मुथुवेल करुणानिधि स्टालिन (M K Stalin) तमिलनाडु के 8वें मुख्यमंत्री (Chief Minister of Tamil Nadu) हैं. वह पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के बेटे हैं (Son of M Karunanidhi). 2026 विधानसभा चुनाव में वे तमिलनाडु की कोलाथुर सीट से चुनाव हार गए. स्टालिन ने इस सीट पर 2011, 2016 और 2021 में जीत दर्ज की थी. लेकिन इस बार चुनाव में हार का सामना करना पड़ा. चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक उनको कुल 74,202 वोट मिले. इस सीट पर उनके सामने टीवीके के वीएस बाबू थे, जिन्होंने 82,997 वोटों के साथ जीत दर्ज की.
स्टालिन ने 28 अगस्त 2018 से द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) पार्टी के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया है. वे 1996 से 2002 तक चेन्नई के 37वें मेयर (Mayor of Chennai) और 2009 से 2011 तक तमिलनाडु के पहले उप मुख्यमंत्री (Deputy CM of Tamil Nadu) भी रह चुके हैं.
स्टालिन तमिलनाडु के दूसरे मुख्यमंत्री और द्रमुक प्रमुख एम. करुणानिधि और दयालु अम्मल के तीसरे बेटे हैं (Stalin’s Parents). स्टालिन का जन्म 1 मार्च 1953 (Stalin’s Date of Birth) को मद्रास, अब चेन्नई, में हुआ था. करुणानिधि ने अपने बेटे का नाम सोवियत नेता जोसेफ स्टालिन के नाम पर रखा था (Stalin Named After Joseph Stalin). स्टालिन ने मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज हायर सेकेंडरी स्कूल से स्कूली शिक्षा हासिल की. उन्होंने 1973 में, मद्रास विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंसी कॉलेज, चेन्नई से इतिहास की डिग्री प्राप्त की. स्टालिन को 1 अगस्त 2009 को अन्ना विश्वविद्यालय ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया (Stalin’s Education).
स्टालिन ने 20 अगस्त, 1975 को दुर्गा से शादी की (Stalin married to Durga) और उनके दो बच्चे हैं. उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन हैं, जो एक अभिनेता और राजनीतिज्ञ हैं (Stalin’s Son Udhayanidhi).
स्टालिन ने 14 साल की उम्र में, 1967 के चुनावों में अपने चाचा, मुरासोली मारन के लिए प्रचार किया. साल 1973 में, स्टालिन DMK की सामान्य समिति के लिए चुने गए. वह 1976 में आपातकाल का विरोध करने के लिए आंतरिक सुरक्षा अधिनियम (मीसा) के तहत मद्रास के केंद्रीय कारागार में डाल दिए गए, हिरासत में उसकी पिटाई की गई और वे सुर्खियों में आए. 1982 में स्टालिन DMK के युवा विंग के सचिव बने, इस पद पर उन्होंने चार दशकों से अधिक समय तक कार्य किया. 1989 में स्टालिन ने थाउजेंड लाइट्स निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. 1996 में उन्होंने फिर से चुनाव जीता. 2003 में, स्टालिन DMK के उप महासचिव बने. 2006 में, स्टालिन ग्रामीण विकास और स्थानीय प्रशासन मंत्री बने. 2018 में, पिता करुणनिधि की मृत्यु के बाद स्टालिए डीएमके के अध्यक्ष चुने गए. 2021 के विधानसभा चुनावों में, स्टालिन ने धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन के अभियान का नेतृत्व किया. उन्होंने 234 में से 159 सीटें जीतीं, डीएमके ने खुद 132 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल किया. स्टालिन ने 7 मई 2021 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली (Stalin’s Political Career).
अपने पिता की तरह, स्टालिन ने भी सार्वजनिक रूप से खुलासा किया है कि वह नास्तिक हैं (Atheist), लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी धार्मिक आस्था के खिलाफ नहीं हैं.
उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @mkstalin है. उनके फेसबुक पेज का नाम M. K. Stalin है और वे इंस्टाग्राम पर mkstalin यूजरनेम से एक्टिव हैं.
