महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को बताया कि के दौरान उन्हें 6 लाख करोड़ रुपये का निवेश मिला है. प्रोग्राम के दौरान निवेश को लेकर हुए सेमिनार में विभिन्न क्षेत्रों में इतने बड़े निवेश को लेकर प्रतिबद्धता जताई गई है.
विभिन्न क्षेत्रों और जिलों में निवेश
एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने पत्रकारों को बताया, 'आज महाराष्ट्र निवेश सेमिनार में हमारे पास सहमति पत्रों (MoU) की संख्या 2,560 हो गई, जो 6.11 लाख करोड़ रुपये के हैं. इस निवेश को अलग-अलग क्षेत्रों और प्रदेश के विभिन्न राज्यों - मराठावाड़, विदर्भ, उत्तरी महाराष्ट्र, कोंकण और मुंबई में लगाया जाएगा.'
Maharashtra crosses few more milestones at
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis)
2436MOUs signed
6.11 lakh crore proposed investment
28.2 lakh estimated job creation
सबसे बड़े वादे महिंद्रा एंड महिंद्रा(4,270 करोड़ रुपये), पंचशील(5,000 करोड़), जेएसडब्ल्यू जैगढ़ पोर्ट(6,000 करोड़ रुपये) और आसीएफ कैमिकल्स(6,204 करोड़ रुपये) की तरफ से किए गए हैं.
लाखों युवाओं को मिलेगा रोजगार
फडनवीस ने कहा कि अब सरकार इन MoU को हकीकत में बदलने की दिशा में काम शुरू करेगी. उन्होंने कहा, 'ये MoU 20 लाख युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने में मदद करेंगे.'
यातायात में बड़े निवेश की संभावना
मुख्यमंत्री ने कहा कि वो रेलवे, सड़कें और मेट्रो को जोड़कर मुंबई को गतिशील बनाने के इच्छुक हैं. फडनवीस ने कहा कि रेलवे, सड़कें और मेट्रो में अगले 5-10 सालों में 4-5 लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है.
उद्धव ने की फडनवीस की तारीफ
ने 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम को सफलतापूर्ण तरीके से आयोजित करने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस की तारीफ की. उन्होंने कहा कि मुंबई की बेहतरी के लिए राज्य सरकार की तरफ से उठाए गए हर कदम का वो समर्थन करते हैं. उद्धव ने कहा, 'मुंबई को बेहतर बनाने के लिए आपके हर प्रयास को शिव सेना का साथ मिलेगा.' उन्होंने ये बात 'मेक इन इंडिया' वीक के 'मेक इन मुंबई' सेशन के दौरान कही.
Thank you UddhavJi for visiting Maharashtra Pavilion at & extending wholehearted support!
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis)
उद्धव ठाकरे के साथ सेल्फी
इस कार्यक्रम के दौरान देवेंद्र फडनवीस ने अपना फोन निकालकर कैमरा ऑन किया, तो उद्धव ने भी खुशी-खुशी उनके साथ सेल्फी खिंचवाई. इससे साफ है कि दोनों के बीच दूरियां कम हो गई हैं और प्रदेश के विकास के रास्ते पर दोनों एक-दूसरे का साथ देने को तैयार हैं.