डॉ जितेन्द्र सिंह (Dr Jitendra Singh) एक चिकित्सक और भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं. वे विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के पूर्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग के राज्यमंत्री हैं. 2024 लोकसभा चुनाव में उधमपुर से 124,373 मतों से जीत हासिल की और पीएम नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाए गए.
एक मेडिकल डॉक्टर होने के अलावा, सिंह समाचार पत्र से भी जुड़े हुए थे. शुरुआत में उन्होंने कश्मीर टाइम्स के लिए लिखा. इसके बाद, वे डेली एक्सेलसियर में चले गए.
वे मधुमेह और एंडोक्रिनोलॉजी के प्रोफेसर, लाइफ पैट्रन, रिसर्च सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया (RSSDI), संस्थापक कार्यकारी सदस्य, डायबिटीज इन प्रेग्नेंसी स्टडी इंडिया, एक सलाहकार, नैदानिक चिकित्सक थे. वे नेशनल साइंटिफिक कमेटी डायबिटीज और रिसर्च सोसाइटी फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया के पूर्व अध्यक्ष हैं.
बात करें उनके राजनीतिक करियर की तो उन्होंने 2014 से 2024 के बीच मोदी सरकार में विभिन्न विभागों को संभाला है. 7 जुलाई 2021 से वह केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय और केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे.
30 मई 2019 से वह केंद्रीय राज्यमंत्री कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय; राज्य मंत्री, परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग के राज्यमंत्री रहे. फिर 7 जुलाई 2021 तक केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय मिला.
जितेंद्र सिंह का जन्म 6 नवंबर 1956 को जम्मू में हुआ था.वह एक हिंदू डोगरा राजपूत परिवार से आते हैं. उनके माता-पिता राजिंदर सिंह और शांति देवी बड़े थे. उनका परिवार डोडा जिले के मरमत इलाके से ताल्लुक रखता है.
उन्होंने ग्वालियर के सिंधिया स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की. चेन्नई के स्टेनली मेडिकल कॉलेज से बैचलर ऑफ मेडिसिन, बैचलर ऑफ सर्जरी की और जम्मू के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर ऑफ मेडिसिन की.
16 अप्रैल 1982 को उन्होंने मंजू सिंह से शादी की और उनके दो बेटे हैं.
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस दिया है. इसके जवाब में कांग्रेस काउंटर प्रिविलेज मोशन ले आने की तैयारी में है. कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल ने भी जितेंद्र सिंह के खिलाफ नोटिस स्पीकर को सौंप दिया है.
लोकसभा के बाद एंटी पेपर लीक बिल राज्यसभा से भी पारित हो गया है. अब राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा. सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में अनियमितताओं पर रोक लगाना है. वहीं विपक्ष ने इसकी प्रभावशीलता और पेपर लीक रोकने को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं.
पेपर लीक के खात्मा के लिए मोदी सरकार नया विधेयक लेकर आई है. लोकसभा में हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक विधेयक पास हो गया और अब बारी राज्यसभा की है. मोदी सरकार क्या लोकसभा की तरह ही राज्यसभा से भी बिल पास करा लेगी, उच्च सदन में का नंबर गेम क्या है?
लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर बहस के दौरान जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के दावों को तथ्यहीन बताया. उन्होंने कहा कि दिल्ली प्रोटेस्ट में गोली नहीं चली थी, सिर्फ टियर गैस का इस्तेमाल हुआ.
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने एंटी पेपर लीक बिल को केवल दिखावे का बिल बताया और सरकार की विफलता पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोपियों को जमानत मिलने का उदाहरण देते हुए कहा कि यह कानून असफल साबित होगा.
Sonam Wangchuk 26 दिन के आमरण अनशन के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज हो गए हैं। उन्हें 24 जुलाई को Medanta Hospital में भर्ती कराया गया था।अब हालत में सुधार के बाद उन्होंने बताया कि लद्दाख लौटने से पहले वे Rajghat जाकर Mahatma Gandhi को श्रद्धांजलि देंगे।
एंटी पेपर लीक बिल पीएमओ में राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने पेश किया. विपक्षी सदस्यों ने वेल में आकर जोरदार हंगामा और नारेबाजी की.
दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एक दिलचस्प तस्वीर देखने को मिली. यहां CJP प्रवक्ताओं संग संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने माहौल थोड़ा हल्का करने की कोशिश की. इस पूरे वाकए का वीडियो वायरल हो रहा है...