TVK ने आरोप लगाया है कि DMK नेताओं ने सरकार गिराने के लिए विधायकों को करोड़ों रुपये का लालच दिया. पुलिस ने अब तक इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.
पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके चीफ एमके स्टालिन त्रिची ईस्ट से उपचुनाव लड़ सकते हैं. डीएमके के सीनियर नेता केएन नेहरू ने एक सभा में कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री जल्द ही विधानसभा में वापसी करेंगे.
यह पूरा मामला स्टालिन की 8 जून की एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है. इसमें स्टालिन ने दावा किया था कि ED की प्रेस रिलीज के मुताबिक, चेन्नई और रामनाथपुरम में जब्त किए गए 258 करोड़ रुपये के ड्रग तस्करी के मास्टरमाइड जॉन ब्रिटो, आधव अर्जुन के करीबी रिश्तेदार हैं.
DMK के आरोप सीधे राहुल गांधी पर हैं. पार्टी का कहना है कि राहुल के कहने पर ही कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में INDIA गठबंधन के सहयोगियों को कमज़ोर किया, जबकि बाद में लोकसभा चुनाव में उनका समर्थन मांगा. पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी के समर्थन से कांग्रेस ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में DMK के साथ 'बेइमानी' की है.
दुनिया में कई भाषाएं बनीं और खत्म भी हो गईं. इस बीच प्राचीन वक्त की कई लिपियों को ठीक-ठाक पढ़ लिया गया कि उनमें क्या लिखा है, लेकिन सिंधु घाटी स्क्रिप्ट अब भी अबूझ है. हाल में तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने इसे डीकोड करने वालों को बड़ा पुरस्कार देने का एलान किया. अब तक इसे समझने की सैकड़ों कोशिशें बेकार हो चुकीं.
राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री Lalu Prasad Yadav ने परिवार के साथ अपना 79वां जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary समेत कई नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
बीजेपी के खिलाफ 2024 में एकजुट होने वाले विपक्षी कुनबा बिखरता जा रहा है. इंडिया ब्लॉक की दिल्ली में होने वाली बैठक में डीएमके और आम आदमी पार्टी शामिल नहीं हो रही है. दोनों की नाराजगी कांग्रेस को लेकर है. ऐसे में सवाल उठता है कि एमके स्टालिन और अरविंद केजरीवाल आगे क्या करेंगे?
मोदी सरकार अप्रैल में महिला आरक्षण संसोधन बिल के साथ परिसीमन बिल लेकर आई थी, लेकिन दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा पाने के चलते सफल नहीं हो सकी थी. दो महीने के बाद सियासी माहौल बदल गया है, क्योंकि टीएमसी में टूट और कांग्रेस से डीएमके रूठ गई है. विपक्ष के इस बिखराव का फायदा बीजेपी उठाते हुए बीजेपी फिर से दो-तिहाई नंबर जुटाने के जुगाड़ में लग गई है.
INDIA ब्लॉक में ममता बनर्जी की मजबूत एंट्री के बीच हुआ यह है कि डीएमके ने बाहर होने का फैसला किया है. ऐसा भी नहीं कि डीएमके ने ममता बनर्जी के चलते यह कदम उठाया है, बल्कि एमके स्टालिन की नाराजगी राहुल गांधी से है, जिन्होंने ने तमिलनाडु की सरकार में साझेदारी के लिए मुख्यमंत्री विजय से हाथ मिला लिया है.
तमिलनाडु की पार्टी डीएमके ने 8 जून को नई दिल्ली में होने वाली इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है. डीएमके ने कांग्रेस के धोखे को अपने कार्यकर्ताओं के सम्मान का अपमान बताया है. पार्टी ने कहा है कि वो ऐसी किसी बैठक में शामिल नहीं होगी जिसमें कांग्रेस भी मौजूद हो.
कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव 2029 को ध्यान में रखते हुए दक्षिण भारत में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में सक्रिय दिखाई दे रही है. कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु से जुड़े हालिया राजनीतिक फैसले संगठनात्मक प्राथमिकताएं, सामाजिक समीकरणों और नेतृत्व की भूमिकाओं को लेकर काफी सजग नजर आई है.
