सऊदी अरब पर हूती मिलिशिया के हमले लगातार जारी हैं. शनिवार को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सऊदी की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों और दो ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया. गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि एयर डिफेंस ने खामिस मुशैत की ओर बढ़ रही दो बैलिस्टिक मिसाइलों और रियाद की तरफ जा रहे दो ड्रोन को मार गिराया.
गठबंधन के मुताबिक, इस हमले में किसी तरह के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है. यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब लाल सागर में जहाजों पर हमलों और समुद्री आवाजाही को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है. गठबंधन ने शुक्रवार को यमन के होदेइदाह प्रांत में हूती ठिकानों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई भी की थी.
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GCC ने सऊदी के साथ जताई एकजुटता
हूती हमले के बाद गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल यानी जीसीसी ने सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताई है. जीसीसी के महासचिव जासिम मोहम्मद अल-बुदैवी ने मिसाइल और ड्रोन हमलों की निंदा की. उन्होंने कहा कि ये हमले सऊदी अरब की संप्रभुता का उल्लंघन हैं और आम लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सीधा खतरा हैं.
अल-बुदैवी ने कहा कि जीसीसी के सभी देश सऊदी अरब के साथ खड़े हैं और अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए सऊदी की ओर से उठाए गए कदमों का पूरा समर्थन करते हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हूती के लगातार हो रहे हमलों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की अपील की.
यूएन सुरक्षा परिषद ने भी की निंदा
इससे पहले शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने भी सऊदी अरब पर हूती के लगातार हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की थी. खास तौर पर उन हमलों पर चिंता जताई गई, जिनमें आम नागरिकों और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया और महिलाओं तथा बच्चों समेत नागरिक घायल हुए.
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सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताई और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उसके आत्मरक्षा के अधिकार को दोहराया. लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच सऊदी और हूती के बीच तनाव और बढ़ता जा रहा है.