केरलम में विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट परियोजना को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो गया है. CPI-M के राज्य सचिव एम वी गोविंदण ने मुख्यमंत्री वी डी सतीशन पर हमला बोला है. उन्होंने सीएम पर आरोप लगाया है कि वो पोर्ट परियोजना में प्रस्तावित शेयर ट्रांसफर के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गौतम अडानी के लिए काम कर रहे हैं.
बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गोविंदण ने मुख्यमंत्री वी.डी सतीशन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि शेयर ट्रांसफर से जुड़े सीधे सवालों से बच रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और के.सी. वेणुगोपाल से भी इस मुद्दे पर पार्टी का रुख साफ करने की मांग की.
CPI-M नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री सतीशन कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF का रुख साफ करने के बजाय जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं. गोविंदण ने कहा, 'वी डी सतीशन अब ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं जो मोदी और अडानी के लिए राज्य पर शासन कर रहे हैं.'
गोविंदण नेता ने दावा किया कि केरलम सरकार को इस प्रस्तावित शेयर ट्रांसफर की जानकारी पहले से थी. उन्होंने कहा, 'ये तर्क पूरी तरह से निराधार है कि सरकार को सेबी (SEBI) और मीडिया को सूचित किए जाने के बाद ही इसकी जानकारी मिली. अगर इस मामले को जानबूझकर सरकार से छुपाया गया था, तो सतीशन को बताना चाहिए कि उन्होंने क्या कानूनी कार्रवाई की है.
वायनाड टनल हादसे पर राजनीति न करने की अपील
विझिंजम पोर्ट के अलावा गोविंदण ने वायनाड में हुए टनल हादसे का भी जिक्र किया. उन्होंने सभी पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता से बचाव कार्यों में जुड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि इस मामले का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए.
गोविंदण ने कहा, 'यूडीएफ नेता, मंत्री और मीडिया का एक वर्ग इस मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक हमलों के लिए करने की कोशिश कर रहा है. इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए. सरकार का पूरा ध्यान जल्द से जल्द राहत और बचाव कार्य पूरा करने पर होना चाहिए.'
CPI-M नेता ने मांग की कि सरकार मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिशों को तेज करे, घायलों के लिए खास इलाज के इंतजाम करे और मृतकों और घायलों के परिवारों को तुरंत वित्तीय सहायता दे. उन्होंने बताया कि वो विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन के साथ आज वायनाड का दौरा करेंगे.
शराब टैक्स और मास ले-ऑफ पर भी घेरा
गोविंदण ने कम अल्कोहल वाली शराब पर टैक्स कम करने के सरकार के फैसले की भी कड़ी आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि इस टैक्स छूट से सिर्फ शराब कंपनियों को फायदा हुआ है. इसके साथ ही, उन्होंने अमेरिकी मेडिकल कोडिंग कंपनी 'कोरोहेल्थ' के केरलम में अपने दो केंद्रों से बिना किसी पूर्व नोटिस के 800 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का मुद्दा उठाया.
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गोविंदण ने कहा कि केरलम इस कार्रवाई का विरोध करता है. उन्होंने केंद्र सरकार के लेबर कोड को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि ये कानून ऐसी कंपनियों को सुरक्षा देते हैं जो अचानक तालाबंदी या छंटनी करती हैं.