तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने सोमवार को विधानसभा में DMK पर जमकर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कामों के ठेकेदारों से पार्टी फंड के नाम पर रिश्वत ली जाती थी. विजय ने दावा किया कि यह रकम एक साथ नहीं, बल्कि लोन की EMI की तरह किस्तों में वसूली जाती थी.
विपक्ष की ओर से भ्रष्टाचार के आरोपों का सबूत मांगने पर विजय ने Enforcement Directorate यानी ED के एक दस्तावेज का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि इसी दस्तावेज में आरोपों का सबूत मौजूद है. विजय के मुताबिक, दस्तावेज में बताया गया है कि ठेकेदारों से कॉन्ट्रैक्ट की कुल रकम का 7.5 से 10 फीसदी तक पार्टी फंड के नाम पर लिया गया.
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'पार्टी फंड के नाम पर ली गई रिश्वत'
विजय ने कहा कि यह रकम म्यूनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन एंड वॉटर सप्लाई यानी MAWS विभाग के तहत सरकारी काम करने वाले ठेकेदारों से ली गई. उन्होंने ED दस्तावेज का हवाला देते हुए कहा कि सत्ता में रहने वाली पार्टी के फायदे के लिए पार्टी फंड के नाम पर रिश्वत वसूली गई.
विजय ने कहा कि जिस समय की बात दस्तावेज में है, उस समय तमिलनाडु में DMK की सरकार थी. उन्होंने दस्तावेज में बताए गए पुरूषोत्तम नाम के व्यक्ति का भी जिक्र किया. विजय के मुताबिक, पुरूषोत्तम के हवाले से 29 लाख रुपये रिश्वत के तौर पर वसूले जाने की बात कही गई है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ 29 लाख रुपये की रकम नहीं थी, बल्कि इसे लोन की EMI की तरह किस्तों में लिया गया.
स्टालिन और उदयनिधि का भी नाम लिया
विजय ने ED दस्तावेज का हवाला देते हुए दावा किया कि इसमें मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उनके बेटे तथा तत्कालीन डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन को कथित तौर पर सीधे लाभ पाने वालों में बताया गया है. उन्होंने रवि प्रसाद और कई अन्य अज्ञात लोगों का भी नाम लिया. विजय ने जोर देकर कहा कि ये आरोप उनकी तरफ से लगाए गए आरोप नहीं हैं, बल्कि ED के दस्तावेज में दर्ज आरोप हैं.
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सरकरिया आयोग रिपोर्ट का भी जिक्र
विजय ने DMK के पुराने कार्यकाल में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सरकरिया आयोग की रिपोर्ट का भी जिक्र किया. उन्होंने वीरानम जल आपूर्ति योजना का उदाहरण देते हुए दावा किया कि रिपोर्ट के एक अध्याय में 16 करोड़ रुपये के टेंडर पर 2.5 फीसदी पार्टी फंड मांगने का आरोप था.
विजय के बयान के बाद विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ. मुख्य विपक्ष ने उनके बयान का विरोध किया. DMK विधायक स्पीकर JCD प्रभाकर के पोडियम के पास पहुंच गए, नारेबाजी की और सदन के वेल में चले गए.