सत्य निकेतन (Satya Niketan) दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में स्थित एक प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक इलाका है. यह दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के ठीक पास होने के कारण खासतौर पर विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय है. इलाके की सीमाएं रिंग रोड, सैन मार्टिन मार्ग और नानकपुरा क्षेत्र के आसपास तक फैली हैं.
सत्य निकेतन का विकास 1960 के दशक में हुआ था. समय के साथ यहां के छोटे आवासीय भूखंडों पर मकान, दुकानें, कैफे, रेस्तरां और पीजी (Paying Guest) आवास बड़ी संख्या में विकसित हो गए. आसपास श्री वेंकटेश्वर कॉलेज, रामलाल आनंद कॉलेज और मोतीलाल नेहरू कॉलेज जैसे दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रमुख कॉलेज हैं.
इलाके की सबसे बड़ी विशेषता इसकी कनेक्टिविटी है. यहां से दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन नजदीक है और डीटीसी बस, ऑटो तथा कैब की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं.
सत्य निकेतन मार्केट युवाओं के बीच अपने कैफे, फूड आउटलेट्स और रोजमर्रा की जरूरतों की दुकानों के लिए जाना जाता है. हालांकि, तेजी से बढ़े पीजी और व्यावसायिक निर्माण के कारण इलाके में भीड़, पार्किंग, यातायात और बुनियादी सुविधाओं पर दबाव जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं.
9 सितंबर 2026 को सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिर गई. इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई. मामले में इमारत के मालिक और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज किया गया.
Satya Niketan Building Collapse Live Updates: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए इमारत हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है और कई छात्र अब भी मलबे में फंसे हैं. अब इस घटना का सीसीटवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें इमारत ढहती दिखाई दे रही है. पुलिस ने इस इमारत के मालिक हरिराम और दूसरे जिम्मेदारों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है.
ईस्ट दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में जो इमारत ढही है, उसका मालिक हरिराम बंसल है जो कि हादसे के बाद से फरार है. हरिराम जहां एक तरफ सत्य निकेतन की इस इमारत का मालिक था, तो वहीं उसके पास कई और प्रॉपर्टीज भी हैं. गुरुग्राम के पालम विहार में उसका आलीशान बंगला और दुकान है.
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 5 मंजिला बिल्डिंग गिरने से बड़ा हादसा हो गया. बताया जा रहा है कि इमारत में छात्र रहते थे और कई लोग मलबे में फंस गए. हादसे के बाद स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे. मलबे में फंसे लोगों को सांस लेने में परेशानी न हो, इसके लिए लोगों ने Blinkit के जरिए ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाने की कोशिश की.
Delhi Satya Niketan Building Collapse: साउथ दिल्ली के मोती बाग क्षेत्र में सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत भरभराकर गिर गई. हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की करीब 8 गाड़ियां मौके पर पहुंची हैं. आसपास के लोगों में भी दहशत का माहौल है. फायर टीम के साथ स्थानीय पुलिस टीम भी मौके पर मौजूद है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. इस हादसे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है. रेस्क्यू टीम मलबा हटाकर संभावित फंसे लोगों की तलाश कर रही है.
Delhi Satya Niketan Building Collapse Video: दिल्ली में रविवार को एक बड़ा हादसा घट गया. जिसमें मोती बाग क्षेत्र में सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई. फायर टीम के साथ स्थानीय पुलिस टीम भी मौके पर मौजूद है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. हादसे के तुरंत बाद का Video सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि इमारत के गिरते ही पूरे इलाके में धूल और धुएं का गुबार छा गया था.
Delhi Satya Niketan Building Collapse Video: दिल्ली में रविवार को मोती बाग क्षेत्र में सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई. जिसके मलबे में दर्जनों लोगों के फंसे होने की आशंका है. मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. इस बीच आजतक से बातचीत में हादसे के चश्मदीदों ने खौफनाक मंजर बयां किया. देखें चश्मदीदों की बयानी.
Delhi Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली में रविवार को मोती बाग क्षेत्र में सत्य निकेतन इलाके की 5 मंजिला इमारत अचानक गिर गई. बताया जा रहा है कि इसके मलबे में दर्जनों लोगों के फंसे हो सकते हैं. मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. मौके पर कई सियासी नेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है. साथ ही उनके समर्थक भी मौके पर पहुंच रहे हैं. जिसके चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं. देखें ग्राउंड रिपोर्ट.
दिल्ली में रविवार को एक बड़ा हादसा घट गया. राजधानी के मोती बाग क्षेत्र में सत्य निकेतन इलाके की 5 मंजिला इमारत अचानक गिर गई. बताया जा रहा है कि इसके मलबे में दर्जनों लोगों के फंसे हो सकते हैं. जिन्हें बचाने रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. लेकिन इन सबके बीच सवाल ये है कि कब तक इस तरह से इमारतें यूं ही दम तोड़ेंगी और बेगुनाह लोगों की जान से खिलवाड़ होता रहेगा? देखें दंगल
दिल्ली में रविवार को एक बड़े हादसे में 5 मंजिला इमारत अचानक गिर गई. यह हादसा मोती बाग क्षेत्र में सत्य निकेतन इलाके में हुआ. हादसे में दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. साथ ही इसके मलबे में दर्जनों लोगों के फंसे होने की आशंका है. जिन्हें बचाने की जद्दोजहद जारी है. लेकिन इन सबके बीच सवाल ये है कि इस तरह के हादसे आखिर कब होते रहेंगे और कौन है इनके पीछे कसूरवार.
