राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान जोरदार हंगामा हुआ. राज्यसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया. उनके हाथ पैर टूटे. इसका जिम्मेदार कौन है? उन्होंने कहा कि इसका जिम्मेदार होम मिनिस्टर हैं. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि बंद कमरे में आप मेरी बात सुन रहे होंगे, लेकिन छिपकर आप बहुत दिन रह नहीं सकते. एक दिन हम बाहर खींचकर लाएंगे.
मल्लिकार्जुन खड़गे के इस बयान पर राज्यसभा में जोरदार हंगामा हुआ. सरकार की ओर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सदन में अससंदीय शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. उन्होंने सभापति से इस शब्द को सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग की.
राज्यसभा में गुरुवार को एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा हो रही है. इस दौरान कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर जोरदार हमले किए. खड़गे ने अपने संबोधन की शुरुआत इन लाइनों से की.
पेपर चुराने वाले बचते रहे,
मेहनत करने वाले पिटते रहे,
ये कैसा न्याय,
ये कैसी रीत गुनहगार हंसते रहे,
मासूम सिसकते रहे !!
उन्होंने आगे कहा कि पुलिस की कार्रवाई में किसी छात्र को हाथों में चोट आई तो किसी को कानों में. किसी का पैर टूटा. इसका जिम्मेदार कौन है? होम मिनिस्टर पर निशाना साधते हुए खड़गे ने कहा, "इसका जिम्मेदार कौन है, इसका जिम्मेदार आप हैं, होम मिनिस्टर हैं."
बंद कमरे में बहुत दिन छिप नहीं सकते: खड़गे
विपक्ष की तालियों की थपथपाहट के बीच खड़गे ने कहा कि, "आप बंद कमरे में रहकर मेरी बात सुन रहे होंगे, लेकिन आप बंद कमरे में बहुत दिन छिप नहीं सकते, एक दिन हम बाहर खींचकर लाएंगे, और जनता के सामने दिखाएंगे."
भावावेश में न आएं: नड्डा
खड़गे की इस टिप्पणी पर जमकर हंगामा हुआ. सत्ता पक्ष की ओर से जेपी नड्डा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष तर्क के साथ भावावेश में न आएं, ऐसे शब्दों का प्रयोग न करें जो असंसदीय हो, अभी उन्होंने असंसदीय शब्द का प्रयोग किया, इसे कार्यवाही से निकाला जाना चाहिए.
इसके बाद खड़गे ने अपने बयान पर सफाई दी. खड़गे ने कहा कि वे कभी भी असंसदीय शब्द का इस्तेमाल नहीं करते हैं. हम का मतलब जनशक्ति है, विद्यार्थी है. मैंने ऐसा नहीं कहा कि हम जाकर खींचकर बाहर निकालेंगे. मेरा कहना है कि ये जनशक्ति है जो आपको खींचकर लाएगी, कम से कम बाहर आकर सदन में तो बैठिए. बोलिए, सुनिए और जवाब दीजिए.
खड़गे ने कहा कि दिल्ली के आंदोलन में 100 से अधिक छात्र घायल हुए. कई छात्र गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं. कई बच्चों को शरीर पर, आंख में पैलेट गन के छर्रे लगे हैं. ये सब देखकर हमें तो शर्म आती है, लेकिन सरकार को शर्म आई या नहीं हमें मालूम नहीं.
अमित शाह के इस्तीफे की मांग
अपने आगे के संबोधन में मल्लिकार्जुन खड़गे ने 20 जुलाई को छात्रों पर बल प्रयोग के लिए अमित शाह से जिम्मेदारी लेने की मांग की और उनका इस्तीफा मांगा.
नए बिल में सिर्फ आंकड़े बदले हैं: खड़गे
कांग्रेस नेता ने कहा कि सदन में जो बिल चर्चा के लिए आया है, उसमें सिर्फ आंकड़े बदले हैं. ज़्यादा जुर्माना, कड़ी सजा, स्पेशल टास्क फोर्स. इससे कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला है. सवाल ये है कि परीक्षा व्यवस्था को कैसे मजबूत बनाया जाए ताकि पेपर लीक ना हो. आज सरकार जो काम कर रही है, उसके बारे में हमने 2024 में ही सुझाव दिए थे, लेकिन उस समय सरकार ने हमारी बात नहीं मानी. तब लोकसभा चुनाव सामने थे, सरकार को राजनीति करनी थी, जबकि राहुल गांधी 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' में पेपर लीक को लेकर सवाल खड़े कर रहे थे. यानी कि तब सरकार इतनी जल्दबाज़ी में ये कानून लाई थी कि 2 साल के भीतर ही उसमें संशोधन करना पड़ रहा है.