शहजाद पूनावाला (Shehzad Poonawalla) एक राजनेता हैं. शहजाद का राजनीतिक जुड़ाव कम उम्र में ही शुरू हो गया था. उन्होंने कांग्रेस के साथ अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की और 2008 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के साथ काम किया. वह कांग्रेस की मीडिया रिसर्च टीम से जुड़े रहे और महाराष्ट्र कांग्रेस में भी जिम्मेदारी संभाली. उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ काम किया और चुनावी अभियानों से जुड़े कार्यों में भाग लिया.
2017 में शहजाद उस समय चर्चा में आए जब उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी के चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी का आंतरिक चुनाव निष्पक्ष नहीं था और राहुल गांधी का चयन पहले से तय था. इस मुद्दे को उन्होंने सार्वजनिक रूप से उठाया. इसके बाद कांग्रेस से उनके मतभेद बढ़ गए और उन्होंने पार्टी छोड़ दी.
कांग्रेस से अलग होने के बाद शहजाद पूनावाला बीजेपी में शामिल हो गए. उन्हें दिल्ली बीजेपी के आईटी और सोशल मीडिया विभाग की जिम्मेदारी दी गई. बाद में वह बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने और टेलीविजन न्यूज डिबेट में पार्टी का पक्ष रखते नजर आए.
शहजाद की पहचान उनके राजनीतिक बयानों और सोशल मीडिया गतिविधियों के कारण भी बनी. वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक रहे हैं.
जुलाई 2026 में बीजेपी छोड़ने के बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल से पार्टी से जुड़ी जिम्मेदारियों का उल्लेख भी हटा दिया.
उनका जन्म 17 अक्टूबर 1987 को पुणे, महाराष्ट्र में हुआ. उनकी शिक्षा की बात करें तो उन्होंने पुणे विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की. इसके अलावा उन्होंने पुणे स्थित एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में राजनीति और शासन से जुड़ा अध्ययन किया. उनकी स्कूली शिक्षा सेंट विंसेंट्स हाई स्कूल, पुणे से हुई.
शहजाद पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'तानाशाह' कहने वाले आलोचकों पर तंज कसा है. उन्होंने नीट प्रदर्शन के दौरान पीएम मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल के बाद छात्रों को माफ करने की प्रधानमंत्री की अपील का जिक्र किया.
कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामकर राजनीति में पहचान बनाने वाले शहजाद पूनावाल क्या राजनीति छोड़ रहे हैं. यह बात इसीलिए उठ रही है कि उन्होंने खुद एक्स पर ये बयान शेयर किया और अब उन्होंने अपना एक्स बायो बदल लिया.