वी.डी. सतीशन (V. D. Satheesan) वरिष्ठ कांग्रेस नेता हैं. उन्होंने 18 मई 2026 को केरल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की . उन्हें राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. 2026 चुनाव में अपने गढ़, परावूर निर्वाचन क्षेत्र से फिर से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. 14 मई 2026 को कांग्रेस पार्टी ने वी.डी. सतीशन को केरल का नया मुख्यमंत्री बनाए जाने की घोषणा की थी.
140 सदस्यीय केरल विधानसभा में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 102 सीटों पर जीतकर बहुमत हासिल की थी.
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता और पेशे से वकील सतीशन 2001 से परावूर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. वे पिछले पांच वर्षों से UDF के भ्रष्टाचार-विरोधी अभियानों का चेहरा रहे हैं. वह पहले KPCC के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं और KSU के माध्यम से छात्र राजनीति में उनकी एक मजबूत पृष्ठभूमि रही है.
सतीशन का जन्म 31 मई 1964 को एर्नाकुलम जिले के नेटूर में हुआ था. उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा पनांगड हाई स्कूल से की. स्नातक की पढ़ाई सेक्रेड हार्ट कॉलेज, थेवारा से और समाज कार्य (MSW) में स्नातकोत्तर की पढ़ाई राजगिरी कॉलेज ऑफ सोशल साइंसेज से पूरी की. इसके बाद उन्होंने केरल लॉ एकेडमी लॉ कॉलेज से बैचलर ऑफ लॉज (LLB) और गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, तिरुवनंतपुरम से मास्टर ऑफ लॉज (LLM) की पढ़ाई पूरी की.
लगभग 10 वर्षों तक, सतीशन ने केरल हाई कोर्ट में वकालत की. उनकी शादी आर. लक्ष्मी प्रिया से हुई है और उनकी एक बेटी है, जिसका नाम उन्निमाया है.
सियासत में कदम रखते ही राहुल गांधी ने 2004 में युवाओं को आगे लाने की मुहिम शुरू की थी. उस वक्त जब वे बदलाव करना चाहते थे, तो पार्टी के कई वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के पास जाकर अपना वीटो लगवा दिया करते थे, लेकिन मल्लिकार्जुन खड़गे के अध्यक्ष बनने और राहुल गांधी के 'नेता प्रतिपक्ष' के बाद हालात बदले तो कांग्रेस भी बदलने लगी है.
कांग्रेस में संगठन और नेतृत्व स्तर पर पीढ़ीगत बदलाव के संकेत दिख रहे हैं. राज्यसभा टिकटों से लेकर राज्यों के नेतृत्व तक, नई पीढ़ी के नेताओं को जिम्मेदारी मिलने को राहुल गांधी की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. इन बदलावों को कांग्रेस की 2029 की राजनीतिक तैयारी और नेतृत्व के नए ढांचे के रूप में भी देखा जा रहा है
कांग्रेस शासन वाले राज्यों में नेतृत्व का मसला हल करने के बाद राहुल गांधी संगठन में बदलाव करने जा रहे हैं. केरल और कर्नाटक के अलावा जोर उन राज्यों पर भी है, जहां आने वाले दिनों में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं - और ध्यान यह रखा जा रहा है कि सब कुछ मिशन 2029 के हिसाब से दुरुस्त हो.
कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव 2029 को ध्यान में रखते हुए दक्षिण भारत में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में सक्रिय दिखाई दे रही है. कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु से जुड़े हालिया राजनीतिक फैसले संगठनात्मक प्राथमिकताएं, सामाजिक समीकरणों और नेतृत्व की भूमिकाओं को लेकर काफी सजग नजर आई है.
केरल के नए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने पद संभालने के बाद अपने पहले दिल्ली दौरे के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की. शनिवार को उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की. शुक्रवार देर रात दिल्ली पहुंचे सतीशन का केरल हाउस में कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया.
यह कहानी सिर्फ कारों, उनके लोहे, इंजन और टायर की नहीं है. यह कहानी है उस जुनून की, जिसे उत्तर भारत अक्सर 'दिखावा' समझकर छोड़ देता है, लेकिन केरल के लिए यह एक आर्ट है, एक संस्कृति है, और अब एक राजनीतिक आंदोलन है. जिसके आगे पहले कांग्रेस और अब UDF सरकार नतमस्तक हैं.
केरलम की नई यूडीएफ सरकार में मंत्रियों के विभागों का बंटवारा बुधवार को फाइनल हो गया है, जिसे राज्यपाल ने मंजूरी दे दी. मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने अपने पास वित्त समेत कुल 35 विभागों की बड़ी जिम्मेदारी रखी है.
केरलम में नई सरकार का गठन हो चुकी है. वीडी सतीशन के नेतृत्व वाली नई यूडीएफ सरकार ने शपथ ले ली है. कैबिनेट में महिलाओं, युवाओं और नए चेहरों को जगह मिली है. कांग्रेस और IUML के बीच संतुलन बनाते हुए अलग-अलग समुदायों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व दिया गया है.
