इथेनॉल (Ethanol) एक प्रकार का जैविक अल्कोहल (C₂H₅OH) है, जिसे गन्ना, मक्का, आलू, जौ जैसे कृषि उत्पादों से किण्वन (fermentation) प्रक्रिया के द्वारा तैयार किया जाता है. यह पारदर्शी, रंगहीन और ज्वलनशील होता है. इसे इथाइल अल्कोहल भी कहा जाता है.
आज के दौर में जब पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों (जैसे पेट्रोल-डीजल) के विकल्प तलाशे जा रहे हैं, तब इथेनॉल एक महत्वपूर्ण और स्वच्छ विकल्प बनकर उभरा है. यह न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी बढ़ाता है.
ईंधन के रूप में - इथेनॉल को पेट्रोल में मिलाकर वाहनों में ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है. भारत में इसे "इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP)" कहा जाता है.
औद्योगिक क्षेत्र में इसका उपयोग दवाइयों, परफ्यूम, सैनिटाइज़र और रसायनों के निर्माण में होता है. मद्य निर्माण में शराब के रूप में इथेनॉल का उपयोग बहुत पुराना है.
भारत सरकार ने इथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देने के लिए ‘ई-20 फ्यूल नीति’ लागू की है, जिसके तहत 2025 तक पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य रखा गया है. इससे पेट्रोल पर निर्भरता घटेगी, विदेशी मुद्रा की बचत होगी, किसानों को फसल का बेहतर दाम मिलेगा.
इथेनॉल एक स्वच्छ, हरित और टिकाऊ ऊर्जा स्रोत है जो पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक सशक्तिकरण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है. यदि इसे सही दिशा और नीति समर्थन मिले, तो यह भविष्य की ईंधन क्रांति बन सकता है.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि, "दुनिया के 19 देशों में एथेनाल इस्तेमाल किया जा रहा है और भारत के किसी गाड़ी में आज शिकायत नहीं आ रही है. अगले महीने टोयोटा 100 प्रतिशत इथेनॉल से चलने वाली कार लॉन्च करने जा रही है. जो 60% बिजली इलेक्ट्रिसिटी भी जेनरेट करेगी.
लोकलसर्किल्स के सर्वे में पाया गया कि पिछले छह महीनों में अंडों की कीमतों में 10 से 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है. इससे 48 प्रतिशत परिवारों ने अंडों की खरीद कम कर दी है. मक्का की बढ़ती कीमतें और पोल्ट्री फीड की लागत में वृद्धि अंडे महंगे होने के मुख्य कारण हैं.इथेनॉल उत्पादन के लिए मक्का की मांग बढ़ने से सप्लाई प्रभावित हुई है.
E20 Petrol Row: गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने विधानसभा में कहा कि, E20 पेट्रोल से माइलेज कम होने या व्हीकल डैमेज होने की अभी तक कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है. लेकिन अगर किसी वाहन मालिक को E20 पेट्रोल से जुड़ी कोई परेशानी है, तो वह सिविल सप्लाई विभाग में शिकायत कर सकता है.
E20 Petrol ने आपकी गाड़ी के माइलेज और मेंटनेंस कॉस्ट पर असर डाला हो या नहीं, लेकिन इस फ्यूल की चर्चाओं ने बाजार का रूख बदल दिया है. इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल की बढ़ी चिंताओं ने अब दूसरे फ्यूल वाले वाहनों की डिमांड में तेजी ला दी है.
E20 Petrol Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में इथेनॉल ब्लेंडेड E20 पेट्रोल को लेकर कई अलग-अलग बिंदुओं को स्पष्ट करने की मांग की गई. ताकि आम ग्राहक को यह पता चल सके कि, जो फ्यूल उसके वाहन में डाला जा रहा है उसमें इथेनॉल ब्लेंडिंग की मात्रा कितनी है.
चीनी और दूसरी खाद्य वस्तुओं के बाद अंडों की कीमत में भी तेज बढ़ोतरी हुई है. सरकार ने इथेनॉल और फीड सेक्टर की बढ़ती मांग को देखते हुए मक्का उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने पर भी जोर दिया है.
भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में चीनी की कीमत में इजाफा हो रहा है, जिस कारण चीनी का संकट पैदा होता हुआ दिख रहा है. इसके पीछे दो वजह ब्राजील और मौसम को माना जा रहा है.
देश में चीनी के दाम तेजी से उछाल है. सरकार ने साफ किया है कि इथेनॉल प्रोडक्शन नहीं बल्कि कम उत्पादन, गन्ने की फसल में बीमारी और बढ़ी मांग इसके पीछे हैं. दरअसल, आलोचकों ने इथेनॉल प्रोडक्शन को बढ़ती कीमतों का जिम्मेदार ठहराया है. इस पर सरकार ने सफाई दी है.
दुनिया में भारत चीनी का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है, लेकिन एक दिक्कत ये है कि भारत में ही लगभग सभी उत्पादन की चीनी खपत हो जाती है. वहीं अब एक छोटी मात्रा इथेनॉल में भी यूज की जा रही है.
