देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे CJP ने अपना आंदोलन तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है. केंद्र सरकार की ओर से CJP की सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद संगठन के नेतृत्व ने यह बड़ा फैसला लिया है.
दिल्ली के कांस्टिट्यूशन क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने आंदोलनकारियों और देश भर से आए समर्थकों से अपील करते हुए कहा, ''केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई वार्ता पूरी तरह से सकारात्मक और सफल रही है. सरकार हमारी सभी प्रमुख मांगों को मानने पर पूरी तरह सहमत हो गई है. हमारी लड़ाई और प्रयास सफल रहे हैं, इसलिए सीजेपी जंतर-मंतर से इस आंदोलन को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का ऐलान करती है. हमारी सभी प्रदर्शनकारियों से विनम्र अपील है कि वे बिना किसी विलंब के शांतिपूर्ण तरीके से जंतर-मंतर खाली करें और तुरंत अपने-अपने घर के लिए रवाना हों.''
1. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीजेपी ने बताया कि आंदोलन की पहली और सबसे प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी. उन्होंने कहा, "सरकार ने हमारी इस मांग को पूरी तरह स्वीकार कर लिया है और आज कुछ देर पहले ही धर्मेंद्र प्रधान जी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है."
2. आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी FIR होंगी वापस
सीजेपी नेता सौरव दास ने दूसरी बड़ी मांग का जिक्र करते हुए बताया कि जिन-जिन राज्यों में BJP या उसके सहयोगी गठबंधन की सरकारें हैं, वहां छात्र आंदोलनकारियों पर दर्ज की गई सभी FIR वापस ली जाएंगी. उन्होंने कहा, "सरकार ने हमें स्पष्ट भरोसा दिया है कि भविष्य में भी किसी आंदोलनकारी या कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम के सदस्यों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई या एक्शन नहीं लिया जाएगा."
3. मुआवजे पर भी बनी सहमति
बयान में आशुतोष रांका ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान घायल हुए लोगों के इलाज और सहायता के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग पर भी सहमति बन गई है. सरकार इन सभी स्वीकृत बिंदुओं पर मंगलवार तक अपनी आधिकारिक गारंटी लिखित रूप में पेश कर देगी.
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का आधिकारिक वक्तव्य
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि आंदोलनकारियों की ओर से सरकार को चार सूत्रीय लिखित मसौदा सौंपा गया था. उन्होंने साफ किया कि सरकार नियमों के तहत अधिकतम मुआवजा देने, सभी राज्यों में दर्ज एफआईआर वापस लेने और शिक्षा सुधारों को लेकर दिए गए मांग-पत्र का अध्ययन करने पर सहमत हुई है. साथ ही आगे भी उनके प्रतिनिधिमंडल से संवाद कायम रखा जाएगा.
बैठक के अंत में सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने औपचारिक घोषणा करते हुए कहा, "हमारी सभी मुख्य मांगों के माने जाने के बाद हम अपने इस आंदोलन को तुरंत प्रभाव से वापस लेते हैं."