराने संबंधों को फिर से बहाल करने की सियासी कवायद तेज हो गई है. राज्य में बदलती राजनीतिक परिस्थितियों, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को आधार बनाकर दोनों दल एक बार फिर से पंजाब का सियासी गेम बदलने की कवायद में है.
महाराष्ट्र के नांदेड़ में शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर 13 अगस्त को हमला हुआ. हरसिमरत कौर बादल ने हमले में इस्तेमाल धारदार हथियार और सुखबीर के जख्म की तस्वीरें साझा कीं.
क्या एक पुलिस इंस्पेक्टर की 1 सेकंड की फुर्ती किसी बड़ी अनहोनी को रोक सकती है? नांदेड़ में यही हुआ, जब माता साहिब गुरुद्वारे के बाहर निकलते वक्त सुखबीर बादल पर हमले की कोशिश हुई और इंस्पेक्टर संतोष वैजनाथ केंद्र बीच में ढाल बनकर खड़े हो गए. उनकी सतर्क नजर ने शॉल के नीचे छिपी कृपाण को पहले ही पकड़ लिया, वरना हालात और ज्यादा खतरनाक हो सकते थे.
राघव चड्ढा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अचानक हुई मुलाकात ने पंजाब की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. चड्ढा ने मुलाकात की तस्वीरें साझा कर इसे यादगार सुबह बताया. पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले हुई इस बैठक को अहम माना जा रहा है. इससे एक दिन पहले मोदी ने सुखबीर सिंह बादल से भी मुलाकात की थी, जिससे राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं.
अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा है कि सुखबीर सिंह बादल पर हुआ हमला बेहद चिंताजनक घटना है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता.
नांदेड में अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल पर हमले से पंजाब में सियासत गर्मा गई है. सुखबीर बादल पर ये हमला उस वक्त हुआ जब वो गुरुद्वारा माता साहिब कौर में माथा टेकने के लिए गए थे. वहीं नांदेड पुलिस ने हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है. इस हमले ने स्वर्ण मंदिर में सुखबीर बादल पर हुए हमले की यादों को ताजा कर दिया. देखें पंजाब आजतक.
नांदेड़ के गुरुद्वारा साहिब में शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर कृपाण से हमला हुआ. आरोपी जसपाल सिंह, जो दो साल से गुरुद्वारे में सेवादार था, को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले ने सियासत तेज कर दिया है. सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और विपक्षी कांग्रेस ने इस मामले को बेअदबी से जोड़कर अकालियों को भड़का दिया है. अकाली दल ने कहा है कि इस नैरेटिव से पार्टियां पंजाब जलाना चाहती हैं.
महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित गुरुद्वारा माता साहिब देवन जी मुकट के परिसर में निहंग वेशभूषा में आए एक व्यक्ति ने बादल पर कृपाण से हमला किया. बादल के हाथ में मामूली चोट आई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, हमले के पीछे की वजह या हमलावर की मंशा की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम रहे सुखबीर बादल पर पहली बार हमला नहीं हुआ है. लगभग डेढ़ साल पहले अमृतसर में उनपर हमला हुआ था. तब एक शख्स ने उनपर गोलियां चलाई थीं. हालांकि वो बाल बाल बच गए थे. आज निहंग ने उनपर हमला किया है.
महाराष्ट्र के नांदेड़ में पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर सिंह बादल पर एक गुरुद्वारे में हमला हुआ है. निहंग द्वारा कथित तौर पर कृपाण से किए गए हमले में उनके हाथ में चोट लगी. पुलिस ने संदिग्ध हमलावर को हिरासत में लिया है. घटना का वीडियो सामने आया है.
महाराष्ट्र के नांदेड़ से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर हमला हुआ है. घटना के तुरंत बाद उन्हें उपचार के लिए निकटतम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है.
पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में गुरुद्वारे के बाहर निहंग हमलावर ने कृपाण से हमला किया. उन्हें हल्की चोटें आईं हैं. पुलिस ने हमलावर को तुरंत गिरफ्तार कर लिया. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने त्वरित और निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं.
महाराष्ट्र के नांदेड़ में शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर हमला हुआ. जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. बताया जा रहा है कि नांदेड़ के एक गुरुद्वारा परिसर में सुखबीर बादल पर कृपाण से हमला किया. इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अकाली नेता के दाएं हाथ में चोट लगी नजर आ रही है. देखें.
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा-अकाली दल गठबंधन की संभावनाओं को लेकर अटकलें फिर तेज हो गई हैं. दोनों दलों के बीच ऐतिहासिक और वैचारिक मतभेदों के बावजूद कांग्रेस विरोधी साझा एजेंडा उन्हें एक साथ लाता रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के एक दिन बाद शिरोमणि अकाली दल ने बड़ा सियासी फैसला लिया है. पार्टी ने महिला आरक्षण बिल और परिसीमन को लेकर अपना नया रुख साफ किया है. इसके बाद पंजाब की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है.
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात से सियासी गलियारे में खलबली मच गई है. राघव चड्ढा ने इसे एक यादगार सुबह बताया है. पंजाब चुनाव से पहले हुई इस मुलाकात के बाद अटकलों का बाज़ार गर्म हो गया है.
किसान आंदोलन के चलते 2020 में अकाली दल बीजेपी से 25 साल पुरानी दोस्ती तोड़कर एनडीए से अलग हो गई थी. अब पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल ने पीएम मोदी से मुलाकात की है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पंजाब में बीजेपी और अकाली दल फिर से हाथ मिला सकते हैं.
सुखबीर सिंह बादल का कहना है कि बिक्रम मजीठिया एएपी सरकार की उस अवैध कार्रवाई को रोक रहे थे, जिसमें एक साध कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया जा रहा था. मजीठा में बिक्रम मजीठिया के मामले पर सबसे पहले तो एमसी पोल्स के उम्मीदवारों के दस्तावेज रिजेक्ट कर दिए गए. रात को एक पोलिंग एजेंट को उठा लिया गया, उस पर दबाव डाला गया और उसके खिलाफ झूठा केस दर्ज कर दिया गया. ये पूरी तरह अनैतिक है. अकाली दल डरा नहीं है. हम कोर्ट जाएंगे.
मोहाली में एक अकाली नेता पर नाबालिग से रेप की कोशिश के आरोप लगे हैं. नाबालिग के पिता की शिकायत के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.