केरलम में कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ ने दस साल से सत्ता पर काबिज लेफ्ट के नेतृत्व वाली एलडीएफ को मात देकर सरकार बना ली है. वीडी सतीशन सीएम बने तो साथ में 20 मंत्री बनाए गए हैं, जिनके जरिए कांग्रेस ने जातीय और धार्मिक समीकरण के साथ केरलम का क्षेत्रीय बैलेंस बनाने का दांव चला.
हाल ही में संपन्न हुए केरल विधानसभा चुनाव में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने शानदार जीत हासिल कर वामपंथ के दस साल के शासन को खत्म कर दिया है. आज तिरुवनंतपुरम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में वीडी सतीशन ने केरल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण कर ली है. उनके साथ उनका पूरा मंत्रिमंडल शपथ ली.
एक मुख्यमंत्री के तौर पर सतीशन को कई बार अपनी इच्छाओं को मारना होगा, कई बार गठबंधन की मजबूरी में 'खून के घूंट' पीने होंगे. केरल की जनता ने एलडीएफ के कुशासन से तंग आकर यूडीएफ को एक बड़ा और ऐतिहासिक मौका दिया है. जनता को आपसी गुटबाजी से कोई लेना-देना नहीं है, उसे डिलिवरेबल्स चाहिए.
केरल में यूडीएफ सरकार के मुख्यमंत्री पद के निर्वाचित उम्मीदवार वीडी सतीशन 18 मई की सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे. उनके साथ उनकी पूरी कैबिनेट भी शपथ ग्रहण कर सकती है.सूत्रों का कहना है कि इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए कांग्रेस के कई शीर्ष नेता केरल पहुंचेंगे.
केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस हाईकमान ने वो जोखिम नहीं लिया, जो वह राजस्थान, मध्यप्रदेश, हिमाचल और कर्नाटक जैसे राज्यों में लेता आया था. जमीनी मांग वीडी सतीशन को लेकर थी, जिसके आगे पार्टी नेतृत्व नतमस्तक हुआ. और हाईकमांड के सबसे करीबी केसी वेणुगोपाल को मन मसोसकर नेतृत्व के फैसले का समर्थन करना पड़ा.
केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की नई सरकार के गठन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. कांग्रेस नेता वीडी सतीसन सोमवार सुबह तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में भव्य समारोह के दौरान पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे. इस भव्य समारोह में राहुल, प्रियंका समेत कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के शामिल होने की उम्मीदें हैं.
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केरल के नए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन को शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया है. उन्होंने कहा कि वे केरल में आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे.
कांग्रेस के सीनियर लीडर शशि थरूर ने वीडी सतीशन को केरल का नया मुख्यमंत्री बनने पर शुभकामनाएं दीं. इसके अलावा उन्होंने बताया कि वे शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हो पाएंगे.
केरलम में दस साल के बाद कांग्रेस सत्ता में लौटी है. वीडी सतीशन सोमवार को सीएम पद की शपथ लेंगे, लेकिन मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार थे. ऐसे में रूठे नेताओं को मनाने के लिए कांग्रेस उन्हें कैबिनेट में जगह दे सकती है. ऐसे में सवाल उठता है कि यूडीएफ सरकार कैसी होगी?
केरलम के मुख्यमंत्री की रेस में वीडी सतीशन से केसी वेणुगोपाल पीछे रह गए. इस तरह वेणुगोपाल ने केरलम की 'गद्दी' जरूर खोई है, लेकिन दिल्ली के 'दरबार' में उनका प्रभाव अभी भी बरकरार है. ऐसे में केसी वेणुगोपाल अब क्या-क्या रोल अदा करेंगे?
कांग्रेस ने केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में वीडी सतीश का नाम घोषित किया है. 61 वर्षीय वीडी सतीश को कांग्रेस पार्टी में राहुल गांधी की पहली पसंद माना जाता है. यह घोषणा पार्टी द्वारा आधिकारिक रूप से की गई है.
केरलम के मुख्यमंत्री पद पर सस्पेंस खत्म हो गया है. कांग्रेस के दिल्ली मुख्यालय में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केरल की प्रभारी दीपा दास मुंसी ने मुख्यमंत्री पद के लिए वीडी सतीशन के नाम का ऐलान किया. ऐसे में सवाल उठता है कि राहुल गांधी के करीबी होने के बाद भी केसी वेणुगोपाल क्यों सीएम की रेस में पिछड़ गए और सतीशन ने कैसी भारी पड़े?
केरलम में नए मुख्यमंत्री को लेकर कांग्रेस के भीतर जारी सस्पेंस अब खत्म हो गया है. कांग्रेस विधायक दल की बैठक में वीडी सतीशन के नाम पर मुहर लग गई है और अब वो केरलम के नए मुख्यमंत्री होंगे. कांग्रेस ने लगातार बैठकों के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनके नाम का ऐलान कर दिया है. 10 दिन तक मंथन चला, अपने-अपने दावे किए गए. आखिर केरल CM का नाम कैसे हुआ फाइनल? देखें ब्रेकिंग न्यूज