JPSC और JSSC-CGL में धांधली मामले में SIT की कार्रवाई तेज हो गई है, तो वहीं दूसरी तरफ ये मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. JPSC परीक्षा में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है.
सुप्रीम कोर्ट में दायर PIL में सरकारी अधिकारियों और परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच के लिए मामले को राज्य CID से हटाकर सीबीआई को सौंपने की मांग की है.
याचिका में कहा गया है कि सिर्फ परीक्षा कैंसिल कर देने से सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार और दोषियों की पहचान खत्म नहीं हो जाती, इसलिए व्यापक जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए.
सबूतों को सुरक्षित करने की मांग
PIL में ये भी कहा गया है कि मूल और अभ्यर्थियों के पास मौजूद OMR कार्बन प्रतियां, सीसीटीवी फुटेज और सर्वर ऑडिट लॉग जैसे सभी फिजिकल और डिजिटल सबूतों को तुरंत सुरक्षित किया जाए ताकि किसी भी तरह की छेड़छाड़ रोकी जा सके.
इंडिया टुडे से बात करते हुए याचिकाकर्ता के वकील सत्यम सिंह राजपूत ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वो इस मामले पर तुरंत सुनवाई के लिए शुक्रवार को देश के CJI के सामने अपनी मांग रखेंगे.
JSSC-CGL विवाद में SIT की कार्रवाई तेज
दूसरी तरफ, JSSC-CGL परीक्षा में गड़बड़ियों की जांच के लिए बनाई गई SIT ने अपनी कार्रवाई काफी तेज कर दी है. इस मामले में SIT ने अब तक 37 संदिग्धों से पूछताछ की है. जांच एजेंसियां कई अहम सुराग जुटा रही हैं और संदिग्धों के तार बड़े नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है.
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हाईकोर्ट ने झारखंड सरकार के फैसले पर लगाया स्टे
बता दें कि रांची में छात्र प्रदर्शनकारियों की मांग पर झारखंड सरकार ने JPSC की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) की बहाली रद्द कर दी थी. अब हाईकोर्ट ने झारखंड सरकार के इस फैसले पर स्टे लगा दिया है.