देश में समावेशी विकास और सामाजिक संवाद को लेकर एक अहम पहल के तहत ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस बैठक में अल्पसंख्यक कल्याण, शिक्षा, सामाजिक विकास और समुदाय से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई.
सामस्था केरल जमीय्यतुल उलमा के महासचिव शेख अबूबकर अहमद के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया. बैठक के दौरान समावेशी विकास, मानव विकास को आर्थिक प्रगति के साथ संतुलित करने और समाज के कमजोर वर्गों को अवसर उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई.
यह भी पढ़ें: 'कई देश भारत के साथ व्यापार साझेदारी को उत्सुक...', बोले PM मोदी, बजट पर भी की बात
प्रधानमंत्री ने जमीय्यतुल उलमा और जामिया मरकज द्वारा शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की. उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल न केवल समाज को सशक्त बनाती हैं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सकारात्मक छवि को भी मजबूत करती हैं.
निर्दोष लोगों को न्याय सुनिश्चित करने की अपील
बैठक में वक्फ से जुड़े मुद्दों, ऐतिहासिक मस्जिदों की सुरक्षा और अल्पसंख्यक शैक्षिक कल्याण योजनाओं की बहाली का मुद्दा भी उठाया गया. प्रतिनिधिमंडल ने निर्दोष लोगों को न्याय सुनिश्चित करने, इस्लामी संस्थानों के सामने आने वाली चुनौतियों को दूर करने और दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने के लिए नई ट्रेन सेवाएं शुरू करने का सुझाव भी रखा.
यह भी पढ़ें: कांग्रेस सरकार में क्यों पूरे नहीं होते थे व्यापार समझौते? PM मोदी ने बताया
प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुना और भरोसा दिलाया कि इन पर उचित स्तर पर विचार किया जाएगा. यह बैठक सरकार और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है