दिल्ली के सत्य निकेतन में भारी बारिश के बीच बहुमंजिला इमारत ढह गई. हादसे में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मौके पर पहुंचीं. एनडीआरएफ, पुलिस और दमकल की टीमें राहत बचाव में जुटी हैं. इमारत में पीजी चलने से छात्रों के दबे होने की आशंका भी जताई गई है. जांच लगातार जारी है.
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 50 साल पुरानी इमारत गिरने से बड़ा हादसा घट गया. हादसे में कई छात्र घायल बताए जा रहे हैं. 9 छात्रों को मलबे से निकाला गया है, जबकि दो छात्रों की मौत की खबर है. बताया जाता है कि इस 5 मंजिला इमारत के बेसमेंट में काम चल रहा था. आजतक ने घटनास्थल पर पहुंचकर खंगाले तमाम सवालों के जवाब. देखें
दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को पुरानी इमारत भरभराकर गिर गई. हादसे में तीन लोगों की मौत हुई, जबकि छात्रों और मजदूरों समेत छह लोग घायल हैं. पुलिस के मुताबिक, बेसमेंट में मरम्मत और खुदाई का काम चल रहा था, इसी दौरान पिलर खिसकने से इमारत ढह गई. एनडीआरएफ, दमकल और प्रशासन की टीमें राहत बचाव में जुटी हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने भी हादसे पर दुख जताया है
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए इमारत हादसे में कुछ छात्रों को मलबे से निकाला गया है, जबकि दो छात्रों की मौत की खबर है. वहीं अभी भी कई छात्रों के मबले में दबे होने की आशंका है. इस हादसे को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इसके लिए कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति छोड़ा नहीं जाएगा. खासकर इस इमारत का मालिक जो सबको छोड़कर भाग गया. देखें वीडियो.
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई. हादसे के बाद एबीवीपी सदस्यों ने एमसीडी के खिलाफ प्रदर्शन किया और सिविक सेंटर में तोड़फोड़ की. पुलिस ने करीब 15 लोगों को हिरासत में लिया. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मजिस्ट्रेट जांच और इमारत मालिक के खिलाफ एफआईआर का आदेश दिया है. एनडीआरएफ की टीमें मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हैं. बचाव अभियान जारी है.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार को सत्य निकेतन इलाके में एक बड़ा हादसा हो गया. सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत ढह गई, इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई है. Satya Niketan हादसे पर MCD Office के बाहर ABVP का प्रदर्शन, ABVP के प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प.
दिल्ली के इमारत हादसे में अब 6 लोगों की मौत हो गई है.. मरने वालों का आंकडा बढ़ गया गया... इसमें छात्र और मजदूर शामिल हैं.. पीजी में छात्र रहते थे,वहां बेसमेंट में कुछ काम चल रहा था इसी दौरान पूरी इमारत ढह गई... 3 मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. वहीं, हादसे में घायल हुए 5 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है. राहत और बचाव टीम ने अब तक 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. इस हादसे के बाद पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है. लेकिन सवाल है कि इससे होगा क्या? क्या ये इमारतें रातोंरात या एक दो दिन में बन जाती हैं? किस इमारत का कैसा उपयोग हो रहा है ये तो अथॉरिटीज को पता होना चाहिए ना?? या फिर सब सोए रहते हैं? हादसे के इंजार में रहते हैं??
सत्य निकेतन हादसे के बाद एमसीडी के अफसर जाग गए हैं. सत्य निकेतन के हउस नंबर 13 को नोटिस जारी किया. मकान को 3 दिनों के अंदर तोड़ने का नोटिस... MCD ने सत्य निकेतन के हाउस नंबर 13 को जर्जर घोषित किया.
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के हादसे पर राहुल गांधी ने चिंता जताई है. राहुल गांधी ने इसे बेहद दर्दनाक बताते हुए NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दलों से हर संभव प्रयास कर लोगों को मलबे से निकालने की अपील की है. उन्होंने दिल्ली में छात्रों के लिए पर्याप्त हॉस्टल की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बेहतर हॉस्टल नहीं होने के कारण कई छात्र PG में अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं.
ईस्ट दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत ढहने के तुरंत बाद का एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में एक महिला मलबे में दबे छात्रों को बचाने की अपील करती सुनी जा सकती है. वीडियो में वो रो-रोकर बता रही है कि उसके सामने ही ये इमारत गिर गई और इसमें कई लोग दबकर मर गए हैं.
सत्य निकेतन में इमारत ढहने के बाद मलबे में 30 से 50 लोगों के फंसे होने की आशंका के बीच NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस की टीमें रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी रहीं. मलबे के अंदर से कुछ लोगों ने फोन कर मदद मांगी, जिसके बाद बचावकर्मियों ने ऑक्सीजन और आधुनिक उपकरणों की मदद से फंसी जिंदगियों तक पहुंचने की कोशिश की.
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत हादसे के बाद इस इलाके की असल हकीकत से पर्दा उठ रहा है. हादसे के बाद इलाके के दूसरे हॉस्टलों और पीजी में भी बद्तर व्यवस्था के सबूत देखने को मिल रहे हैं. यहां सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी सामने आई है. संकरी गलियां, तंग दरवाजे और लटकते बिजली के तार, इस बात का सबूत दे रहे हैं कि ये इलाका खतरे से खाली नहीं है.