
जन सुराज पार्टी के डिजिटल मीडिया मैनेजर देवपालिक गुप्ता की मौत का मामला सामने आया है. वो सोमवार को रांची से पटना जा रही जनशताब्दी एक्सप्रेस से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे. करीब 31 साल के देवपालिक का शव मंगलवार को झारखंड के रांची जिले में अनगड़ा थाना क्षेत्र के बरवादाग के पास झाड़ियों में पड़ा मिला. पुलिस मामले की जांच में जुटी है. शुरुआती जांच में उनके सिर पर चोट के निशान मिलने की बात सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, आशंका है कि वह चलती ट्रेन से गिर गए होंगे. हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
जानकारी के मुताबिक, देवपालिक गुप्ता सोमवार को रांची से पटना आ रही जनशताब्दी एक्सप्रेस में सफर कर रहे थे. इसी दौरान वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए. उनके लापता होने के बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई. रात करीब 9 बजे इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराई गई थी. इसके बाद उनकी तलाश की जा रही थी. मंगलवार को रांची के अनगड़ा थाना क्षेत्र के बरवादाग के पास झाड़ियों में उनका शव बरामद हुआ. शव मिलने की जानकारी के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि देवपालिक ट्रेन से कैसे लापता हुए और उनके साथ वास्तव में क्या हुआ था.
सिर पर चोट के निशान, चलती ट्रेन से गिरने की आशंका
इस मामले में रूरल एसपी गौरव गोस्वामी ने बताया कि शुरुआती जांच में देवपालिक के सिर पर चोट के निशान दिखाई दिए हैं. प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि वह चलती ट्रेन से गिर गए होंगे. हालांकि, पुलिस ने अभी इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं माना है और मामले की जांच जारी है. पुलिस के मुताबिक, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी. जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि देवपालिक ट्रेन से किन परिस्थितियों में लापता हुए थे.

देवपालिक गुप्ता उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के रहने वाले थे. वह आईआईएमसी से ग्रेजुएट थे और पिछले करीब चार साल से जन सुराज पार्टी के सोशल मीडिया कैंपेन से जुड़े हुए थे. पार्टी में वह डिजिटल मीडिया मैनेजर और सोशल मीडिया टीम लीड के तौर पर काम कर रहे थे. उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद जन सुराज ने घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं. पार्टी का कहना है कि फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं है. किसी साजिश की पुष्टि भी नहीं की जा सकती है. ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि देवपालिक की मौत से जुड़े सभी सवालों के जवाब सामने आ सकें.
जन सुराज पार्टी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है. पार्टी ने मांग की है कि जांच के लिए किसी वरिष्ठ अधिकारी को निर्देश दिया जाए, ताकि पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच हो सके. पार्टी का कहना है कि देवपालिक की मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करना जरूरी है. हालांकि, पार्टी ने भी किसी साजिश का दावा नहीं किया है और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की मांग की है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
फिलहाल पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं की जांच कर रही है. शुरुआती जानकारी में सिर पर चोट के निशान मिलने और चलती ट्रेन से गिरने की आशंका जताई गई है. लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि देवपालिक की मौत किन परिस्थितियों में हुई. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा. रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह सामने आने की उम्मीद है. पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही यह साफ हो सकेगा कि जनशताब्दी एक्सप्रेस से लापता होने के बाद देवपालिक के साथ क्या हुआ था.