
चुनाव आयोग और SIR के खिलाफ आंदोलन की INDIA ब्लॉक ने बड़ी तैयारी कर ली है. बुधवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में हुई बैठक में INDIA गठबंधन के 20 दल शामिल हुए. तीन घंटे से ज्यादा चली मीटिंग में तय हुआ है कि छह अक्टूबर को सभी विपक्षी सांसद चुनाव आयोग दफ्तर की तरफ मार्च करेंगे. साथ ही विपक्षी नेताओं की पांच अलग-अलग बड़ी रैलियां भी आयोजित की जाएंगी.
मीटिंग होने के बाद INDIA ब्लॉक के नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पूरे देश में नागरिक और राजनीतिक दल चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर गंभीर चिंताएं जता रहे हैं. उनके दो साथी सदस्यों ने 10 महीनों में 14 बार पत्र लिखे हैं. इससे उनकी ईमानदारी और इरादों पर सवाल उठता है. इसलिए, उन्हें उनके पद से हटाया जाना चाहिए.
खड़गे ने कहा, 'हमारी मांग है कि भविष्य के चुनावों के लिए SIR से पहले वाली वोटर लिस्ट का इस्तेमाल किया जाए. वोटर लिस्ट में हर बदलाव के दौरान पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए, जिसमें निर्वाचन क्षेत्र और बूथ के हिसाब से नाम जोड़ने, हटाने और सुधारने की जानकारी शामिल हो.'

इसके बाद खड़गे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग कठपुतली की तरह काम कर रहा है. इसके खिलाफ 20 विपक्षी दल मिलकर छह अक्टूबर से हर जिले में 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' करेंगे.
खड़गे ने कहा, 'हमने साढ़े तीन घंटे तक चर्चा की. राहुल, ममता और कई अन्य लोगों की ओर से कई सुझाव आए. CEC के खिलाफ माहौल है. पीएम मोदी और अमित शाह ECI के साथ 'गुड़िया के खेल' जैसा बर्ताव कर रहे हैं.'
कांग्रेस अध्यक्ष आगे बोले, 'हमने युवाओं, INDIA ब्लॉक के सदस्यों, NGO और सिविल सोसाइटी के सदस्यों को 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर के बीच 'लोकतंत्र बचाओ' कार्यक्रम आयोजित करने का काम सौंपा है.'
उन्होंने आगे बताया कि '6 अक्टूबर को सभी विपक्षी सांसद ECI की ओर मार्च करेंगे. विपक्षी दलों के सभी राज्यसभा और लोकसभा सांसद इसमें शामिल होंगे. विपक्ष के नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगेंगे.'
INDIA ब्लॉक का पूरा प्रोग्राम
- 2-8 अक्टूबर - जिला स्तर पर 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' और DM ऑफिस के बाहर प्रदर्शन.
- 6 अक्टूबर - सभी विपक्षी सांसद ECI (चुनाव आयोग) तक मार्च करेंगे. इसे आज ही करना चाहते थे, लेकिन सभी को 6 तारीख को बुलाने का फ़ैसला किया.
- तीसरा कार्यक्रम - अक्टूबर का दूसरा हफ़्ता - विपक्षी नेता भारत के राष्ट्रपति से मुलाक़ात का समय (अपॉइंटमेंट) लेंगे.
- चौथा कार्यक्रम - विपक्ष की पांच बड़ी रैलियां आयोजित की जाएंगी.
INDIA ब्लॉक की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने कहा कि हम सब एकजुट हैं. सोनिया गांधी, राहुल गांधी और खड़गे ने ममता के भाषण की तारीफ में मेज थपथपाई.
इसके बाद राहुल गांधी से बोलने को कहा गया. उन्होंने खड़गे से कहा कि आपका बोल देना ही काफी है. फिर खड़गे ने कहा कि आप LOP (विपक्ष के नेता) हैं, आपका बोलना अलग मायने रखता है.
फिर राहुल गांधी ने कहा, 'हमारी बातचीत बहुत अच्छी रही. BJP, अमित शाह, पीएम मोदी और ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र पर हमला कर रहे हैं.'
राहुल गांधी ने कहा, 'BJP, पीएम मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र पर कब्जा कर लिया है. हम इसे चुपचाप बर्दाश्त नहीं करेंगे. हम यह पक्का करेंगे कि लोकतंत्र को बर्बाद करने वालों को सजा मिले. भारतीय लोकतंत्र किसी एक व्यक्ति से बड़ा है. हम एक गठबंधन हैं और देश में बड़े बदलाव लाएंगे.'
कांग्रेस की 'एकला चलो नीति' पर उद्धव की आपत्ति
उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस की 'एकला चलो नीति' पर आपत्ति जताई. Zoom call से जुड़े उद्धव इंडिया गठबंधन की बैठक में 10 मिनट करीब तक बोले. उद्धव ने कहा की इंडिया गठबंधन को एक बड़ा आंदोलन करना चाहिए. गठबंधन के बैनर के तले सबको एक जुट जमीन पर उतरना होगा. लेकिन यह ठीक नहीं है की पार्टी अलग-अलग अपना कार्यक्रम करें. महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी अकेले धरना प्रदर्शन कर रही है ये ठीक नहीं हैं.
चार तारीख को शिवसेना की महाराष्ट्र में चुनाव आयोग के खिलाफ बड़ा आंदोलन है. आगे इंडिया गठबंधन एकजुट होकर चुनाव आयोग और मोदी सरकार को घेरने के लिए आंदोलन करे तभी ये प्रभावी होगा.