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'ऐसा नेक दिल इंसान मैंने नहीं देखा', मुंबई के पड़ोसियों ने स्मित मछार की तारीफ में पढ़े कसीदे

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट के पायलट स्मित मछार पर कॉकपिट में चाकू से हमला हुआ. विमान तेजी से नीचे जाने लगा, मगर घायल कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं छोड़ी. अब मुंबई की उस बिल्डिंग में भी उनके जज्बे की चर्चा है, जहां वह कभी अपने माता-पिता के साथ रहा करते थे.

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स्मित मछार के हिम्मत और साहस पर उनके पड़ोसियों को गर्व है (Photo-LinkedIn/Smit Machchhar)
स्मित मछार के हिम्मत और साहस पर उनके पड़ोसियों को गर्व है (Photo-LinkedIn/Smit Machchhar)

फ्लाईदुबई की फ्लाइट को क्रैश होने से बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मछार की बहादुरी की हर तरफ सराहना हो रही है. अब मुंबई में उनके पड़ोसी और पिता के दोस्तों ने भी स्मित की तारीफ की है. पड़ोसी स्मित के जल्द बेहतर होकर घर लौटने की दुआ कर रहे हैं.

दरअसल, दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में कैप्टन स्मित पर उनके ओमानी को-पायलट ने हमला कर दिया था. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोला. इसके बाद यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू करने में मदद की.

प्लेन में मौजूद ऑफ ड्यूटी पायलट्स की मदद से सऊदी अरब के तबुक में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. हिसंक झड़प के बीच कैप्टन स्मित के इस जज्बे की हर कोई सराहना कर रहा है. अब मुंबई में उनके पड़ोसी और पिता के दोस्त स्मित के साहस को याद कर रहे हैं और उनके जल्द घर लौटने की दुआ कर रहे हैं.

स्मित के पुराने पड़ोसी डॉक्टर जिनीत शाह ने आज तक से बातचीत में कहा कि वह करीब 15 साल से ज्यादा समय से स्मित को जानते हैं. स्मित बेहद शांत स्वभाव के और नेक दिल इंसान हैं और लोगों की मदद करना उनके स्वभाव में रहा है.

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डॉक्टर शाह ने बताया कि स्मित के माता-पिता चेंबूर के स्वास्तिक हाइट्स में रहते हैं. स्मित भी उनके साथ यहीं रहते थे. करीब 2-3 साल पहले काम के सिलसिले में वह दुबई शिफ्ट हुए थे. डॉक्टर शाह ने बताया कि जब आखिरी बार स्मित के माता-पिता से उनकी हालत के बारे में बात हुई थी, तब उनकी स्थिति गंभीर थी. अब उनके माता-पिता सऊदी अरब रवाना हो चुके हैं.

यह भी पढ़ें: 'कौन बचाएगा आपको?' एक साल पहले कही स्मित मच्छार की बात अब क्यों हो रही वायरल

बिल्डिंग के लोगों को स्मित पर नाज

स्मित के पिता उपेंद्र के दोस्त और बिल्डिंग के चेयरमैन अशोक मकवाना और लक्ष्मीकांत जोशी ने भी आज तक से बात की. दोनों ने बताया कि उपेंद्र उनके पुराने दोस्त हैं और हादसे के बाद से वे लगातार परिवार के संपर्क में हैं. उन्होंने परिवार को एयरपोर्ट तक पहुंचाने में भी मदद की. दोनों का कहना है कि स्मित ने जिस तरह अपनी जान की परवाह किए बिना विमान में मौजूद लोगों को बचाने में मदद की, उससे पूरी बिल्डिंग को उन पर नाज है.

स्मित के पड़ोसियों को अब उनके घर लौटने का इंतजार है. बिल्डिंग के लोगों ने कहा है कि जब वह वापस आएंगे तो उनका जोरदार स्वागत किया जाएगा. पड़ोसी उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं. फ्लाइट में हुई इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी स्मित की बहादुरी की तारीफ कर चुके हैं. नेतन्याहू ने उन्हें 'सच्चा हीरो' बताया है, जबकि भारत सरकार ने भी उनकी हिम्मत को सलाम किया. 

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