बॉक्सिंग रिंग में अपने जोरदार पंच से विरोधी को पटखनी देने वाली लेजेंड मैरी कॉम बिग बॉस में चारों खाने चित्त हो गई हैं. फैंस को लगा था शो में उनकी फाइटिंग स्पिरिट दिखेगी. लेकिन तीन हफ्ते बीत चुके हैं...रिंग की चैंपियन मैरी कॉम, बिग बॉस में फ्लॉप दिख रही हैं. उनका गेम इतना वीक है कि उन्हें एपिसोड में ढूंढना मुश्किल हो जाता है. वो ना टास्क में दिखती हैं, ना डिसक्शन में, बस किचन में खाना बनाते हुए ही पाई जाती हैं.
मैरी का ये कैसा गेम?
रिंग की चैंपियन मैरी कॉम, बिग बॉस के गेम में शांत हैं. पहले दिन से वो सेफ खेल रही हैं. घरवालों के झगड़े या उनके पचड़ों में नहीं पड़तीं. शुरुआत में अपने मुंह मियां मिट्ठू बनने की वजह से थोड़ा बहुत वो शो में दिख रही थीं. वो बात अलग है अपने इन सेल्फ ओब्सेशन वाले स्टेटमेंट्स की वजह से वो ट्रोल्स का शिकार हुई थीं. पर जैसा भी था हल्का फुल्का कंटेंट तो दे रही थीं.
लेकिन हफ्ते दर हफ्ते उनकी स्क्रीन पर प्रेजेंस घटती जा रही है. ना उनमें गेम खेलनी की भूख दिखती है, ना ही वो शो में अपना 100 प्रतिशत दे रही हैं. हैरानी इस बात की है कि वो फिजिकली सबसे ज्यादा फिट होने के बावजूद टास्क में पावरफुल नहीं दिखी हैं. उनका जीरो गेम प्लान होता है. मैरी के शो की जब अनाउंसमेंट हुई थी, फैंस को लगा था इस बार का सीजन मैरी के नाम होने वाल है.
मैरी की एंट्री को शो के लिए बड़ा एक्सपेरिमेंट माना गया था. प्रियंका चोपड़ा ने भी घरवालों को मैरी से बचकर रहने की सलाह दी थी. पर शो में वो जिस तरह से खेल रही हैं, उनका गेम में भविष्य लंबा नजर नहीं आता. अब तक उनके हिस्से में रोजमर्रा के काम, खाना बनाने और घर संभालने का जिम्मा ही दिखा है.
कहां खराब हुई गेम?
मैरी के लिए ये शो उनकी पर्सनैलिटी और प्रोफेशन के एकदम विपरीत है. नॉर्थ इंडिया के सीधे-सादे लोगों के लिए शोबिज की पॉलिटिक्स और उसके दांव पेच समझना चैलेंजिंग है. मैरी ने आजीवन खुद को बॉक्सिंग में बिजी रखा. एंटरटेनमेंट की फील्ड उनके लिए नया एक्सपेरिमेंट है. वो इंडिया की लेजेंडरी चैंपियन हैं. शायद इस वजह से वो सेफ प्ले कर रही हैं. क्योंकि एक भी गलत स्टेटमेंट या दांव, उन्हें ट्रोल्स का फेवरेट बना सकता है. इसलिए काफी हद तक संभव है अपनी इमेज को प्रोटेक्ट करने के लिए वो बच कर खेल रही हैं. या फिर ऐसा संभव है कि मैरी रियलिटी शो को समझ नहीं पाई हैं.
खाना बनाकर मिलेगी ट्रॉफी?
बिग बॉस के विनर ज्यादातर किचन से निकले हैं. खाना और उसे लेकर बने मुद्दे बीबी हाउस में सबसे बड़े हाईलाइट रहे हैं. तो क्या मालूम मैरी घरवालों को किचन पॉलिटिक्स कर गेम से साइडलाइन करना चाहती हैं? भले ही उनका गेम, स्टैंड वीक हो, लेकिन मैरी के हाथों का स्वाद घरवालों को भा गया है. लेकिन क्या खाना बनाकर वो शो जीत सकती हैं? जवाब होगा-- नहीं.
बिग बॉस का फॉर्मेट सिर्फ अच्छा खाना बनाने या घर संभालने तक सीमित नहीं है. यहां दर्शक कंटेस्टेंट की पर्सनैलिटी, उसके फैसले, स्टैंड, आपसी रिश्ते, टकराव और मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकलने की ट्रिक्स पर भी फोकस करते हैं. भले ही रिंग में उनकी उपलब्धियां बेमिसाल होंगी, लेकिन बिग बॉस में पिछली उपलब्धियां आपको इसका विनर नहीं बनाती. इसलिए अगर मैरी शो की विनर खुद को देखना चाहती हैं, तो मुद्दों पर आवाज उठाना उनके लिए बेहद जरूरी है.
आपको कैसा लगता है मैरी का गेम?