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NEET-UG 2026 पेपर लीक: कोर्ट ने 11 जुलाई तक बढ़ाई 10 आरोपियों की न्यायिक हिरासत

दिल्ली की एक अदालत ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 10 आरोपियों की ज्यूडिशियल कस्टडी 11 जुलाई तक बढ़ा दी है. इस मामले में कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 10 की कस्टडी अब बढ़ाई गई है. बाकी 3 आरोपियों की कस्टडी पहले ही बढ़ा दी गई थी.

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CBI ने अदालत से न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की थी. (Photo- ITG)
CBI ने अदालत से न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की थी. (Photo- ITG)

NEET-UG 2026 एग्जाम लीक मामले में दिल्ली की एक कोर्ट ने गिरफ्तार 10 आरोपियों की ज्यूडिशियल कस्टडी 11 जुलाई तक बढ़ा दी है. दरअसल स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर वी.के पाठक ने मामले में आगे की जांच के लिए उनकी कस्टडी बढ़ाने की अर्जी दी थी, जिसे अदालत ने मंडूर कर लिया है.

सोमवार को नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 13 आरोपियों में से 10 को ज्यूडिशियल कस्टडी खत्म होने के बाद वर्चुअली कोर्ट के सामने पेश किया गया था. स्पेशल जज विजेता सिंह रावत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए इन 10 आरोपियों की कस्टडी बढ़ा दी.

इन 10 आरोपियों में यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, धनंजय लोखंडे, तेजस हर्षद शाह, शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे, मनीषा हवलदार और डॉ मनोज शिरुरे शामिल हैं.

पहले ही बढ़ाई जा चुकी थी 3 आरोपियों की हिरासत

बाकी तीन आरोपियों में से, किंगपिन पी वी कुलकर्णी और शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को पहले ही 8 जुलाई तक ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया था. वहीं, एक और आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे को कोर्ट ने 30 जून तक 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा है.

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बता दें कि 12 मई को, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक का खुलासा होने के बाद NEET-UG एग्जाम को कैंसिल कर दिया था. इसके बाद 21 जून को री-एग्जाम हुआ जिसमें 20 लाख से ज्यादा मेडिकल कैंडिडेट्स ने दोबारा हिस्सा लिया.

यह भी पढ़ें: 'री-NEET की कोई टेंशन नहीं...', Video बनाकर री-नीट परीक्षा से दो दिन पहले छात्र ने दी जान 

सीबीआई ने कई धाराओं के तहत दर्ज किया मामला

CBI ने डिपार्टमेंट ऑफ हायर एजुकेशन और मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन से मिली एक शिकायत के आधार पर पेपर लीक का केस दर्ज किया है. एजेंसी ने बताया कि उसने NEET-UG परीक्षा के आयोजन में गड़बड़ियों और पेपर लीक म्मले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी, सबूत नष्ट करने और पब्लिक एग्जामिनेशन प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स एक्ट, 2024 के तहत अपराधों के लिए FIR दर्ज की है.

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