देश के कई हिस्सों में अक्टूबर के पहले सप्ताह में मौसम का मिजाज बदला रह सकता है. कहीं बारिश तो कहीं गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी की रेखा अभी गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा, नलिया से होकर गुजर रही है. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 2 से 3 दिनों के दौरान पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों, गुजरात और मध्य प्रदेश के ज्यादातर इलाकों, पूरे पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है.
मिजोरम और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र 1 अक्टूबर को कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया. इससे जुड़ा साइक्लोनिक सर्कुलेशन समुद्र तल से औसतन 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है और ऊंचाई बढ़ने के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है. अगले 24 घंटों के दौरान इसके इसी क्षेत्र में बने रहने की संभावना है. उत्तर तटीय तमिलनाडु और आसपास के इलाकों के ऊपर समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है.
उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव
वहीं, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से तमिलनाडु होते हुए मन्नार की खाड़ी तक करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर उत्तर-दक्षिण दिशा में एक ट्रफ लाइन बनी हुई है. उत्तर हरियाणा और आसपास के इलाकों के ऊपर 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच वेस्टर्न डिस्टर्बेंस साइक्लोनिक सर्केुलेशन के रूप में सक्रिय है. इसके अलावा, उत्तर-पूर्वी असम और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के ऊपर भी ऊपरी वायुमंडल में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बने हुए हैं. इन वेदर सिस्टम का असर उत्तर, मध्य, दक्षिण, पूर्वी से पूर्वोत्तर भारत के राज्यों तक देखने को मिल सकता है.
2 से 7 अक्टूबर तक बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, 2 से 7 अक्टूबर के बीच दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है. वहीं, उत्तर भारत के कुछ राज्यों में सप्ताह के आखिरी दिनों में बारिश होने के आसार हैं.
उत्तर भारत के कई राज्यों में सप्ताह के आखिरी दिनों में बारिश होने की संभावना है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 6 और 7 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है. हिमाचल प्रदेश में 5 से 7 अक्टूबर के दौरान बारिश का अनुमान है. यहां 6 और 7 अक्टूबर को गरज-चमक तथा बिजली गिरने की भी आशंका है. उत्तराखंड में 5 से 7 अक्टूबर के दौरान बारिश हो सकती है. राज्य में 6 और 7 अक्टूबर को गरज-चमक तथा बिजली गिरने की संभावना है. वहीं, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 6 और 7 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है.
मध्य भारत में यहां होगी बारिश
मध्य भारत में पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 से 3 अक्टूबर के दौरान बारिश होने की संभावना है. छत्तीसगढ़ में 2 से 7 अक्टूबर तक कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है. मध्य महाराष्ट्र और गोवा में 2 से 7 अक्टूबर के दौरान बारिश का अनुमान है. गुजरात क्षेत्र में 2 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है.
दक्षिण भारत के राज्यों में अक्टूबर के पहले सप्ताह में बारिश की गतिविधियां ज्यादा रहने का अनुमान है. केरल में 2 से 7 अक्टूबर तक कई जगह बारिश हो सकती है. यहां 2 अक्टूबर को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश होने की आशंका है, जबकि 4 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है. 12 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं.
कर्नाटक में भी बारिश का दौर
कर्नाटक में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है. उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 2 से 7 अक्टूबर, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 से 7 अक्टूबर और तटीय कर्नाटक में 3 से 7 अक्टूबर के दौरान बारिश हो सकती है. तटीय कर्नाटक में 2 अक्टूबर को कई जगह बारिश होने का अनुमान है. दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अक्टूबर को भी कई इलाकों में बारिश हो सकती है. तटीय कर्नाटक में 2 अक्टूबर को और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 और 5 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है.
तमिलनाडु और पुडुचेरी में 2 से 7 अक्टूबर के दौरान बारिश हो सकती है. दोनों जगह 2 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान है. वहीं, 2 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. हवा के झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है. तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी 2 से 7 अक्टूबर तक बारिश होने के आसार हैं. इन इलाकों में 2 से 5 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. इस दौरान सतह पर तेज हवाएं चलने की भी संभावना है. तेलंगाना में 2 और 3 अक्टूबर को बारिश हो सकती है. लक्षद्वीप में 2 से 7 अक्टूबर तक बारिश और 2 अक्टूबर को तेज हवाओं के साथ गरज-चमक का अनुमान है.
पूर्वोत्तर के सात राज्यों में बारिश
पूर्वोत्तर भारत के सभी सात राज्यों- अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 7 अक्टूबर के दौरान बारिश हो सकती है. अरुणाचल प्रदेश में 2 अक्टूबर को गरज-चमक तथा बिजली गिरने की आशंका है. इन दोनों दिनों में भारी बारिश भी हो सकती है. असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 2 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है. इन छह राज्यों में 2 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अनुमान है. ऐसे में पूर्वोत्तर के कई इलाकों में लोगों को बारिश और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की जरूरत है.
ओडिशा, बंगाल और सिक्किम में भी बारिश का दौर
ओडिशा में 2 से 7 अक्टूबर तक बारिश होने की संभावना है. 2 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. हवा के झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में पूरे सप्ताह यानी 2 से 7 अक्टूबर तक बारिश का अनुमान है. गंगीय पश्चिम बंगाल में 2 से 7 अक्टूबर के दौरान बारिश हो सकती है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 2 और 3 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है.
सिक्किम में भी 2 से 7 अक्टूबर तक बारिश हो सकती है. यहां 2 और 3 अक्टूबर को गरज-चमक तथा बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. बिहार और झारखंड में 5 से 7 अक्टूबर के दौरान कुछ जगहों पर बारिश होने के आसार हैं. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी पूरे सप्ताह छिटपुट से लेकर कई जगहों पर बारिश हो सकती है.