शहजाद पूनावाला ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आलोचकों पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री एक 'तानाशाह' बनने में 'नाकाम' रहे हैं. उन्होंने नीट प्रदर्शन के हालिया विवाद पर पीएम मोदी की प्रतिक्रिया की तुलना कांग्रेस और विपक्ष शासित राज्यों में विरोध प्रदर्शनों से निपटने के तरीकों से की.
एक्स पर पोस्ट किए गए वीडियो में पूनावाला ने व्यंग्य करते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी से पूरी तरह निराश हैं. उन्होंने कहा, कि '12 साल बीत गए और वह नाकाम रहे. उन्हें ठीक से तानाशाह बनना भी नहीं आता.'
पूनावाला का यह बयान प्रधानमंत्री मोदी के उस वीडियो संदेश के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर उनके और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाले छात्रों को माफ करने की अपील की थी. पूनावाला ने कहा कि तानाशाह की तरह व्यवहार करने के बजाय प्रधानमंत्री ने समाज, पुलिस और सभी लोगों से छात्रों को माफ करने की अपील की. उन्होंने कहा, "उन्होंने कहा कि ये शरारती बच्चे हैं, इन्हें माफ कर दीजिए.'
राहुल गांधी पर साधा निशाना
शहजाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा. पूनावाला ने कहा, "राहुल गांधी इंदिरा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के वंशज हैं. उनसे सीखिए कि असली तानाशाही और असली इमरजेंसी क्या होती है, मोदी जी."
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने छात्रों की मांगें स्वीकार करने के बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए, जबकि कांग्रेस सरकारों में सोशल मीडिया पोस्ट और विरोध प्रदर्शनों को लेकर मामले दर्ज किए जा रहे हैं.पूनावाला ने दावा किया कि केरल में राहुल गांधी के कथित अपमान को लेकर इंस्टाग्राम यूजर्स के खिलाफ मामले दर्ज किए गए. उन्होंने कर्नाटक में एक पोस्टर और एक रैप आर्टिस्ट के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का भी जिक्र किया.
पूनावाला ने कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि जवाहरलाल नेहरू ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित किया और इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी लगाकर विपक्षी नेताओं को जेल में डाला. उन्होंने असम आंदोलन, नवनिर्माण आंदोलन और अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का भी जिक्र किया.
आप तानाशाह नहीं बन पाए
प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए पूनावाला ने कहा कि आज बच्चे आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि वे बच्चे हैं, उनसे गलतियां होती हैं और उन्हें सही रास्ता दिखाना चाहिए. उन्होंने आखिर में फिर तंज कसते हुए कहा, "मोदी जी, 12 साल हो गए. आप तानाशाह नहीं बन पाए. आपने इन लेफ्ट लिबरल्स की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. आप नाकाम रहे."
शुक्रवार देर रात जारी वीडियो में पीएम मोदी ने कहा था कि नीट प्रदर्शन के दौरान उनकी दिवंगत मां के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल से उन्हें दुख हुआ, लेकिन उन्होंने समाज से छात्रों को माफ करने और उन्हें अपनी गलतियों से सीखने में मदद करने की अपील की थी.