तेल अवीव (Tel Aviv), इजरायल का एक प्रमुख शहर, देश की आधुनिकता, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक जीवन का प्रतीक है. यह शहर भूमध्य सागर के तट पर स्थित है और राजधानी यरूशलम के बाद इजरायल का दूसरा सबसे बड़ा नगर है. तेल अवीव का पूरा नाम "तेल अवीव-याफो" है, क्योंकि यह पुराने बंदरगाह शहर याफो (Jaffa) से जुड़ा हुआ है.
तेल अवीव की स्थापना वर्ष 1909 में याफो के पास एक आधुनिक यहूदी बस्ती के रूप में की गई थी. यह क्षेत्र उस समय ओटोमन साम्राज्य के अधीन था. धीरे-धीरे यह बस्ती एक महानगर में बदल गई और इजरायल के स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद यह देश की वाणिज्यिक और तकनीकी राजधानी बन गया.
तेल अवीव को “मिडिल ईस्ट का सिलिकॉन वैली” कहा जाता है. यह शहर स्टार्टअप्स, इनोवेशन, और हाई-टेक इंडस्ट्री का केंद्र है. दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियों के मुख्यालय या अनुसंधान केंद्र यहां स्थित हैं. इसके अलावा, यहां का स्टॉक एक्सचेंज भी देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
तेल अवीव अपनी जीवंत नाइटलाइफ़, थिएटर, कला दीर्घाओं और संगीत कार्यक्रमों के लिए प्रसिद्ध है. यहां का हबिमा थिएटर, इजरायल फिलहारमोनिक ऑर्केस्ट्रा और कई संग्रहालय वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित हैं. यह शहर विविधताओं से भरा है, जहां यहूदी, अरब, प्रवासी और पर्यटक – सभी एक साथ रहते हैं.
तेल अवीव में समुद्र तटों की एक लंबी श्रृंखला है जो पर्यटकों को आकर्षित करती है. हिल्टन बीच, फ्रिशमैन बीच और गॉर्डन बीच काफी प्रसिद्ध हैं. याफो का पुराना शहर, इसकी संकरी गलियां, कला और ऐतिहासिक बंदरगाह भी दर्शनीय स्थल हैं. इसके अलावा, तेल अवीव की आधुनिक इमारतें, विशेष रूप से बाऊहाउस शैली की वास्तुकला, यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित की गई हैं.
तेल अवीव, ईरान, रियाद, दुबई समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों पर फ्लाइट्स कैंसल कर दी गई हैं, जो क्षेत्रीय सुरक्षा की गंभीर स्थिति को दर्शाता है. विभिन्न एयरलाइंस ने रविवार तक की अपनी उड़ानों को रद्द किया है, जिससे पता चलता है कि एयर स्पेस काफी खतरनाक स्थिति में है. अमेरिका ने अपनी फोर्सेज को इस क्षेत्र में तैनात कर दिया है और जोसेफ अब्राहम लिंकन वारशिप ऑपरेशनल हो चुकी है. ऐसे में नए महायुद्ध के संभावित प्रारंभ या प्रिवेंटिव स्ट्राइक्स का खतरा बना हुआ है. यह पूरा क्षेत्र अब युद्ध क्षेत्र में तब्दील होने की ओर अग्रसर है.
ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड के चीफ एडमिरल ब्रेड कूपर का इजराइल के तेल अवीव पहुंचना एक महत्वपूर्ण विकास है. यह दौरा इस टकराव की गंभीरता को दर्शाता है, जिसमें अमेरिकी और इजराइली सैन्य अधिकारी मिलकर सामरिक तैयारियों को मजबूत कर रहे हैं. अमेरिका ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है और मध्य पूर्व में अपने सैनिकों को बढ़ा दिया है.
मध्य पूर्व में बढ़ते सुरक्षा तनाव और ईरान के साथ संभावित टकराव की आशंका के बीच Air France और KLM ने इजरायल, दुबई और सऊदी अरब के लिए वीकेंड उड़ानें रद्द कर दी हैं. यह फैसला क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और अस्थिर हालात को देखते हुए लिया गया है.
वेनेजुएला का कहना है कि अमेरिका ने उसके कई ठिकानों पर हवाई हमला किया है. ये हमला वेनेजुएला की राजधानी काराकास समेत 4 शहरों पर हुआ है. आइए समझते हैं अमेरिका ने अचानक ये हवाई हमाल क्यों किया है...
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा एलान करते हुए इजरायल और हमास के बीच चल रहे युद्ध के खत्म होने की घोषणा की है. ट्रंप ने कहा, 'आज का दिन ऐतिहासिक है.' तेल अवीव पहुंचे ट्रंप ने यह भी कहा कि दशकों से चला आ रहा यह युद्ध अब शांत हो गया है और यह एक नई शुरुआत है.
तेल अवीव में सैकड़ों प्रदर्शनकारी गाजा युद्ध को समाप्त करने और सभी बंधकों को रिहा करने के लिए सरकार से समझौता करने की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर बिल्कुल भरोसा नहीं है. बता दें कि हमास ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की शांति योजना के कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति जताई है.
धमाके की वजह का अभी पता नहीं चल पाया है. यह घटना फरवरी में हुए सिलसिलेवार बस धमाकों के बाद हुई है, जिन्हें आतंकवादी हमला बताया गया था. फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि यह घटना पहले के हमलों से जुड़ी है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है.
तेल अवीव में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं. ये प्रदर्शन गाजा में बंदकों की रिहाई की मांग को लेकर हो रहे हैं. प्रदर्शन उस वक्त हिंसक हो गया जब सुरक्षा बलों ने सड़कों से प्रदर्शनकारियों को हटाना शुरू कर दिया. कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया.