जयपुर के जिस सरकारी स्कूल में कल तक बच्चों की पढ़ाई भैंसों के बाड़े के बीच हो रही थी, वहां अब बड़ा बदलाव हुआ है. शनिवार को तस्वीर एकदम बदली नजर आई. आजतक की खबर के बाद ग्रामीणों ने बड़ी पहल की और शिक्षा विभाग की सहमति के बाद रामपुरा कंवरपुरा के सरकारी स्कूल को अस्थायी तौर पर एक मकान में शिफ्ट किया गया.
शनिवार को सुबह इस नई जगह पर ही 18 बच्चों की पढ़ाई हो रही है. दरअसल, 15 अगस्त से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) देश के अलग-अलग हिस्सों में 'स्कूल ठीक करो' अभियान चला रही है. इस अभियान के तहत CJP के लोग जगह-जगह जाकर स्कूलों का दौरा कर रहे हैं.
इसी कड़ी में कल CJP नेता जयपुर के इस गांव में पहुंचे और स्कूल की बदहाल स्थिति का जायजा लिया. लेकिन मौके पर बवाल हुआ और ग्रामीणों ने उन्हें वापस भेज दिया. दरअसल, यहां प्राथमिक स्कूल तबेले में चल रहा था, साथ ही बच्चों की पढ़ाई के लिए न ही कोई सुरक्षित माहौल था और न ही अवश्यक मूलभूत सुविधाएं.
मामला लाइमलाइट में आने के बाद गांव वालों ने शिक्षा विभाग से स्कूल को सुरक्षित जगह शिफ्ट करने की मांग की. ग्रामीणों की मांग पर सहमति मिल गई और फिलहाल स्कूल को एक मकान में संचालित करने का फैसला हुआ है. शिक्षकों और छात्रों को नई जगह स्कूल शिफ्ट होने पर राहत मिली है.
यह भी पढ़ें: नागपुर: स्कूल जाते भाई-बहन को 'बाय-बाय' करते वक्त दूसरी मंजिल से गिरा मासूम, मौत
उनका कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि इस मकान से बहुत जल्द स्थायी भवन में स्कूल संचालित होगा. जिस ग्रामीण ने अपने घर की छत बच्चों की पढ़ाई के लिए दी है, उनका कहना है, "स्कूल हमारा है और बच्चे भी हमारे हैं." उन्होंने भविष्य में भी स्कूल भवन के निर्माण में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है.
हालांकि, ग्रामीणों ने यह भी कहा कि बच्चों की पढ़ाई और स्कूल जैसे मुद्दे को विवाद को रूप देना गलत है. भैंसों के बाड़े से शुरू हुआ यह स्कूल कमरे तक पहुंच गया है. अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि यह जल्द ही एक स्थायी भवन में तब्दील होगा.