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद चर्चा तेज है कि क्या सीजेपी के 72 घंटे के अल्टीमेटम ने सरकार पर निर्णायक दबाव बनाया. सूत्रों के मुताबिक, सीजेपी ने साफ कर दिया था कि इस्तीफा नहीं होने पर संसद मार्च फिर शुरू होगा. इसके बाद सरकार में लगातार बैठकों का दौर चला और अंततः प्रधान ने इस्तीफा दे दिया.
सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया. उन्होंने कहा कि सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया. सरकार ने संसद में परीक्षा सुधार पर चर्चा, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर मामले दर्ज नहीं करने और NEET पेपर लीक से जुड़े आत्महत्या पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवजे पर सकारात्मक विचार का भरोसा दिया है.
सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk ने केंद्रीय मंत्री JP Nadda और Jitendra Singh से मुलाकात के बाद 26 दिन का अनशन खत्म कर दिया। उन्होंने बातचीत और हालात को देखते हुए यह फैसला लिया तथा शांति बनाए रखने की अपील की.
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों बाद अपना अनशन खत्म कर दिया है. वांगचुक ने बताया कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात कर या पत्र लिखकर अनशन खत्म करने का आग्रह किया था.
केंद्र सरकार ने पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए तैयार है. केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दावा किया है कि सरकार हर समय चर्चा के लिए तैयार है. पिछले 24 घंटे में प्रदर्शनकारियों को 4 बार बातचीत का ऑफर दिया जा चुका है. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी जहां चाहे वहां चर्चा कर सकते हैं.
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मेदांता अस्पताल में अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से मुलाकात की. उन्होंने सरकार ने एजुकेशन में सुधार के लिए संसद में चर्चा कराने का भरोसा दिया है. मंत्रियों ने वांगचुक से छात्रों को सरकार पर भरोसा बनाए रखने और उग्र कदम न उठाने की अपील भी की है.
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के अंरिक्ष मिशन की सफलता पर लोकसभा में चर्चा की शुरुआत हुई, लेकिन हंगामे के कारण यह आगे नहीं बढ़ सकी. केंद्रीय मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने चर्चा की शुरुआत की और विपक्ष को जमकर घेरा.
एक असाधारण प्राकृतिक आपदा ने इस क्षेत्र को प्रभावित किया है. यह ऐसी आपदा है जिसका अनुभव पहले कभी नहीं हुआ. हाल ही में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हुए क्लाउडबर्स्ट की तुलना में यह एक बहुत बड़ी घटना थी. आपदा अचानक आई, और प्रशासन, सुरक्षा बलों या स्थानीय अधिकारियों के पास इसकी कोई तैयारी नहीं थी. स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और सबसे पहली सूचना भी वहीं से मिली.
किश्तवाड़ जिले के चसोटी गांव में फ्लैश फ्लड से भारी तबाही हुई है. CM उमर अब्दुल्ला ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा लिया. अब तक 65 बॉडीज बरामद हुई हैं और कई लोग लापता हैं. इंडियन आर्मी, NDRF, SDRF और पुलिस रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं.
नाविक, जो भारत का गर्व था, आज फेल होने की कगार पर है. 11 में से सिर्फ 4 सैटेलाइट्स काम कर रहे. वो भी आंशिक रूप से. सरकार ने संसद में इसे माना, लेकिन अभी तक ठोस कदम नहीं उठे. 1999 के कारगिल सबक को याद करते हुए, हमें नाविक को बचाने की जरूरत है. वरना सुरक्षा और तकनीकी आत्मनिर्भरता पर असर पड़ेगा.
भारत तीन स्वदेशी छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) बना रहा है- 200 MW BSMR, 55 MW SMR और 5 MWth GCR हाइड्रोजन उत्पादन के लिए. इनकी लागत लगभग 5750 करोड़ रुपये है. ये 5-7 साल में बनेंगे. ये स्वच्छ बिजली और हाइड्रोजन देकर उद्योगों और परिवहन को पर्यावरण-अनुकूल बनाएंगे, जिससे भारत का नेट-जीरो लक्ष्य मजबूत होगा.
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि केन्द्रीय सिविल सेवा (छुट्टी) नियमावली, 1972 में केन्द्र सरकार के कार्मिकों के लिए अन्य पात्र छुट्टियों के अतिरिक्त, प्रतिवर्ष 30 दिनों की अर्जित छुट्टी मिलती है. इसके अलावा अन्य छुट्टियां भी मिलती हैं.
जन मन सर्वे लोगों को सरकार के साथ अपनी प्रतिक्रिया और राय सीधे तौर पर साझा करने के लिए एक मंच देता है. देश के हर कोने से प्रतिक्रियाएं इकट्ठा करके, यह सर्वे सुनिश्चित करता है कि लोगों की आवाज़ सुनी जाए और भविष्य की नीतियों को आकार देने में विचार किया जाए.