राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (Graduate) या NEET (UG), पूर्व में अखिल भारतीय प्री-मेडिकल टेस्ट (AIPMT) है. देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को रद्द कर दी गई थी. पेपर लीक और एक संदिग्ध 'सैंपल पेपर' को लेकर बवाल मचा, जिसके कारण नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 12 मई 2026 को परीक्षा रद्द करने का ऐलान कर दिया. NEET UG 2026 की परीक्षा 3 मई को देश भर में आयोजित की गई थी.
'नीट' उन छात्रों के लिए एक अखिल भारतीय प्री-मेडिकल प्रवेश परीक्षा है जो स्नातक चिकित्सा (MBBS), दंत चिकित्सा करना चाहते हैं. भारत में सरकारी और निजी संस्थानों में (BDS) और आयुष (BAMS, BUMS, BHMS) पाठ्यक्रम और विदेशों में प्राथमिक चिकित्सा योग्यता हासिल करने के इच्छुक छात्रों के लिए भी है.
परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाती है, जो सीट आवंटन के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और राज्य परामर्श प्राधिकरणों के तहत स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय को परिणाम प्रदान करती है (NEET Result).
NEET-UG ने राज्यों और विभिन्न मेडिकल कॉलेजों द्वारा आयोजित अखिल भारतीय प्री मेडिकल टेस्ट (AIPMT) और कई अन्य प्री-मेडिकल परीक्षाओं की जगह ले ली, हालांकि, परीक्षा के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के कारण 2014 और 2015 में यह आयोजित नहीं हो सका.
नीट-यूजी पूरे भारत में 66,000 से अधिक एमबीबीएस और बीडीएस सीटों पर प्रवेश के लिए एकल प्रवेश परीक्षा है.
सितंबर 2019 में NMC अधिनियम 2019 के लागू होने के बाद, NEET-UG अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) और जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (JIPMER) सहित भारत में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए एकमात्र प्रवेश परीक्षा बन गया.
NEET Special Trains: नीट 2026 परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए पश्चिम रेलवे की ओर से अहमदाबाद-मुंबई, ओखा-गांधीनगर और भावनगर-गांधीग्राम के बीच छह स्पेशल ट्रेनें चलेंगी. इन ट्रेनों में स्लीपर और सामान्य श्रेणी के कोच होंगे.
जैसे ही वायुसेना का हेलिकॉप्टर इमलीखेड़ा हवाई पट्टी पर लैंड हुआ, वहां पहले से ही तैनात प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी सक्रिय हो गए. प्रश्न-पत्रों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए इस पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा गया था. एयरफोर्स के जवानों ने कड़ी सुरक्षा के बीच इन पेपरों को उतारा, जिसके बाद स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की निगरानी में इन्हें सीधे स्ट्रांग रूम की ओर रवाना कर दिया गया.
दिल्ली सरकार ने आगामी 21 जून को होने वाली नीट-यूजी री-एग्जामिनेशन के दौरान अभिभावकों की गर्मी से राहत के लिए 97 परीक्षा केंद्रों के बाहर कूलिंग जोन्स स्थापित करने का फैसला किया है. इन जोन्स में शेड, कुर्सियां, ओआरएस, पानी, नींबू पानी, चाय और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अभिभावकों की तकलीफों को समझते हुए यह कदम उठाया गया है.
नीट री-एग्जाम के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने का यह बेहद गोपनीय और बड़ा सुरक्षा मिशन 13 जून से शुरू हुआ था, जिसके बुधवार (17 जून) तक पूरा होने की उम्मीद जताई गई थी. इसमें वायुसेना के परिवहन विमानों और हेलिकॉप्टरों का उपयोग करके दो मुख्य वितरण केंद्रों से परीक्षा के प्रश्नपत्रों को कलेक्ट किया गया.
एनटीए ने अपने मैसेज में अपील की है कि माता-पिता, शिक्षकों और व्यापक समाज से एक विनम्र अनुरोध है कि कृपया हमारे छात्रों को शांत रखने में हमारी मदद करें. असत्यापित जानकारी (अफवाहें) साझा करने से बचें. उन्हें स्थिर और बिना किसी परेशानी के मन के साथ परीक्षा हॉल में जाने दें.
नीट पेपर लीक के बाद देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सरकार सवालों के घेरे में है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एकबार फिर एजुकेशन सिस्टम और छात्रों को दी जाने वाली सुविधाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. कोटा में छात्रों से संवाद के दौरान राहुल गांधी एजुकेशन सिस्टम पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं पर छात्रों का कुल खर्च पांच मंत्रालयों के बजट के बराबर है. सरकार का ध्यान चयन से ज्यादा रिजेक्शन पर है.
अहमदाबाद के न्यू रानीप इलाके में 18 वर्षीय कहान पटेल ने 21 जून को होने वाली NEET परीक्षा से तीन दिन पहले बहुमंजिला इमारत से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. परिवार और इलाके में शोक का माहौल है. यह घटना परीक्षा के बढ़ते दबाव और मानसिक तनाव की गंभीरता को दर्शाती है. देशभर में NEET परीक्षा के कारण छात्रों की आत्महत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं.
इंडिया टुडे की टीम ने देश की कोचिंग कैपिटल कहे जाने वाले कोटा का दौरा किया ताकि न सिर्फ टॉपर्स और शिक्षकों की बात सुनी जा सके, बल्कि उस तनाव, उम्मीदों और अनसुलझे सवालों को भी समझा जा सके जो आज इस शहर की पहचान बन चुके हैं. यहां बड़ी संख्या में पेरेंट्स भी अपने बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए साथ रह रहे हैं.
