पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में जांच अब उस मोड़ पर पहुंच गई है, जहां पुलिस सीन रीक्रिएट कर पूरी कहानी समझने की कोशिश कर रही है. आज रविवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे पुणे ग्रामीण पुलिस सिया गोयल को लोहागढ़ किले पर लेकर पहुंची. यही वो जगह है, जहां 18 जून को रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत हुई थी.
पुलिस ने यहां सीन रीक्रिएट कराया. यानी आरोपी से यह दिखवाया गया कि उस दिन क्या हुआ था, कौन कहां खड़ा था और आखिर केतन अग्रवाल खाई में कैसे गिरा. अधिकारियों के मुताबिक, पहले सिया गोयल को उस जगह ले जाया गया, जहां से कथित तौर पर उसने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन को धक्का दिया था.
यहां देखें Video...
पुलिस का कहना है कि इस पूरी कवायद का मकसद आरोपियों के बयानों को घटनास्थल की परिस्थितियों से मिलाना है. यानी जो कहानी दोनों पूछताछ में बता रहे हैं, क्या वह जमीन पर भी वैसी ही दिखती है? क्या जिस जगह का जिक्र किया गया, वहां से धक्का देना संभव था? क्या घटनाक्रम उसी क्रम में हुआ, जैसा आरोपी बता रहे हैं? इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं.

यह भी पढ़ें: Love, Lie and Law... भाई के क्रिकेट वाले दोस्त से प्यार, वहीं से शुरू हुई सिया-चेतन की कहानी
इस केस में अब तक की जांच के मुताबिक, 20 साल की सिया गोयल की इंगेजमेंट पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल से हुई थी. लेकिन पुलिस का दावा है कि सिया यह शादी नहीं करना चाहती थी. इस बीच उसका 22 साल के चेतन चौधरी के साथ अफेयर चल रहा था. पुलिस का आरोप है कि दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची.
यहां देखें Video
पूछताछ में सिया ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि अगर वह इस तय हो चुकी अरेंज मैरिज से इनकार करती, तो परिवार की बदनामी होती. इसलिए दोनों ने कथित तौर पर एक ऐसा रास्ता चुना, जिसने पूरे मामले को हत्या में बदल दिया. पुलिस के मुताबिक, केतन को घूमने के बहाने लोहागढ़ किले पर बुलाया गया और वहां मौका देखकर उसे गहरी खाई में धक्का दे दिया गया.
यहां देखें Video...
जांच टीम मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, डिजिटल फुटप्रिंट, सीसीटीवी फुटेज और घटना से पहले और बाद की एक्टिविटीज की भी जांच कर रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि हत्या की प्लानिंग कब बनी, कैसे बनी और क्या इसमें किसी और की भी कोई भूमिका थी.
पुणे ग्रामीण पुलिस का कहना है कि सीन रीक्रिएशन जांच का अहम हिस्सा है. अगर आरोपियों के बयान और घटनास्थल पर मिले सबूतों में कोई विरोधाभास मिलता है, तो जांच उसी आधार पर आगे बढ़ेगी.

क्या है पूरा मामला
18 जून को पुणे के 26 साल के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की लोहागढ़ किले से गिरकर मौत हो गई थी. शुरुआती तौर पर इसे हादसा माना गया, लेकिन पुलिस जांच में मामला कथित तौर पर साजिशन हत्या का निकला. पुलिस के अनुसार, केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ किले पर घूमने गए थे, जबकि सिया का कथित प्रेमी चेतन चौधरी पहले से वहां मौजूद था.
आरोप है कि पहले से बनाई गई प्लानिंग के तहत सिया ने इशारा किया और चेतन ने पीछे से केतन को गहरी खाई में धक्का दे दिया. पूछताछ में मिले इनपुट और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया है. अब सीन रीक्रिएशन सहित तकनीकी व फॉरेंसिक जांच के जरिए पूरे घटनाक्रम की जांच चल रही है.

केतन से शादी नहीं करना चाहती थी सिया
पुलिस जांच में इस मामले से जुड़े कई नए दावे सामने आए हैं. जांचकर्ताओं के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सिया गोयल ने कहा कि वह केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी, लेकिन अरेंज मैरिज का रिश्ता तोड़ने पर परिवार और समाज में बदनामी का डर था. पुलिस का दावा है कि इसी वजह से सिया और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने केतन को रास्ते से हटाने की प्लानिंग की.
जांच में यह भी सामने आया है कि सिया का मानना था कि केतन की मौत के बाद उसे शादी का फैसला टालने के लिए कम से कम तीन साल का समय मिल जाएगा. वहीं पुलिस को यह भी शक है कि चेतन ने भी सिया से शादी करने से पहले कुछ साल का वक्त मांगा था. जांच के दौरान यह जानकारी भी मिली कि फरवरी में सिया की इंगेजमेंट से पहले जनवरी में वह चेतन और अपने कुछ दोस्तों के साथ पांच दिन की उदयपुर ट्रिप पर गई थी. पुलिस इन सभी फैक्ट्स को जोड़कर जांच रही है.