विधानसभा चुनावों के बाद विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के भीतर नए राजनीतिक समीकरण उभरते दिखाई दे रहे हैं. पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और आम आदमी पार्टी के रुख में बदलाव देखा जा रहा है - फिर भी विपक्ष ने बीजेपी के खिलाफ नए आंदोलन के संकेत दिए हैं.
डीएमके के वरिष्ठ नेता एमके स्टालिन ने टीवीके प्रमुख पर हमला करते हुए कहा कि उनकी सरकार सिर्फ डीएमके की दया पर टिकी हुई है. हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और सही वक्त का इंतजार कर रहे हैं. इसके अलावा उदयनिधि स्टालिन ने अपनी पूर्व सहयोगी पार्टी कांग्रेस के खिलाफ बेहद कड़े और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए एक बड़ा राजनीतिक हमला बोला है.
तमिलनाडु में हुए सत्ता परिवर्तन ने चेन्नई से लेकर दिल्ली तक की सियासत पर असर डाला है. कांग्रेस से डीएमके की दोस्ती टूट गई है तो बीजेपी ने डीएमके के साथ हाथ मिलाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. एमके स्टालिन को एनडीए में लाने की प्लानिंग है ताकि दो-तिहाई नंबर को जुटाया जा सके.
तमिलनाडु की राजनीति में बदलाव के बाद बीजेपी की नजर डीएमके के समर्थन पर है. संसद में दो-तिहाई बहुमत जुटाने को लेकर नए राजनीतिक समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है. इससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान डीएमके एनडीए का हिस्सा रह चुकी है, इसलिए राजनीतिक हलकों में इस संभावित समीकरण को लेकर चर्चाएं तेज हैं.
चुनाव नतीजों ने तमिलनाडु के राजनीतिक समीकरण बदल ही दिए थे, नई सरकार बन जाने के बाद भी बवाल थमा नहीं है. विजय के फ्लोर टेस्ट पर टूट गई AIADMK. अब फैसला उन AIADMK विधायकों का होना है, जिन्होंने विजय का साथ दिया है.
तमिलनाडु में टीवीके के प्रमुख सी जोसेफ विजय ने कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों के सहयोग से सरकार बना ली है. मुख्यमंत्री पद की रविवार को शपथ ली, लेकिन बैसाखी पर टिकी सरकार को कितने दिन तक चला पाएंगे. इसकी वजह यह है कि विजय को समर्थन करने वाले सभी दलों का डीएमके साथ गहरा नाता रहा है.
तमिलनाडु में 'विजय-राज' की शुरुआत हो गई है. 10 मई को टीवीके चीफ थलपति विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. शपथ ग्रहण के तुरंत बाद ही उन्होंने अपने किए वादों पर कदम आगे बढ़ा दिए और एक के बाद एक दनादन तीन ऑर्डर साइन कर दिए.
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों में बड़े सियासी उलटफेर देखने को मिले. जिसमें तमिलनाडु भी शामिल है. यहां महज दो साल पहले सियासत में कदम रखने वाले जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके ने कमाल कर दिया. DMK को पछाड़कर विजय कैसे बन गए तमिलनाडु के थलपति, देखें सो सॉरी की ये ताजा और गुदगुदाने वाली पेशकश.
क्या Tamil Nadu में पलटेगा गेम? BJP से नाता तोड़ने की तैयारी में AIADMK, विजय या स्टालिन, किसके साथ जाएगी? Tamil Nadu की राजनीति में इस वक्त जबरदस्त हलचल मची हुई है. चुनाव नतीजों के बाद राज्य में सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं.
'INDIA गठबंधन अब खत्म हो चुका है', यह प्रतिक्रिया नाराज DMK की तरफ से आई, जब कांग्रेस ने एम.के. स्टालिन की अगुवाई वाली पार्टी से नाता तोड़कर अभिनेता-नेता विजय की TVK के साथ हाथ मिला लिया और तमिलनाडु में सरकार बनाने की कोशिश में उनका समर्थन करने का फैसला किया.