मुस्लिम महिलाओं को लेकर दिए गए अपने बयान के बाद इस्लामिक स्कॉलर ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर मुसुलियार विवादों में घिरे हैं. इस बीच अब उनका एक नया बयान सामने आया है. इसमें उन्होंने साफ लफ्जों में कहा है कि चाहे उनका कितना भी विरोध हो, लेकिन वो शरिया (इस्लामिक कानून) का प्रचार करते रहेंगे.
ग्रैंड मुफ्ती शेख शनिवार रात कोझिकोड में आयोजित 'अंतरराष्ट्रीय मिलाद सम्मेलन' में पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कहा, 'जब हम शरिया की बात करते हैं, तो ये अल्लाह का शरिया है. वही शरिया जो अल्लाह के रसूल (पैगंबर) ने सिखाया है.'
उन्होंने आगे कहा कि पैगंबर ने सिखाया था कि शरिया को मानने वाला एक ग्रुप कयामत तक रहेगा और इसकी बात करता रहेगा. ग्रैंड मुफ्ती ने कहा, 'चाहे कोई भी इसका कितना भी विरोध करे, अल्लाह का शरिया और पैगंबर का दिखाया गया रास्ता यहां हमेशा पुकारा जाता रहेगा.'
हर जिले में मिलाद सम्मेलन करना चाहते हैं कांतापुरम
ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर ने केरल के हर जिले में शरिया सम्मेलन आयोजित करने की ख्वाहिश जाहिर की. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, 'मुझे उम्मीद है कि आप सभी एक साथ आएंगे और इस पहल में अपना सहयोग देंगे.'
पहले कांतापुरम ने दिया था 'विवादित बयान'
बता दें कि इससे पहले ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर ने कहा था कि महिलाओं को सार्वजनिक मंचों पर लाना 'बड़ी बर्बादी' की वजह होगा. उनके इस बयान पर उनका जमकर विरोध हुआ. केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन सहित कई हस्तियों ने उनकी आलोचना की. सतीशन ने उनकी इस सोच को 19वीं सदी की पुरानी मानसिकता करार दिया था.
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विवाद के बाद दी थी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद ग्रैंड मुफ्ती शेख ने अपने बयान पर सफाई भी दी थी. उन्होंने कहा था कि वो महिलाओं को घर में कैद रखने या दबाने के समर्थक नहीं हैं. उन्होंने दावा किया कि वो खुद कई महिलाओं को पढ़ने और आगे बढ़ने के लिए मौके देते हैं.