देश भर में इथेनॉल को लेकर बहस तेज है. कहीं सवाल उठ रहे हैं कि इथेनॉल के इस्तेमाल से गाड़ियों के इंजन खराब हो जाएंगे तो कहीं इसे वापस लेने की मांग की जा रही है. वहीं दूसरी ओर, पंजाब के कुछ गन्ना और मक्का किसान इसे फायदेमंद भी बता रहे हैं. अब इस पूरे मामले को लेकर किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने प्रेस वार्ता की है. उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार से स्थिति को स्पष्ट करने की मांग की है.
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने सरकार से इथेनॉल को लेकर स्थिति को स्पष्ट करने की मांग की है. उनका कहना है कि सरकार को इसे लाने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करना चाहिए था. सोच विचार करने के बाद इसे लाना चाहिए था. उनका तर्क है कि सरकार जब इथेनॉल को लाने का सोच रही थी तब उन्हें पहले ऐसी मशीनरी को बनाने पर काम करना चाहिए था जो इथेनॉल के अनुकूल हो. अब जो मशीनरी है, उसमें इथेनॉल के इस्तेमाल से खराबी होने की खबरें आ रही हैं. बलबीर सिंह राजेवाल ने लोगों की दिक्कतों को उठाते हुए कहा कि इथेनॉल के इस्तेमाल से लोगों की गाड़ियों के इंजन खराब हो रहे हैं लेकिन सरकार इसे मानने को तैयार नहीं है.
उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनकार करने से समस्या का हल नहीं होगा. उनके मुताबिक सरकार को अपना ये अड़ियल रवैया नहीं अपनाना चाहिए.
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उन्होंने यह भी कहा कि इथेनॉल देश में उगाई जाने वाली फसलों से बनता है, इसलिए अगर इसका इस्तेमाल होता है तो यह किसानों के लिए फायदेमंद हो सकता है. लेकिन इसके लिए जरूरी है कि ऐसी नई तकनीक और मशीनें विकसित की जाएं, जो इथेनॉल पर बिना किसी परेशानी के चल सकें. राजेवाल ने सरकार से इस पूरे मुद्दे पर साफ और स्पष्ट नीति सामने रखने की मांग की, ताकि किसानों और आम लोगों के मन में किसी तरह का भ्रम न रहे.