संसद की स्टैंडिंग कमेटी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की वित्तीय रिपोर्ट में खुलासा किया कि बीते 6 सालों में एनटीए ने परीक्षाओं के आयोजन और फीस से 448 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है. समिति ने परीक्षा प्रणाली में पेपर लीक, धांधली और परीक्षा रद्द होने जैसी समस्याओं पर चिंता जताई है. कमेटी ने एनटीए और शिक्षा मंत्रालय से इस मुनाफे का उपयोग परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए करने को कहा है.
कोटा इस वक्त देश की सबसे बड़ी राजनीतिक हलचल का केंद्र बनी हुई है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देश के सबसे बड़े कोचिंग हब के लाखों छात्रों और युवाओं के मुद्दों, विशेषकर नीट-यूजी पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में धांधली और बेरोजगारी पर छात्रों से बात की. राहुल ने कहा कि शिक्षा प्रणाली छात्रों का दमन करती है. देखें...
आखिर टेलीग्राम ही क्यों? व्हाट्सएप या अन्य ऐप्स क्यों नहीं? इसके पीछे टेलीग्राम का एक खास तकनीकी फीचर है, जिसे स्कैमर्स ने अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया. बता दें कि टेलीग्राम पर कोई भी एडमिन अपने पुराने से पुराने मैसेज को कभी भी 'एडिट' कर सकता है, और सबसे खतरनाक बात यह है कि इससे मैसेज का मूल टाइमस्टैम्प नहीं बदलता.
भारत ने 21 जून को होने वाले नीट री-टेस्ट से ठीक पहले टेलीग्राम को अस्थायी रूप से बैन कर दिया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बताया कि टेलीग्राम के एडिट फीचर के कारण फर्जी पेपरों का घोटाला संभव हुआ. इस फीचर से मैसेज और अटैच फाइलों को बदला जा सकता है, जिससे नकली प्रश्नपत्र असली दिखाए जा सकते हैं. NTA ने कहा कि एडिट किए गए मैसेज पर 'Edited' लेबल स्पष्ट नहीं दिखता, जिससे धोखाधड़ी की संभावना बढ़ जाती है.
नीट पेपर लीक को लेकर देश में अभी भी विवाद थमा नहीं है. इसे लेकर हलचल अब तक चल रही है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस ने पोस्ट कर बताया कि नीट पेपर लीक के बाद से अब तक 9 उम्मीदवार अपनी जिंदगी खत्म कर चुके हैं जिसने न केवल मेंटल हेल्थ पर एक बहस छेड़ी है बल्कि प्रशासन पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
देहरादून की 23 वर्षीय मेधावी छात्रा रिया की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. 12वीं बोर्ड में 96.7 फीसदी अंक हासिल करने वाली रिया डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी और नीट की तैयारी कर रही थी. परिवार के मुताबिक हाल में दिए गए नीट एग्जाम बहुत अच्छा हुआ था, लेकिन रिएग्जाम को लेकर वह परेशान थी. कमरे से मिला 'मम्मी-पापा आई लव यू' नोट इस दर्दनाक घटना को और भावुक बना रहा है.
21 जून को होने वाली री-नीट परीक्षा को लेकर सरकार की ओर से तैयारियां तेज हैं. हर जगह सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं. ऐसे में परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन नियम ने बड़ी राहत दी है. परीक्षार्थी 20 जून से निगम की सभी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे. इसके लिए बस कंडक्टर को एडमिट कार्ड दिखाना होगा और जीरो टिकट जारी किया जाएगा.
राजस्थान के कोटा में राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम से पहले अशोक गहलोत ने प्रशासन पर होर्डिंग हटाने और दबाव बनाने का आरोप लगाया.
नीट री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर लगी अस्थायी रोक अब अंतरराष्ट्रीय बहस का विषय बन गई है. टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव ने भारत सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि बैन से पेपर लीक नहीं रुका, बल्कि सिर्फ 15 करोड़ से ज्यादा आम यूजर्स को परेशानी हुई.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अब केंद्र की बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने के लिए नया आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं. SIR के बहाने वोट चोरी जैसे मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरने के बाद राहुल गांधी NEET और पेपर लीक का मुद्दा उठाने जा रहे हैं.
भारत में टेलीग्राम को अस्थाई तौर पर बैन कर दिया है, जो 22 जून तक लागू रहेगा. सरकार ने यह फैसला 21 जून होने होने वाले RE-NEET एग्जाम के चलते लिया है. जानते हैं भारत में RE-NEET परीक्षा से पहले टेलीग्राम को ही क्यों बैन किया है.
जयपुर में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए थप्पड़ कांड के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस घटना को युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी से जोड़ते हुए कहा कि रोजगार के बेहतर अवसर होते तो शायद ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती. घटना के बाद उनके बयान ने बेरोजगारी, युवा असंतोष और राजनीतिक माहौल को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है.
Telegram ban in India: री-नीट परीक्षा को लेकर फैल रही अफवाहों और फर्जी खबरों को रोकने के लिए टेलीग्राम को 22 जून तक बंद किया गया है. टेलीग्राम पर बड़े-बड़े चैनल बनाए जा सकते हैं, जहां लाखों लोगों तक एक साथ जानकारी पहुंचाई जा सकती है. इसके कुछ फीचर्स का इस्तेमाल करके फर्जी पेपर लीक की खबरें भी फैलाने की आशंका रहती है. वहीं, व्हाट्सएप छोटे ग्रुप्स पर आधारित है.