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आपत्ति के लिए एक घंटे का टाइम... जोरदार हंगामे के बीच लोकसभा में पेश हुआ एंटी पेपर लीक बिल

एंटी पेपर लीक बिल पीएमओ में राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने पेश किया. विपक्षी सदस्यों ने वेल में आकर जोरदार हंगामा और नारेबाजी की.

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जितेंद्र सिंह ने पेश किया बिल (Photo: Screengrab)
जितेंद्र सिंह ने पेश किया बिल (Photo: Screengrab)

पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में गतिरोध जारी है. मॉनसून सत्र के दूसरे हफ्ते के पहले दिन लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पेश हुआ, लेकिन इस बिल पर चर्चा की शुरुआत नहीं हो सकी. प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने हंगामे और विपक्ष की नारेबाजी के बीच यह बिल पेश किया. इस विधेयक में पेपर लीक या परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने के मामलों में कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल जेल के साथ ही 50 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है.

लोकसभा में पेश 'सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पेपर लीक की जांच दो महीने के भीतर पूरी करने की समय सीमा तय की गई है. इस बिल में पेपर लीक से जुड़े संगठित अपराध के मामलों में कम से कम सात वर्ष की कैद और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है. इस बिल के कानून की शक्ल ले लेने के बाद सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अधिकार दिया जाएगा. चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर मुकदमे का निपटारा करना होगा.

केंद्र सरकार को इस बिल के जरिये विशेष परिस्थितियों में पेपर लीक मामलों की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स गठित करने का अधिकार भी दिए जाने का भी प्रावधान है. इस बिल को पेश किए जाने पर कांग्रेस के मनीष तिवारी, टीएमसी के सौगत रॉय, आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन ने विरोध का नोटिस दिया था. स्पीकर ने नाम लिया, लेकिन विपक्षी सदस्य वेल में हंगामा और नारेबाजी करते रहे. इनमें से कोई भी बोलने के लिए खड़ा नहीं हुआ. इसके बाद स्पीकर ने इन सदस्यों को लिखित में अपनी बात एक बजे तक रखने के लिए कहा.

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स्पीकर ओम बिरला ने इस बिल पर चर्चा शुरू करने की अपील करते हुए कहा कि सभी दलों की लंबे समय से यह मांग रही है कि नीट पेपर लीक पर चर्चा हो. उन्होंने इस बिल को सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम बताते हुए कहा कि नारेबाजी करने की बजाय सदन में इस विधेयक पर चर्चा करें. सरकार प्रयास करेगी कि आपके सुझावों को बिल में शामिल किया जाए. स्पीकर की ओर से बार-बार आग्रह किए जाने के बाद भी विपक्षी सदस्य वेल में जमे रहे. इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.

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गौरतलब है कि विपक्षी दलों के सदस्यों ने दोनों सदनों में कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू कर दिया. विपक्षी सदस्य प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे थे. विपक्षी दलों की मांग है कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्री के तहत आती है. दिल्ली पुलिस को लाठीचार्ज का ऑर्डर किसने दिया. इसे लेकर जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए.

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