जगत प्रकाश नड्डा (Jagat Prakash Nadda) एक वकील और राजनेता हैं. वे 2024 से देश के 34वें स्वास्थ्य मंत्री और 25वें रसायन और उर्वरक मंत्री हैं. साथ ही, वे 2020 से 2026 तक भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 10वें राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे. वे गुजरात से राज्यसभा सदस्य भी हैं. BJP में अहम फैसले लेने वाले नड्डा, नरेंद्र मोदी के करीबी सहयोगी हैं. 2024 लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की और पीएम नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री बनें.
वह 2019 से 2020 तक BJP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष थे. नड्डा 2014 से 2019 तक मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड के सचिव भी रहे.
इससे पहले, वे 2007 से 2012 और 1993 से 2003 तक बिलासपुर से विधायक रहे. साथ ही, हिमाचल प्रदेश सरकार में 2007 से 2012 तक वन, पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री और 1998 से 2003 तक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा संसदीय मामलों के मंत्री रहे. नड्डा का जन्म 2 दिसंबर 1960 को बिहार की राजधानी पटना (Patna, Bihar) में हुआ था (J P Nadda Age). उनके पिता नारायण लाल नड्डा और मां कृष्ण नड्डा थी. वह एक ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखते हैं (J P Nadda Parents). उनका एक भाई है जिसका नाम जगत भूषण नड्डा है (J P Nadda Brother). उनकी शिक्षा सेंट जेवियर्स स्कूल, पटना में हुई है. इसके बाद उन्होंने बी.ए. पटना कॉलेज, पटना विश्वविद्यालय से की.बाद में उन्होंने विधि संकाय, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला से एलएलबी की (J P Nadda Education).
नड्डा ने 11 दिसंबर 1991 को मल्लिका नड्डा से शादी की (J P Nadda Wife) और उनके दो बेटे हैं (J P Nadda Son). उनकी सास जयश्री बनर्जी 1999 में लोकसभा के लिए चुनी गईं (J P Nadda Family).
नड्डा पहली बार 1993 और 1998 के चुनाव में बिलासपुर से हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए थे. अपने पहले कार्यकाल के दौरान, उन्होंने 1994 से 1998 तक हिमाचल प्रदेश विधान सभा में अपने पार्टी समूह के नेता के रूप में कार्य किया. वह अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और संसदीय मामलों के मंत्री थे. प्रेम कुमार धूमल के सरकार बनने के बाद, उन्होंने 2008 से 2010 तक वन, पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए जिम्मेदार कैबिनेट मंत्री के रूप में नड्डा को अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया. 2012 में भारतीय संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा के लिए चुने गए. 2014 में, कैबिनेट फेरबदल के दौरान, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने नड्डा को स्वास्थ्य मंत्री बनाया. नड्डा को जून 2019 में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था (J P Nadda Political Career). जनवरी 2021 में पश्चिम बंगाल के बर्धमान में नड्डा ने एक नई योजना, एक मुठी चावल शुरू की है (J P Nadda Started Ek Muthi Chaawal Yojana).
एंटी पेपर लीक पिछले दिन लोकसभा से पारित हो गया था. अब यह बिल आज राज्यसभा में लाया गया. इस बिल पर चर्चा की शुरुआत राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने की. इस दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान पर जेपी नड्डा भड़क गए. और राज्यसभा में जोरदार हंगामा शुरू हो गया. देखें Video.
संसद का मॉनसून सत्र विवादों से भरा हुआ है, जहां नीट पेपर लीक और शैक्षणिक सिलेबस को लेकर तीखी बहस हो रही है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरएसएस के सिलेबस पर सवाल उठाए और विवादित बयान दिए, जिससे राज्यसभा में हंगामा मच गया.
एंटी पेपर लीक बिल पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ. कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने 20 जुलाई को छात्रों पर हुए बल प्रयोग के लिए सीधे सीधे गृह मंत्री को जिम्मेदार ठहराया और उनका इस्तीफा मांगा. खड़गे ने कहा कि होम मिनिस्टर सदन में नहीं आते हैं, लेकिन वे ज्यादा दिन तक बंद कमरे में छिपकर नहीं रह सकते हैं.
राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने छात्रों के प्रदर्शन पर कहा कि जो छात्र राजनीति या आंदोलन का रास्ता चुनते हैं, उन्हें पुलिसिया कार्रवाई और हिरासत के लिए भी तैयार रहना चाहिए. ये एक सामान्य प्रक्रिया है.
जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट के दौरान जब केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह CJP के प्रतिनिधियों से बात कर रहे थे, तब उन्होंने ये भी प्रस्ताव रखा था कि धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय बदल देते हैं. सूत्रों की माने तो CJP ने इस प्रस्ताव को नहीं माना था.
