पुणे (Pune), जिसे 1978 तक पूना के नाम से जाना जाता था, भारत के महाराष्ट्र (Maharashtra) राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर है. इसे 'भारत में सबसे अधिक रहने योग्य शहर' के रूप में स्थान दिया गया है. मुथा नदी के किनारे पर दक्कन के पठार पर समुद्र तल से 560 मीटर (1,837 फीट) ऊपर स्थित है. यह सह्याद्री पर्वत श्रृंखला (Sahyadri mountain range) के नीचे की ओर है, जो अरब सागर (Arabian Sea) से एक अवरोध (barrier) बनाती है. यह एक पहाड़ी शहर है, जो वेताल हिल (Vetal Hill) समुद्र तल से 800 मीटर (2,600 फीट) ऊपर स्थित है. इस जिले का प्रशासनिक मुख्यालय भी यहीं है (Pune Geographical Location).
18वीं शताब्दी में, शहर पेशवाओं की सीट थी, जो मराठा साम्राज्य के प्रधानमंत्री थे और भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक केंद्रों में से एक थे. शहर से जुड़ी प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं में मुगल-मराठा युद्ध और एंग्लो-मराठा युद्ध शामिल हैं. 1947 में भारतीय स्वतंत्रता के बाद, इस जिले को एक आधुनिक महानगर में बदलने के लिए काफी संघर्षों का सामना करना पड़ा है (Pune History).
यहां की आधिकारिक और सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा मराठी है (Pune Language).
पुणे को व्यापक रूप से भारत का दूसरा प्रमुख 'आईटी हब' और शीर्ष 'ऑटोमोबाइल और भारत का विनिर्माण केंद्र' माना जाता है (Pune, IT hub of India).
यहां के प्रमुख पर्यटक और ऐतिहासिक स्थलों में लाल महल, कस्बा गणपति मंदिर और शनिवार वाड़ा शामिल हैं जो सैलानियों का ध्यान आकर्षित करती है (Pune Tourist Places).
Pune Waste-to-Energy Plant Collapse Update: महाराष्ट्र के पुणे से सटे पिंपरी-चिंचवड़ (मोशी) में कचरे का पहाड़ गिरने से वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट में हुए भीषण हादसे का दर्दनाक अंत हो चुका है. लगातार 83 घंटे तक चले मैराथन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे से आखिरी लापता कर्मचारी का शव भी निकाल लिया गया है, जिसके साथ ही इस त्रासदी में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 9 हो गया है.
लोनावला के केतन अग्रवाल हत्याकांड में पीड़ित पिता विशाल अग्रवाल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भावुक पत्र लिखकर जल्द इंसाफ की गुहार लगाई है. उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है. बेटे की हत्या के सदमे में उनके पिता का भी 20 दिन के भीतर निधन हो गया. इस मामले में सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी न्यायिक हिरासत में हैं. परिवार को अब जल्द न्याय मिलने की उम्मीद है.
लोनावला के केतन अग्रवाल हत्याकांड में पीड़ित परिवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से जल्द न्याय की अपील की है. केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने भावुक पत्र लिखकर मामले की फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है. परिवार का कहना है कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है और वे जल्द फैसला चाहते हैं.
पुणे के मोशी स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट में हुए भीषण हादसे को 72 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन मलबे के नीचे जिंदगी और मौत के बीच जारी जंग की कुछ ऐसी कहानियां सामने आ रही हैं जो रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं. मलबे के पहाड़ के नीचे 9 घंटे तक फंसे रहे विजय सपकाळ ने जब अपनी उम्मीद खो दी थी, तो उन्होंने अपनी पत्नी को आखिरी सेल्फी और मैसेज भेजा था.
पुणे के लोहागढ़ किला मौत मामले में पुलिस का दावा है कि सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने साजिश रचकर केतन अग्रवाल को चट्टान से धक्का दिया. हालांकि अदालत में अभी यह साबित होना बाकी है. पुलिस के पास प्रत्यक्षदर्शी या निर्णायक सबूत नहीं हैं और मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है. अदालत में अभियोजन को यह साबित करना होगा कि केतन दुर्घटनावश नहीं गिरा, बल्कि उसे जानबूझकर धक्का देकर हत्या की गई.
महाराष्ट्र के पुणे जिले के आलंदी में पालखी प्रस्थान के दौरान एक महिला और पुलिस के बीच विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. सुरक्षा कारणों से रास्ता बंद होने पर महिला ने विरोध जताया, पुलिस से बहस की और सड़क पर बैठ गई. बाद में कार बैरिकेड की ओर बढ़ने का वीडियो भी सामने आया. पुलिस पूरे मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है.
पुणे जिले के आलंदी में पालखी प्रस्थान के दौरान वीआईपी सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के बीच एक महिला का हाई वोल्टेज ड्रामा कैमरे में कैद हो गया. पुलिस से बहस के बाद महिला बीच सड़क पर लेट गई और फिर कार से बैरिकेड हटाकर आगे निकल गई. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
भारी बारिश के कहर के बीच महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ में एक बड़ा हादसा हुआ है. वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की इमारत पर कचरे का भारी ढेर गिरने से उसका एक हिस्सा ढह गया, जिसमें कई लोग मलबे में दब गए.
महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं. पुणे के मोशी इलाके में बारिश की वजह से वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की तीन मंजिला प्रशासनिक इमारत भारी बारिश के दौरान ढह गई. रिपोर्ट के अनुसार, कचरे के विशाल ढेर के खिसककर इमारत पर गिरने से यह हादसा हुआ, जिसमें करीब 15 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई है. मौके पर एनडीआरएफ, दमकल और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत-बचाव अभियान में जुटी हैं. अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जबकि बाकी लोगों को निकालने के प्रयास जारी हैं.
पुणे के मोशी इलाके में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की इमारत का एक हिस्सा भारी कचरा गिरने के कारण ढह गया. दूसरी मंजिल पर फंसे कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जबकि पहली मंजिल पर कुछ लोग मलबे में फंसे हैं. पुलिस, दमकल और राहत-बचाव दल मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं.
महाराष्ट्र इस वक्त मूसलाधार आफत का सामना कर रहा है. शासन -प्रशासन की साऱी तैयारियां बेबस नजर आ रही हैं. मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश जारी है. बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित है. वहीं मौसम विभाग ने मुंबई और ठाणे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 203.3 मिमी बारिश पालघर जिले में दर्ज की गई.
पुणे जिले में हाईवे स्टेट पुलिस के दो कॉन्स्टेबल और तीन वार्डन को एक परिवार से पांच लाख रुपये वसूलने की कोशिश में हिरासत में लिया गया है. आरोपियों ने लोनावला जा रहे शिकायतकर्ता और उसके परिवार को ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे मांगे थे. घटना 5 और 6 जुलाई की रात को बताई जा रही है.
पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस को चैट से सिया गोयल और चेतन चौधरी की कथित गुप्त शादी के संकेत मिले हैं. पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों की जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच डिजिटल साक्ष्यों, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है.
पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस को शक है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने वारदात से कुछ महीने पहले गुपचुप शादी कर ली थी. दोनों की चैट से इसके संकेत मिले हैं, जिसकी पुष्टि की जा रही है. पुलिस यह भी जांच रही है कि शादी कानूनी रूप से रजिस्टर्ड थी या नहीं. जांच में दावा है कि केतन उनके रिश्ते में बाधा था, इसलिए उसकी हत्या की साजिश रची गई.
मुंबई में लगातार तीन दिनों की मूसलाधार बारिश ने शहर को तीन दिशाओं से लगभग ठप कर दिया. मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, मुंबई-अहमदाबाद हाईवे और कोंकण मार्ग पर जलभराव, भूस्खलन और ट्रैफिक जाम के चलते हजारों यात्री घंटों फंसे रहे. ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुईं और महिलाओं-बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी.
महाराष्ट्र के पुणे में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच भूस्खलन का बड़ा हादसा सामने आया है. मावल में पहाड़ी का एक हिस्सा खिसककर एक घर पर आ गिरा, जिससे एक ही परिवार के तीन लोगों की मलबे में दबकर मौत हो गई. सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे और कई घंटों की मशक्कत के बाद मलबा हटाया गया.
पुणे में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच एक दो मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिरी..देखते ही देखते पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह जमींदोज हो गई. राहत की बात यह रही कि हादसे से पहले ही अग्निशमन विभाग ने इमारत में रह रहे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था, जिससे बड़ा हादसा टल गया. फिलहाल प्रशासन ने इलाके की घेराबंदी कर मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है.
मुंबई महानगरपालिका का बजट 7 राज्यों से भी बड़ा है..ये सच है कि, मुंबई में पिछले 5 दिन से रुक रुककर बारिश हो रही है लेकिन ये भी सच है कि, सालाना 80 हजार करोड़ के बजट वाली बीएमसी के इंतजाम भी नाकाफी दिख रहे हैं. वहीं, जिस मुंबई-पुणे एक्सप्रेस के मिसिंग लिंक का उद्घाटन 2 महीने पहले ही मुख्यमंत्री ने किया था. आज सुबह लैंडस्लाइड के बाद मिसिंग लिंक एक झरने में तब्दील हो गया.
पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक से आवागमन ठप हो गया था. 6 जून को तड़के हुए भूस्खलन के कारण इस मार्ग को यातायात के लिए बंद कर दिया गया था.
महाराष्ट्र में पुलिस और FDA ने सिंथेटिक दूध के बड़े रैकेट का खुलासा किया है. जांच में सामने आया कि 1 हजार लीटर असली दूध में 500 लीटर रसायनों से तैयार नकली दूध मिलाकर बाजार में बेचा जा रहा था. कार्रवाई में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 2 करोड़ रुपये से अधिक का सामान जब्त किया गया है.
पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट पर भारी बारिश के कारण सोमवार तड़के भूस्खलन हुआ. इसकी वजह से पहाड़ी से गिरे बड़े पत्थरों से टनल के निकास द्वार को नुकसान पहुंचा. MSRDC के मुताबिक, सुरक्षा उपाय अधूरे थे क्योंकि पत्थरों को रोकने के इंतजाम सिर्फ टनल के ऊपर 10 मीटर तक किए गए थे, जबकि भूस्खलन टनल के 150-200 मीटर ऊपर हुआ था.