कानपुर में सरकारी जमीन पर बने कब्रिस्तान को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है. कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) की टीम यहां अवैध कब्जा हटाने पहुंची है. प्रशासन ने सुबह 6 बजे से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करने की तैयारी की थी. मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है.
बताया जा रहा है कि जिस जमीन पर कब्रिस्तान बनाया गया है, वह सरकारी जमीन है. प्रशासन का कहना है कि इस जमीन पर कब्जा कर कब्रिस्तान बनाया गया. अब KDA की टीम इस कथित अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई कर रही है.
कार्रवाई को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. किसी तरह की स्थिति न बिगड़े, इसके लिए पुलिस बल को मौके पर तैनात रखा गया है.
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बुलडोजर से हटाया जा रहा अतिक्रमण
KDA की टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची है. प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया जाएगा. इसके लिए पहले से तैयारी की गई थी. सुबह करीब 6 बजे कार्रवाई शुरू करने की बात सामने आई थी.
मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी भी है. टीम जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और कार्रवाई से संबंधित दस्तावेजों के आधार पर आगे बढ़ रही है. पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया की जा रही है.
कब्रिस्तान से जुड़ा मामला होने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर खास इंतजाम किए हैं. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है. पुलिसकर्मी पूरे इलाके में निगरानी कर रहे हैं. प्रशासन की कोशिश है कि कार्रवाई के दौरान किसी तरह का विवाद या तनाव न हो.
फिलहाल KDA की टीम मौके पर कार्रवाई में जुटी है. सरकारी जमीन पर किए गए कथित कब्जे को हटाने के बाद प्रशासन आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा. मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी पुलिस और प्रशासन की नजर बनी हुई है.
500 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर था कब्जा
मामला कानपुर के ग्राम बरी की आराजी संख्या 314 से जुड़ा है. यहां करीब 500 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर कथित कब्जे का मामला सामने आया था. KDA के अधिकारियों का कहना है कि, मुस्लिम कब्रिस्तान कमेटी की ओर से जमीन के चारों तरफ बाउंड्री वॉल बनाई गई थी. इसके अंदर कमरों समेत दूसरे निर्माण भी कराए गए थे.
अब KDA की टीम ने पूरी बाउंड्री वॉल और अंदर बने निर्माण को ध्वस्त कर दिया है. प्राधिकरण ने कार्रवाई के बाद जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने का दावा किया है.
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कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस के साथ पीएसी और महिला पुलिस बल भी तैनात रहा. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसीपी स्तर के अधिकारी की मौजूदगी भी रही. KDA ने कार्रवाई के लिए पहले ही पुलिस बल की मांग की थी. 14 अगस्त 2026 को KDA सचिव ने अपर पुलिस आयुक्त, कानून एवं व्यवस्था, कानपुर नगर को पत्र भेजा था. इसमें ध्वस्तीकरण के दौरान पर्याप्त पुलिस, पीएसी और महिला पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था. KDA ने संबंधित पक्ष को नोटिस देकर जवाब भी मांगा था. इसके बाद कार्रवाई की गई.
हाई कोर्ट में खारिज हुई याचिका
KDA के अधिकारी ने बताया कि, कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को नोटिस दिया गया था. उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया गया. मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया. संबंधित पक्ष ने इस कार्रवाई के खिलाफ हाई कोर्ट का रुख भी किया था.
हालांकि, वहां से उनकी याचिका खारिज हो गई. इसके बाद भी उन्हें खुद अतिक्रमण हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया गया. मौखिक और लिखित तौर पर भी उन्हें निर्माण हटाने का मौका दिया गया. जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो KDA ने अब खुद कार्रवाई शुरू कर दी.
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'कब्रों को नहीं हटाया जा रहा'
KDA के मुताबिक, करीब 35 से 40 साल से सरकारी जमीन के एक हिस्से पर कब्जा था. वहां बाउंड्री वॉल के साथ कब्रों के ऊपर कई स्ट्रक्चर भी बनाए गए थे. बुलडोजर से इन्हीं स्ट्रक्चर और बाउंड्री वॉल को हटाया जा रहा है.
KDA ने साफ किया है कि कब्रिस्तान के तौर पर दर्ज जमीन के हिस्से को नहीं छुआ जा रहा है. कब्रों को अंदर से हटाने की कार्रवाई नहीं हो रही है. सिर्फ सरकारी जमीन पर बने कथित अतिक्रमण वाले हिस्से को हटाया जा रहा है. इसके बाद जमीन का कब्जा वापस लिया जाएगा.