नीट पेपर लीक आंदोलन का नेतृत्व करने वाली सीजेपी ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और एफआईआर जारी रहने पर वह फिर से देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी. संगठन का कहना है कि पहले हुए समझौते का पालन नहीं किया जा रहा. वहीं, कपिल सिब्बल ने प्रदर्शनकारी छात्रों की कानूनी सहायता के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की.
Sonam Wangchuk 26 दिन के आमरण अनशन के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज हो गए हैं। उन्हें 24 जुलाई को Medanta Hospital में भर्ती कराया गया था।अब हालत में सुधार के बाद उन्होंने बताया कि लद्दाख लौटने से पहले वे Rajghat जाकर Mahatma Gandhi को श्रद्धांजलि देंगे।
केंद्र सरकार और CJP की वार्ता सफल होने के बाद कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म हुई। माहौल हल्का करते हुए जेपी नड्डा ने CJP प्रवक्ता से हाथ मिलाने को कहा। दोनों पक्षों ने मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
Cockroach Janta Party Protest Live Updates: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्र आंदोलन के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि यह फैसला छात्रों के भविष्य की रक्षा और आंदोलन को राष्ट्रविरोधी ताकतों से बचाने के लिए लिया गया है. वहीं, केंद्र सरकार ने पेपर लीक पर सख्त कानून लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 10 साल तक की जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने वाले संशोधन विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी. जंतर-मंतर पर आंदोलन और वार्ता का दौर जारी है.
दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एक दिलचस्प तस्वीर देखने को मिली. यहां CJP प्रवक्ताओं संग संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने माहौल थोड़ा हल्का करने की कोशिश की. इस पूरे वाकए का वीडियो वायरल हो रहा है...
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद चर्चा तेज है कि क्या सीजेपी के 72 घंटे के अल्टीमेटम ने सरकार पर निर्णायक दबाव बनाया. सूत्रों के मुताबिक, सीजेपी ने साफ कर दिया था कि इस्तीफा नहीं होने पर संसद मार्च फिर शुरू होगा. इसके बाद सरकार में लगातार बैठकों का दौर चला और अंततः प्रधान ने इस्तीफा दे दिया.
कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में शनिवार को बातचीत हुई. CJP की तरफ से इसमें सौरव दास, आशुतोष रांका शामिल और सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह शामिल हुए. संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP ने ऐलान किया कि सरकार ने हमारी तीनों मांगें मान लो हैं, इसलिए आंदोलन खत्म किया जा रहा है. देखें वीडियो.
पेपर लीक के खिलाफ अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद भूख हड़ताल ख़त्म कर दी. गुरुग्राम के मेंदाता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद सोनम वांगचुक ने ये फैसला लिया. जेपी नड्डा ने जूस पिलाकर सोनम वांगचुक का अनशन खत्म कराया. देखें वीडियो.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद सरकार और सोनम वांगचुक के बीच सहमति बन गई. केंद्रीय मंत्रियों ने मेदांता अस्पताल जाकर वांगचुक को आश्वासन पत्र सौंपा, जिसके बाद उन्होंने अनशन खत्म किया.
सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया. उन्होंने कहा कि सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया. सरकार ने संसद में परीक्षा सुधार पर चर्चा, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर मामले दर्ज नहीं करने और NEET पेपर लीक से जुड़े आत्महत्या पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवजे पर सकारात्मक विचार का भरोसा दिया है.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि सरकार उनकी न्यूट्रल जगह पर बातचीत की मांग मान गई है. आज कांस्टीट्यूशन क्लब में दोनों पक्षों के बीच बैठक होगी, जिसमें CJP शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत अपनी चार प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखेगी.
सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk ने केंद्रीय मंत्री JP Nadda और Jitendra Singh से मुलाकात के बाद 26 दिन का अनशन खत्म कर दिया। उन्होंने बातचीत और हालात को देखते हुए यह फैसला लिया तथा शांति बनाए रखने की अपील की.
एक तरफ जहां सरकार गतिरोध समाप्त करने के लिए बातचीत की मेज पर आने की अपील कर रही है, वहीं दूसरी तरफ CJP ने अपनी शर्त रख दी है. इसके साथ ही सीजेपी ने शुक्रवार को देशव्यापी प्रदर्शन की अपील की है.
छात्रों से बातचीत के मुद्दे पर जेपी नड्डा का बयान आया है. जेपी नड्डा ने कहा कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं. छात्र उनके दफ्तर या सरकारी आवास पर आकर बातचीत कर सकते हैं. अधिक जानने के लिए देखें Video.
केंद्र सरकार ने पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए तैयार है. केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दावा किया है कि सरकार हर समय चर्चा के लिए तैयार है. पिछले 24 घंटे में प्रदर्शनकारियों को 4 बार बातचीत का ऑफर दिया जा चुका है. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी जहां चाहे वहां चर्चा कर सकते हैं.
विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है. दोनों सदनों में विपक्षी सदस्यों ने इसे लेकर जोरदार नारेबाजी की और कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी.