मई में क्या चल रहा है... Fog चल रहा है! दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद कोहरे वाली सुबह
मई का महीना शुरू हो चुका है. इस महीने में पसीने वाली गर्मी और चिलचिलाती धूप का आलम रहता है, लेकिन इस बार अब तक मौसम इसके उलट देखने को मिल रहा है. मई के महीने में बारिश होने के साथ ही ठंड-कंपकंपी और कोहरा दिख रहा है. मौसम विभाग के अनुसार 4 मई को भी बारिश हो सकती है.
महीना मई का चल रहा है, तारीख है चार. हमारी-आपकी, हम सबकी याद में ये महीना 'गर्मी की छुट्टी' के तौर पर शुमार रहा है. लेकिन दिल्ली-NCR में बीते तीन दिन से मौसम का अलग ही मजाक चल रहा है. कैलेंडर में तो मई का महीना आ चुका है, लेकिन मौसम मिसमैच हो गया है. आलम यह है कि पंखें-कूलर बंद हैं. एसी की याद ही नहीं है, स्वीमिंग पूल तो भूल जाइए, घरों में लोग नहाने के लिए गीजर भी चला रहे हैं. इसी दिल्ली-NCR में जब लोगों की नींद एकदम सुबह-सुबह खुली तो आंखों ने जो देखा उस पर भरोसा नहीं हुआ. मुंह से निकला, भाई साहब, क्या चल रहा है? ये तो मई में फॉग चल रहा है.
दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में कोहरा
दिल्ली-NCR के कई इलाकों, संतनगर, बुराड़ी, डीएनडी फ्लाई ओवर, यमुना ब्रिज और यहां तक कि नोएडा में भी घना कोहरा छाया दिखा. गर्मियों में सुबह के छह बजे जहां, आसमान साफ होता है और पूरब में धीरे-धीरे सूरज क्षितिज से ऊपर चढ़ता नजर आने लगता है, वहां मौसम का मिजाज ओस और शीत भरा रहा. इसके साथ ही ठंडी हवा से कंपकंपी भी महसूस हुई. बता दें कि दिल्ली के सफदरजंग इलाके में सुबह छह बजे का तापमान 16.9 डिग्री दर्ज किया गया. इसके साथ ही कोहरा भी छाया दिखा.
आज भी बारिश के आसार
बता दें कि दिल्ली में बीते तीन दिन से मौसम बिगड़ा हुआ है. बिना मॉनसून के लगातार बारिश हो रही है, जिससे तापमान में भी काफी गिरावट दर्ज की जा रही है. IMD के मुताबिक, 02 मई को न्यूनतम तापमान 19 डिग्री और अधिकतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया जाने का अनुमान था. असल तापमान इससे थोड़ा ही ऊपर-नीचे हुआ.
नई दिल्ली के तमाम इलाकों में मंगलवार और बुधवार को भी गरज के साथ बारिश देखी गई. मौसम विभाग के मुताबिक, नई दिल्ली में बारिश का ये दौर 04 मई तक जारी रह सकता है. इसके बाद 05 मई से दिल्ली को बारिश से राहत रहेगी, लेकिन आसमान में बादलों का डेरा रहने के आसार हैं.
क्यों बदला है मौसम का मिजाज?
मई में मौसम कूल-कूल है, इसे आप भले ही इंजॉय कर रहे हैं, लेकिन ये बहुत खुशी की बात नहीं है. मौसम विज्ञानी हमेशा से इसे लेकर चेतावनी देते रहे हैं. वैसे भी बेमौसम कुछ भी ठीक नहीं है. एक तो इससे फसल चक्र प्रभावित होता है और दूसरा, लॉन्ग टर्म में नुकसान है कि खाद्य संकट का भी सामना करना पड़ सकता है. पिछले चार दिनों से राजधानी का तापमान 30 डिग्री से कम बना हुआ है. मौसम के इस मिजाज का लुत्फ तो आप उठा रहे हैं, लेकिन मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, यह जलवायु परिवर्तन का असर है और इसे प्रकृति की चेतावनी माना जाना चाहिए.
इस वजह से हुई तापमान में गिरावट
मई के महीने में मौसम जो अपना बदला हुआ रंग दिखा रहा है, उसकी वजह भौगोलिक परिस्थितियों में हुए कुछ बड़े बदलाव हैं. इसकी वजह दो तरह के पश्चिमी विक्षोभ हैं. इनमें एक तो हरियाणा और दक्षिण पाकिस्तान पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है और दूसरी तरफ उत्तर पश्चिम राजस्थान पर भी एक चक्रवाती परिसंचरण काम कर रहा है. इसके कारण तापमान में काफी गिरावट आई है.
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| A thick layer of fog enveloped parts of the national capital this morning
(Visuals from Ashram)
— ANI (@ANI)
क्या कहता है IMD?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने पिछले सप्ताह कहा था कि अल नीनो का मानसून पर कोई भी प्रभाव केवल मौसम के दूसरे भाग में ही दिखाई देगा. उन्होंने कहा था, "यह जरूरी नहीं है कि अल नीनो खराब मानसून की ओर ले जाएगा. 1951 से 2022 तक के 15 अल नीनो वर्षों में, सामान्य से अधिक बारिश वाले छह साल थे." महापात्र के अनुसार, हिंद महासागर डिपोल (IOD) नामक एक मौसम संबंधी घटना, जो हिंद महासागर के समुद्र की सतह के तापमान में विसंगति के कारण होती है, दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रदर्शन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
यूपी-हरियाणा, राजस्थान भी भीग रहे
जहां तक बात भारत के शहरों की है तो ये मौसम सिर्फ दिल्ली-एनसीआर में ही नहीं बदला है, बल्कि अन्य प्रदेश भी ऐसी ही स्थिति का सामना कर रहे हैं. यूपी-हरियाणा में भी मौसम का ऐसा ही रुख है. उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के इलाकों में भी बारिश हो रही है.हरियाणा के जींद, गोहाना, गन्नौर, सोनीपत, तोशाम, रोहतक, खरखौदा, भिवानी, चरखी दादरी, मट्टनहेल, झज्जर, लोहारू, फारुखनगर, कोसली, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नारनौल, बावल और यूपी के बड़ौत, बागपत, मेरठ, खेकड़ा, मोदीनगर, किठौर अमरोहा, गढ़मुक्तेश्वर, बिजनौर और आस-पास के इलाकों में भी बारिश की खबर है.
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पहाड़ों पर भी रिमझिम
इसके पहले, आईएमडी ने देहरादून के लिए अलर्ट जारी किया था और उत्तराखंड में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने का अनुमान लगाया था. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले चार दिनों में 3,200 मीटर से अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी के साथ पूरे उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की उम्मीद है.