कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्रों के लिए हॉस्टल सुविधाओं के मुद्दे पर मोदी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने सवाल उठाया कि छात्र असुरक्षित PG में रहने को क्यों मजबूर हैं. साथ ही, सत्य निकेतन हादसे की जांच कहां तक पहुंची है.
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर में मध्य प्रदेश के एक छात्र के परिवार के साथ हुई बातचीत की तस्वीरें शेयर कीं. यह छात्र 6 सितंबर को दिल्ली में सत्य निकेतन इमारत गिरने की घटना में मारा गया था.
घटना में जान गंवाने वाला 21 वर्षीय अर्पित जाज मध्य प्रदेश के देवास का रहने वाला था. राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर में अपने युवा संपर्क कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' के दौरान जाज के परिवार को मंच पर बुलाया.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'उस मासूम की क्या गलती थी, सत्य निकेतन की त्रासदी में अपने बेटे, अर्पित जाज को खोने वाला परिवार यही सवाल पूछ रहा है.'
राहुल ने कहा कि अगर अच्छे और सुरक्षित हॉस्टल होते, तो उन्हें अपने बच्चे को ऐसी खतरनाक जगह में रखने के लिए मजबूर न होना पड़ता. अगर सुरक्षा मानकों का सच में पालन होता, तो शायद यह त्रासदी होती ही नहीं.
कांग्रेस नेता ने कहा कि अर्पित का परिवार भी पूरे देश की तरह जवाबदेही मांग रहा है. वे चाहते हैं कि छात्रों की जिंदगी की जिम्मेदारी तय हो, ताकि फिर किसी माता-पिता को अपने बच्चे को इस तरह खोने का दर्द न सहना पड़े.
राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि नए और सुरक्षित हॉस्टल क्यों नहीं बनाए जा रहे. छात्रों को असुरक्षित PG में रहने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ रहा है और सत्य निकेतन हादसे की जांच कहां तक पहुंची.
वहीं, एक अन्य पोस्ट में उन्होंने बताया कि इंदौर में एक छात्रा ने उनसे सवाल किया कि सरकार के पास दिया जलाने के लिए पैसा है, हॉस्टल के लिए क्यों नहीं है.