भारत में चीनी की किल्लत से इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने इनकार किया है और कहा है कि नए चीनी सीजन में गन्ने की पेराई आम समय से 10-15 दिन पहले शुरू हो जाएगी, जिससे घरेलू बाज़ार में नई चीनी जल्दी पहुंच सकेगी और कीमतें काबू में रहेंगी.
E20 Petrol Row: हाल ही में कई वाहन कंपनियों ने E20 पेट्रोल की क्वॉलिटी को लेकर चिंता जताई थी. ऑटो कंपनियों ने कुछ जगहों पर सप्लाई किए जा रहे E20 पेट्रोल में क्लोराइड की मात्रा ज्यादा होने और नमी मिलने के मामले सामने रखे थे. इन शिकायतों के बाद अब सरकार इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल को लेकर सख्ती बढ़ाने की तैयारी में है.
व्यंग्यकार कमलेश सिंह कहते हैं कि उन्हें अपनी कार के लिए E20 पेट्रोल मंजूर है, लेकिन इसी शर्त पर कि वह लंबे दाने वाले बासमती चावल से निकले इथेनॉल को मिलाकर बनाया गया हो.
त्योहार के सीजन में चीनी के बढ़े दामों ने लोगों को परेशान कर दिया है. देश में चीनी की कीमतों में तेजी को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं. विपक्ष इसकी वजह इथेनॉलमें गन्ने के इस्तेमाल को बता रहा है तो सरकार इससे इनकार कर रही है. सवाल ये भी है कि चीनी के दाम में ये तेजी बरकरार रहेगी या फिर जल्द थमेगी? देखें खबरदार.
चीनी पर इन दिनों देश की सियासत गर्माई हुई है. 5 हफ्तों में चीनी के 20 रुपए तक दाम बढ़ गए हैं. केंद्र सरकार का कहना है कि चीनी का उत्पादन अनुमान से कम है क्योंकि अल नीनो से गन्ने की फसल खराब हो गई है. विपक्ष कह रहा है कि जब सरकार गन्ने से इथेनॉल बनवाएगी तो चीनी तो महंगी होनी ही है. क्या देश में चीनी की महंगाई के पीछे इथेनॉल कनेक्शन है? देखें दंगल.
Onion Sugar Price Hike, एक ओर जहां त्योहारी सीजन से पहले चीनी लगातार महंगी (Sugar Price Hike) हो रही है और इसे लेकर राजनीतिक घमासान भी देखने को मिल रहा है. तो वहीं दूसरी ओर प्याज भी चीनी की चाल चलती नजर आ रही है और लोगों के आंसू निकाल रही है.
भारत ने E20 को लागू करने में तेजी दिखाई और आसान कर्ज की उपलब्धता के बीच इथेनॉल उत्पादन के लिए बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया. अब टैक्सपेयर्स के पैसे से खरीदा गया चावल करीब 40 फीसदी कम कीमत पर इथेनॉल बनाने वाली डिस्टिलरी को उपलब्ध कराया जा रहा है.
भारत के साथ दुनियाभर में चीनी की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है. ब्राजील में गन्ने का रुख इथेनॉल की ओर होने और अल-नीनो से मौसम प्रभावित होने के कारण वैश्विक चीनी आपूर्ति घटने का खतरा है. जानें संकट की बड़ी वजहें. वीडियो में जानें क्या है इसके पीछे प्रोडक्शन के आंकड़े.
दिल्ली पुलिस ने एक्टिविस्ट तहसीन पूनावाला को उनके घर में नजरबंद कर दिया और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने से रोक दिया. पूनावाला ने चीनी की बढ़ती कीमतों और केंद्र सरकार की E20 फ्यूल पॉलिसी के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध जताया था.
Sugar Price Hike देश में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने 31 अक्टूबर 2026 तक बिना किसी ड्यूटी के 10 लाख टन तक कच्ची चीनी के आयात की मंज़ूरी दी है. इस कदम से त्योहारों के मौसम से पहले देश में चीनी की कीमतों को काबू में रखने में मदद मिल सकती है.
E20 Petrol Engine Damage: लोकसभा सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने एक और वीडियो जारी कर बतया है कि, इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल से वाहन का इंजन डैमेज होता है या नहीं. इससे पहले उन्होंने इथेनॉल और पेट्रोल को अलग-अलग कटोरियों में जलाकर डेमो वीडियो दिखाया था.
DGMA ने '10% बायोफ्यूल ब्लेंड' का प्रस्ताव रखा है, यानी समुद्री जहाजों में इस्तेमाल होने वाले होमोजीनियस मरीन फ्यूल में मात्रा के हिसाब से कम से कम 10% बायोफ्यूल होना चाहिए. 1 जनवरी 2028 से इस ब्लेंडिंग को फेज़्ड मैनर में शुरू किया जाएगा.